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​ट्रेन यात्रियों को लोअर बर्थ के लिए देने पड़ सकते ही ज्‍यादा पैसा

ट्रेन का सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर रेलवे एक बार फिर बोझ बढ़ाने की तैयारी में है।

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नई दिल्‍ली। ट्रेन का सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर रेलवे एक बार फिर बोझ बढ़ाने की तैयारी में है। जी हां,रेलवे द्वारा गठित एक रिपोर्ट में इस संबंध में कई सिफारिशें की गई हैं। अगर सरकार इन सिफारिशों को मंजूरी दे देती है तो आपकी जेब पर भारी असर पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि रेलवे को दी गई सिफारिशों में ऐसा क्‍या कहा गया है। 

 

लोअर बर्थ की चुकानी पड़ेगी कीमत


रेलवे द्वारा गठित कमिटी ने सिफारिश की है कि जो पैसेंजर्स लोअर बर्थ लेना चाहते हैं उनसे अधिक किराया वसूला जाए। यानी अगर आप रेलवे टिकट बुक करते वक्‍त लोअर बर्थ लेना चाहते हैं तो नियमित किराया के अलावा भी पैसे देने पड़ेंगे। सूत्रों ने कहा कि कमिटी के मुताबिक  जिस तरह से विमान में यात्रियों को आगे की लाइन की सीटों के लिए अधिक भुगतान करना पड़ता है उसी तरह ट्रेनों में भी यात्रियों से उनकी पसंद की बर्थ के लिए अधिक किराया वसूला जाना चाहिए। 

 

बिजी रुट्स पर भी मुश्किलें 

 

इसके अलावा कमिटी ने बिजी रूट्स पर लोकप्रिय ट्रेनों के किराए में भी बढ़ोतरी की सिफारिश की है। यानी जिन रुट्स पर ज्‍यादा आवागमन लगा रहता है उन पर किराये का बोझ बढ़ेगा। बिजी रुट्स में बिहार और यूपी के रुट्स आते हैं। 

 

फेस्टिवल सीजन में किराया बढ़ेगा 
रेलवे की इस कमिटी ने फेस्टिवल सीजन के दौरान किराया बढ़ाने और अन्‍य महीनों के दौरान कम करने की सलाह दी है। सोर्स के मुताबिक कमिटी ने सुझाव दिया कि यात्रियों को असुविधाजनक समय पर गंतव्य तक पहुंचने वाले ट्रेनों पर डिस्‍काउंट की पेशकश की जाए।मसलन रात 12 से सुबह चार बजे और दोपहर को एक बजे से शाम पांच बजे तक पहुंचने वाली ट्रेनों के यात्रियों को किराये में रियायत दी जा सकती है।  आगे पढ़ें - किसने की है सिफारिश 

 

 

 

 समिति ने फ्लेक्सी किराया प्रणाली में इन बदलावों का सुझाव दिया है। इस प्रणाली में प्रीमियम ट्रेनों में किराया 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है जिसका विभिन्न हलकों से विरोध हो रहा है। फ्लेक्सी किराया प्रणाली में आधार किराया प्रत्येक 10 प्रतिशत सीटों की बुकिंग के बाद 10 प्रतिशत बढ़ जाता है। यह बढ़ोतरी 50 प्रतिशत तक होती है। सूत्रों ने बताया कि समिति ने रातभर में यात्रा पूरी करने वाली और पैंट्री कार सुविधा वाली रेलगाडि़यों में प्रीमियम शुल्क का भी सुझाव दिया है। 

 

 

कमिटी में कौन - कौन शामिल 
दरअसल, रेलवे किराए को लेकर गठित फेयर रिव्‍यू कमिटी ने इस संबंध में सिफारिश की है। इस कमिटी में रेलवे बोर्ड के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा नीति आयोग एडवाइजर रविंद्र गोयल, एयर इंडिया की एग्‍जक्‍यूटिव डायरेक्‍टर  (रेवेन्‍यू मैनेजमेंट ) मीनाक्षी मलिक, प्रोफेसर एस श्रीराम और दिल्‍ली के मेरीडीयन होटल के अधिकारी भी इस कमिटी में शामिल हैं। रेलवे बोर्ड को इस कमिटी ने अपनी रिपोर्ट सोमवार को सौंप दी। 

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