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बजट 2018: टैक्‍स सेविंग पर आप जेटली से कर सकते हैं ये 4 उम्‍मीदें, मोदी के पास आखिरी मौका

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी को आम बजट, 2018 पेश करेंगे।

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नई दिल्‍ली। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी को आम बजट, 2018 पेश करेंगे। ऐसे समय में जब इनकम टैक्‍स कलेक्‍शन बढ़ रहा है तो जेटली से आप टैक्‍स सेविंग के मोर्चे पर 4 अहम रियायतों की उम्‍मीद कर सकते हैं। इसमें एनपीएस को टैक्‍स के लिहाज से और आकर्षक बनाना, मेडिकल रीइम्‍बसमेंटट की लिमिट को बढ़ाना, इक्विटी में निवेश टैक्‍स फ्री रखना और इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 सी तहत टैक्‍स छूट की लिमिट 1.5 लाख रुपए से 2 लाख रुपए करना शामिल है। अगर मोदी सरकार आम बजट में ये कदम उठाती है तो इससे टैक्‍सपेयर्स को राहत मिलेगी और उनके पास निवेश या खर्च के लिए ज्‍यादा पैसा बचेगा। मोदी सरकार अपने कार्यकाल का यह पांचवा बजट पेश करेगी। ऐसे में आम टैक्‍सपेयर्स को राहत देने के लिए उनके पास यह आखिरी मौका होगा। 2019 में मोदी सरकार को शायद अंतरिम बजट ही पेश करना पड़ेगा। 

 

एनपीएस में निवेश को और आकर्षक बनाना 

 

पिछले समय के दोरान केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्‍टम यानी एनपीएस को निवेश के लिए आकर्षक बनाने के लिए कई कदम उठाएं हैं। आप एनपीएस में सालाना 1.5 लाख रुपए तक निवेश कर इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स छूट ले सकते हैं। लेकिन एनपीएस में विदड्रॉअल के समय कम से कम 20 फीसदी कार्पस पर टैक्‍स का प्रावधान है। इसकी वजह से बहुत से लोग अब भी एनपीएस में निवेश करने से हिचकते हैं। बजट में एनपीएस में पूरे कापर्स के विदड्रॉअल को टैक्‍स फ्री किया जा सकता है। इससे एनपीएस टैक्‍स के लिहाज से निवेश के लिए और आकर्षक विकल्‍प बन सकता है। 

 

टैक्‍स छूट के लिए मेडिकल बिल की लिमिट बढ़ाना 

 

मौजूदा समय में आप साल में 15000 रुपए के मेडिकल बिल पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। लेकिन मौजूदा समय में बढ़ते मेडिकल खर्च के लिहाज से यह लिमिट बहुत कम है। इस लिमिट को बढ़ाने की मांग काफी लंबे समय से हो रही है। ऐसे में वित्‍त मंत्री इस लिमिट को बढ़ा कर 30,000 करने का फैसला कर सकते हैं। इससे टैक्‍सपेयर्स के लिए टैक्‍स बचाने में मदद मिलेगी। 

 

इक्विटी मार्केट में निवेश टैक्‍स फ्री रखना 

 

मौजूदा समय में इक्विटी मार्केट में निवेश पूरी तरह से टैक्‍स फ्री है। पिछले एक साल के दौरान लोगों ने बड़े पैमाने पर म्‍युचुअल फंडों के जरिए इक्विटी मार्केट में निेवेश किया है। माना जा रहा है कि सरकार इक्विटी मार्केट में निवेश से मिलने पर रिटर्न पर टैक्‍स लगा सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह मिडिल क्‍लास के लिए एक बड़ा झटका होगा। बैंक डिपॉजिट और एफडी के अलावा स्‍माल सेविंग स्‍क्‍ीमों पर ब्‍याज दर कम हुईं हैं। ऐसे में लोग लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न के लिए इक्विटी मार्केट में एसआईपी के जरिए पैसा लगा रे है। ऐसे में अगर वित्‍त मंत्री इक्विटी मार्केट में निवेश को टैक्‍स फ्री रखते हैं तो यह टैक्‍स पेयर्स के लिए बड़ी राहत होगी। 

 

सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स छूट की लिमिट बढ़ा का 2 लाख करना 

 

मौजूदा समय में आप इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। इसके तहत आप इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, एनपीएस, ट्यूशन फीस, और होम लोन पेमेंट पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। आम बजट में वित्‍त मंत्री से आप इस लिमिट को 1.5 लाख रुपए से बढ़ा कर 2 लाख रुपए करने की उम्‍मीद कर सकते हैं। इससे इंडीविजुअल टैक्‍स पेयर्स के लिए टैक्‍स बचाने में आसानी होगी। 

 

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