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खेती के लिए छोड़ दी थी IAS की नौकरी, खड़ी कर दी 5 हजार करोड़ की कंपनी

अगर आपके मन में कुछ अलग करने कुछ करने की तमन्‍ना हो तो दुनिया की कोई भी नौकरी आपको अच्‍छी नहीं लगेगी।

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नई दिल्‍ली... कहते हैं कि अगर आपके मन में कुछ अलग करने कुछ करने की तमन्‍ना हो तो दुनिया की कोई भी नौकरी आपको अच्‍छी नहीं लगेगी। फिर आप IAS रैंक की नौकरी भी छोड़ने में संकोच नहीं करेंगे। इसके सबसे बड़े उदाहरण भवरलाल जैन हैं। जैन इरीगेशन सिस्टम लिमिटेड के फाउंडर भवरलाल ने IAS रैंक की नौकरी छोड़ कर खेती में हाथ आजमाया और उनकी कंपनी 5 हजार करोड़ की हो गई है। आइए जानते हैं भवरलाल जैन के जन्‍मदिन पर उनकी सफलता की दिलचस्‍प कहानी। आगे पढ़ें - क्‍या है भवरलाल के सफलता की कहानी 


 

 

 

नौकरी छोड़ खेती को चुना 


12 दिसंबर 1937 को महाराष्ट्र के जलगांव जिले के छोटे से गांव में भवरलाल जैन का जन्म हुआ था। जब भवरलाल की उम्र 23 साल थी तब उन्‍होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी (डिप्टी कलेक्टर) की नौकरी के ऑफर को छोड़ दिया। उन्‍होंने नौकरी न चुन कर खेती करने का फैसला किया और अपने पुश्तैनी खेतों का रुख किया। यहां उन्‍होंने खेती शुरू कर दी। इस दौरान उन्‍होंने किसानों को होने वाली दिक्‍कतों  को समझा। 

 

7000 रुपए में शुरू किया बिजनेस 


तभी भवरलाल जैन को 1963 में खुद के कारोबार का आइडिया आया। इसके लिए उन्‍होंने 7000 रुपए के अमाउंट से बिजनेस की शुरुआत की। उन्‍होंने केरोसीन बेचने का काम शुरु किया। बिजनेस को जमाने के लिए वह डोर टू डोर केरोसिन पहुंचाने लगे। दिलचस्‍प बात यह है कि उनके केरोसिन की प्राइस मार्केट भाव से 40 फीसदी कम होती थी। भवरलाल की ये स्‍ट्रैटजी कारगर साबित हुई और उनका कारोबार बूस्‍ट करने लगा। उन्‍हें बेस्‍ट डीलरशिप का अवार्ड भी मिला। 
आगे पढ़ें - फिर शुरू किया किसानों के लिए काम 

 


इसके बाद उन्‍होंने जैन इरिगेशन सिस्टम्स् लि. की स्‍थापना की। आज यह कंपनी एग्री और स्‍टील सेक्‍टर में कई प्रोडक्‍ट बनाती है। उनमें पीवीसी पाइपिंग सिस्‍टम, प्‍लास्टिक शीट्स और सोलर पावर सिस्‍टम डेवलप प्रमुख हैं। 

 

 

5 हजार करोड़ की कंपनी 


वर्तमान में जैन इरिगेशन सिस्टम्स् लि. 1 बिलियन डॉलर यानी 10 हजार करोड़ के टर्न ओवर वाली कंपनी है। वहीं कंपनी का मार्केट कैप 5,379 करोड़ रुपए है। इस कंपनी के दुनियाभर में  30 यूनिट्स हैं। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक 6700 से अधिक रिटेलर्स और डिस्‍ट्रीब्‍यूटर जुड़े हैं। इनके माध्यम से 120 देशों में प्रोडक्‍ट डिलिवर किए जाते है। कंपनी की सर्विसेज से 45 लाख से ज्‍यादा किसान जुड़े हैं। भवरलाल ने पिछले साल इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 

 

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