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नौकरी करते हैं तो कभी न करें 8 गलतियां, इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट का अलर्ट

अकसर देखा गया है कि जो लोग नौकरी करते हैं वो इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते वक्‍त कुछ जानकारियां छुपा लेते हैं।

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नई दिल्‍ली... अकसर देखा गया है कि जो लोग नौकरी करते हैं वो इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते वक्‍त कुछ जानकारियां छुपा लेते हैं। वहीं कई लोग ऐसे भी होते हैं जो इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट को गलत जानकारियां दे देते हैं। लेकिन अब ये गलतियां आपको मुश्किल में डाल सकती है। दरअसल, हाल ही में आईटी डिपार्टमेंट ने नौकरीपेशा लोगों को यह चेतावनी दी है।  सबसे पहले जानिए कि क्‍या चेतावनी दी है डिपार्टमेंट ने । 


क्‍या चेतावनी दी है डिपार्टमेंट ने 


डिपार्टमेंट ने कहा है कि अगर कोई नौकरीपेशा व्‍यक्ति इनकम टैक्‍स रिटर्न में अपनी इनकम को कम करके दिखाता है या इनकम टैक्‍स नियमों का उल्‍लंघन करता है तो उसके खिलाफ न सिर्फ मुकदमा दर्ज किया जाएगा बल्कि उसके एम्‍पलॉयर को भी उसके खिलाफ एक्‍शन के लिए कहा जाएगा।  इसके दायरे में सरकार के और पीएसयू के कर्मचारी भी आएंगे। बहरहाल, अब हम आपको बता रहे हैं कि आईटीआर फाइल करने से पहले किन बातों का ध्‍यान रखना सही रहेगा।  

 

 

 

1. अगर टैक्स बचाने के लिए फर्जी HRA बिल क्लेम करते हैं वो भी बिना किसी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट के तो ये फर्जीवाड़ा आपको भारी मुश्किल में डाल सकता है। फर्जी HRA क्लेम करने पर इनकम टैक्स विभाग की गाइडलाइंस के मुताबिक जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

 

2. 80C के तहते मिलने वाले छूट जैसे LIC बिल, मेडिकल इश्योरेंस जैसे पेमेंट 26AS से लिंक होते है। जिससे इसकी सारी जानकारी आयकर विभाग के पास उपलब्ध होती है। इसलिए फर्जी डॉक्यूमेंट लगाने पर इनकम टैक्स विभाग आसानी से पकड़ लेगा और आप हवालात पहुंच सकते हैं।
3. फॉर्म 26AS आपके सभी टैक्स का ब्योरा होता है, इसलिए जरूर है कि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से पहले टैक्स काट लिया गया हो। आपको यह पता करना है कि ITR में TDS की कैलकुलेशन फॉर्म 26AS के साथ मेल खाती है या नहीं।

 

आगे पढ़ें - किन बातों का ध्‍यान रखना सही रहेगा

 

4. अकसर देखा गया है कि लोगों में फॉर्म के सेलेक्‍शन की कमी के कारण गलतियां हो जाती हैं और फॉर्म रिजेक्‍ट हो जाता है। लेकिन अब इस गलती के कारण आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। फॉर्म सेलेक्‍शन को लेकर बकायदा नियम है। अपनी कैटेगरी के हिसाब से सही रिटर्न फॉर्म चुने और उसे भरे।

 

5. आईटीआर फॉर्म में पैन नंबर से लेकर बैंक अकाउंट नंबर तक के अहम डिटेल भरने होते हैं। इन्हें भरते वक्त गलती की आशंका रहती है। इसलिए सभी जानकारी ध्यान से भरें। अगर आपने कोई भी जानकारी गलत भर दी तो ना सिर्फ रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है बल्कि जुर्माना भी लग सकता है। 

 

6. बंद पड़े बैंक खातों के सिवा अपने बाकी बैंक खातों के बारे में बताना भी जरूरी है। कई बार लोग बिना जरूरत कई बैंक खाते खोल लेते हैं जबकि लेन-देन सिर्फ कुछ खातों में ही होता है। ऐसे में अपने बैंक खातों की जानकारी जरूर दें ।

 

7. अगर आपको सैलरी के अलावा अन्य तरीकों से कमाई होती है तो इसकी जानकारी आईटी डिपार्टमेंट जरूर दें। जैसे मकाना का किराया, कमीशन, डोनेशन, शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स आदि से इनकम का रिटर्न भरते समय जरुर जिक्र करें।

 

8. आमतौर पर विभिन्न सेविंग्स अकाउंट और बैंक में जमा फिक्स डिपॉजिट पर मिलने वाले इंटरेस्‍ट रेट की जानकारी नहीं देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाइए नहीं तो आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 

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