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रेडिमेड कपड़ों के कारोबार में आ रही है बॉम्बे डाइंग, जिन्‍ना से है नाता

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मुहम्‍मद अली जिन्‍ना की तस्वीर को लेकर उपजा विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

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नई दिल्‍ली.. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मुहम्‍मद अली जिन्‍ना की तस्वीर को लेकर उपजा विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जहां एक तरह थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद की वजह से यूनिवर्सिटी कैंपस में तनाव का माहौल है। इन विवादों के बीच जिन्‍ना से जुड़ी एक कंपनी भारत के रेडिमेड कारोबार में री-एंट्री करने जा रही है। इसका नाम टेक्सटाइल कंपनी बॉम्बे डाइंग है।

 

बॉम्बे डाइंग कर रही री-एंट्री 

 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टेक्सटाइल कंपनी बॉम्‍बे डाइंग की ओर से इस बात के संकेत दिए  हैं कि वह रेडिमेड कारोबार में दोबारा एंट्री करने वाली है। इस बार मेंस गारमेंट पर ज्‍यादा फोकस है। इसके लिए साउथ इंडिया में कंपनी रिसर्च भी कर रही है। लेकिन  अब सवाल है कि इस कंपनी का जिन्‍ना से क्‍या नाता है तो आज हम आपको अपनी रिपोर्ट में इसी सवाल का जवाब देने जा रहे हैं। आगे पढ़ें - जिन्‍ना से कंपनी का क्‍या है नाता ​

 

 

ऐसे है बॉम्‍बे डाइंग का जिन्‍ना से नाता 

 

साल 1879 में बनी बॉम्बे डाइंग वाडिया ग्रुप की कंपनी है।  वैसे तो वर्तमान में वाडिया ग्रुप के प्रमुख नुस्‍ली वाडिया है। लेकिन इस ग्रुप की जड़ें मोहम्‍मद अली जिन्‍ना से जुड़ती हैं। दरअसल, जिन्‍ना की बेटी दीना जिन्‍ना ने भारत के पारसी बिजनेसमैन से शादी की। वह पारसी बिजनेसमैन नेविली वा‍डिया थे। नेविली वाडिया उस दौर के मशहूर टेक्‍सटाइल इंडस्ट्रियलिस्‍ट नैस वाडिया के बेटे थे। 

 

ऐसे हुई दीना और नेविली वाडिया की मुलाकात 


पाकिस्‍तानी अखबार एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून के एक ब्‍लॉग के मुताबिक, 1936 में दीना की मुलाकात नेविली वा‍डिया से हुई। नेविली का परिवार पारसी था। हालांकि उनकी मां एक क्रिश्चियन थीं। ब्रिटेन में पैदा हुए नेविली दीना को अपने रंग-ढंग के लगे और दोनों को एक-दूसरे से प्‍यार हो गया।

आगे पढ़ें - दीना के प्‍यार पर जिन्‍ना को थी आपत्ति

 

दीना के प्‍यार पर जिन्‍ना को थी आपत्ति
1920 के आस-पास जिन्‍ना एक मुसलमान नेता के तौर पर तेजी से आगे बढ़ रहे थे। उधर दीना अपनी मां रति जिन्‍ना के साथ एक गुमनामी भरी जिन्‍दगी जी रहीं थीं। हालांकि रति जिन्‍ना एक खुले ख्‍यालों वाली महिला थीं इसलिए उन्‍होंने अपनी बेटी को भी खुले माहौल में पाला। इसी खुलेपन की वजह से दीना की जिंदगी में जब एक गैर-मुस्लिम आया तो वह उसे स्‍वीकार करने में पीछे नहीं हटीं। हालांकि अपनी छवि के चलते जिन्‍ना को अपनी बेटी के इस प्‍यार पर आपत्ति थी। 


जब जिन्‍ना बेटी के सामने हो गए खामोश 

 

जिन्‍ना को अपनी बेटी का नेविली वाडिया जैसे पारसी से रोमांस बर्दाशत नहीं था। एक जमाने में जिन्‍ना के असिस्‍टेंट रहे मोहम्‍मद अली करीम छागला ने जिन्‍ना पर किताब लिखी। इसमें उन्‍होंने जिन्‍ना के सवाल और उनके बेटी के जवाब का जिक्र किया है। किताब के मुताबिक, जिन्‍ना ने दीना से कहा, 'भारत में हजारों मुस्लिम लड़के हैं, तुम्‍हें वही एक मिला था।' जिन्‍ना का इशारा नेविली वाडिया के पारसी होने को लेकर था। इस पर दीना ने कहा, 'इस देश में हजारों मुस्लिम लड़कियां थीं, फिर आपको शादी करने के लिए मेरी मां ही मिली थीं।' दीना का इशारा अपनी मां के पारसी होने को लेकर था। छागला के मुताबिक, जिन्‍ना इसका कोई जवाब नहीं दे सके।


आगे पढ़ें - देश बंटा तो नहीं गई पाकिस्‍तान

देश बंटा तो नहीं गई पाकिस्‍तान
जिन्‍ना एक मुस्लिम पाकिस्‍तान के निर्माण में अपनी जान लगा चुके थे और वह इसमें सफल भी हुए। आजादी के साथ ही धर्म के नाम पर देश बंट गया। लेकिन दीना के अपने सपने कुछ और थे, वह अब भी एक धर्मनिरपेक्ष भारत में भरोसा कर रही थीं। मतलब एक बेटी ही अपने पिता को गलत साबित करने पर तुली थी। बाद के दिनों में पाकिस्‍तान के जो हालात बने और मात्र 3 दशक के भीतर जैसे वह बंटा, उससे साफ जाहिर होता है कि दीना की सोच अपने पिता से ज्‍यादा पुख्‍ता थी। यही कारण है कि देश जब बंटा तो दीना पाकिस्‍तान नहीं गईं और भारत में ही रहीं।
 
पापा डार्लिंग आपको अपना देश मुबारक, खुद का खयाल रखना
पाकिस्‍तान बनने के बाद दीना ने अपने पिता जिन्‍ना को कई खत लिखे। एक खत में उन्‍होंने लिखा कि ‘पापा डार्लिंग (अक्‍सर वह अपने पिता को इसी नाम से संबोधित करतीं थी) नया देश पाकिस्‍तान बनवाने में सफल होने की आपको ढेरों मुबारकबाद। मैं यह कह सकती हूं कि आपके सिद्धांत को सफलता मिल गई। उन्‍होंने आखिरी में लिखा पापा डार्लिंग अपना खयाल रखना। दीना ने पिछले साल आखिरी सांस ली। 
आगे पढ़ें - वाडिया ग्रुप के बारे में 

वाडिया ग्रुप के बारे में 
वाडिया ग्रुप टेक्‍सटाइल के अलावा कुकीज व एविएशन इंडस्‍ट्री में एक्टिव है। कुकीज की फेमस कंपनी ब्रिटानिया और एयरलाइन गो एयर, व टेक्‍सटाइल कंपनी बॉम्‍बे डांइग वाडिया ग्रुप की प्रमुख कंपनियां हैं। ग्रुप के  फोर्ब्‍स की ओर से हाल में जारी देश के टॉप 100 अमीरों की लिस्‍ट में नुस्‍ली वाडिया 25वें स्‍थान पर हैं। 

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