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माल्‍या नहीं लेकिन किंगफिशर पर है लोगों को भरोसा, ऐसे हुई थी शुरुआत

भारत में भले ही शराब कारोबारी विजय माल्‍या की छवि भगोड़े की हो लेकिन उनका किंगफिशर ब्रांड अब भी लोगों की पहली पसंद है।

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नई दिल्‍ली.. भारत में भले ही शराब कारोबारी विजय माल्‍या की छवि भगोड़े की हो लेकिन उनका किंगफिशर ब्रांड अब भी लोगों की पहली पसंद है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सामने आई है। ब्रांड ट्रस्‍ट रिपोर्ट के मुताबिक अल्कोहलिक ड्रिंक्‍स में किंगफिशर बीयर लोगों का सबसे पसंदीदा ब्रांड है। जबकि ब्‍लैक डॉग और Budweiser क्रमश : दूसरे और तीसरे स्‍थान पर हैं। ब्रांड ट्रस्‍ट रिपोर्ट, TRA रिसर्च सीईओ एन चंद्रमौली ने कहा कि किंगफिशर बीयर ने पिछले 8 सालों से अपने शीर्ष स्‍थान को बरकरार रखा है। 

 

ये है टॉप 10 भरोसेमंद ब्रांड 

 

इस रैंकिंग में रॉयल स्‍टेज ब्रांड चौथे स्‍थान पर है। जबकि सिग्‍नेचर पांचवें और जॉनी वॉकर ब्रांड छठवें स्‍थान पर काबिज है। इसके अलावा सातवें स्‍थान पर Carlsberg है। जबकि ब्‍लेंडर्स प्राइड , Tuborg और इंपेरियल ब्‍लू क्रमश : आठवें, नौंवें और दसवें स्‍थान पर है।  TRA रिसर्च द्वारा यह रिपोर्ट 16 शहरों में करीब 2450 लोगों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर तैयार की गई हैं। 

 

 

कैसे हुई किंगफिशर की शुरुआत 
यूनाइटेड ब्रेवरीज (यूबी ग्रुप) की नींव साल 1857 में स्कॉटलैंड के थॉमस लेशमैन ने की थी। ये ग्रुप साउथ इंडिया में बीयर बनाता था। ग्रुप ने ब्रिटिश ब्रेवरीज से बीयर बनाना सीखा। आजादी से पहले यूबी ग्रुप ब्रिटिश सैनिकों के लिए बल्क में बीयर बनाती थी। ये तब बीयर को ट्रांसपोर्ट करती थी।

 

किंगफिशर ब्रांड की शुरूआत 60 के दशक में


साल 1947 में विट्टल माल्या इस कंपनी के पहले भारतीय डायरेक्टर बने। किंगफिशर ब्रांड की शुरूआत 60 के दशक में हुई। कंपनी ने दूसरी ब्रेवरीज कंपनी का अधिग्रहण करना शुरू कर दिया। मैकडॉवेल ग्रुप की दूसरी सब्सिडियरी कंपनी बन गई। इससे ग्रुप को अपना कारोबार वाइन और शराब कारोबार में बढ़ाने में मदद मिली है। आगे पढ़ें - माल्‍या ने कब संभाला कंपनी को 

 

 

कंपनी को साल 1983 में ज्वाइन


अपने पिता विट्टल माल्या के निधन के बाद विजय माल्या ने कंपनी को साल 1983 में ज्वाइन किया। किंगफिशर एयरलाइंस के लॉस में जाने के बाद विजय माल्या पर करीब 9,000 करोड़ रुपए का कर्जा हो गया। अब विजय माल्या लंदन में है और कंपनी की चेयरमैनशिप से इस्तीफा दे चुके हैं।

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