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ऑनलाइन खरीदते हैं रेल टिकट तो चेक कर लें अपना प्रोफाइल, मोदी सरकार की यहां भी है नजर

अगर आप ऑनलाइन रेल टिकट खरीदते हैं अलर्ट हो जाएं। आप का हर एक ऑनलाइन ट्रांजैक्‍शन सरकार की नजर में है।

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नई दिल्‍ली। अगर आप ऑनलाइन रेल टिकट खरीदते हैं अलर्ट हो जाएं। आप का हर एक ऑनलाइन ट्रांजैक्‍शन सरकार की नजर में है। ऐसे में आप अपना प्रोफाइल चेक कर लें। खास कर अगर आप इनकम टैक्‍स रिटर्न नहीं भरते हैं तो आपको दिक्‍कत हो सकती है। इनकम टैक्‍स विभाग आपके प्रोफाइल को स्‍क्रूटनी के सेलेक्‍ट कर सकता है और इनकम टैक्‍स विभाग आपको नोटिस जारी कर पूछ सकता है कि आपकी इनकम कितनी है और आप इनकम टैक्‍स रिटर्न क्‍यों नहीं फाइल कर रहे हैं। 

 

ऑनलाइन और कैश दोनों तरह के ट्रांजैक्‍शन पर सरकार की नजर 

 

सीए अमरजीत चोपड़ा ने moneybhaskar.com को बताया कि आप ऑनलाइन रेल टिकट खरीदते हैं कैश। दोनों तरह का ट्रांजैक्‍शन आपके अकाउंट से चेक होगा। अगर आप ऑनललाइन टिकट खरीदते हैं तो यह पैसा आपके अकाउंट से कटेगा। अगर आपने यह अकाउंट डिक्‍लेयर नहीं किया है तो इनकम टैक्‍स डिपॉर्टमेंट आपको नोटिस देकर पूछ सकता है कि आपकी सालाना इनकम कितनी है और आपने रिटर्न क्‍यों नहीं फाइल किया है या आपने रिटर्न में यह अकाउंट डिक्‍लेयर क्‍यों नहीं किया है। खास कर एसी फस्‍ट और एसी सेकेंड का रेल टिकट खरीदने वालों की स्‍क्रूटनी पर सरकार ज्‍यादा जोर दे रही है। 

 

कैश रेल टिकट खरीदने वालों पर भी है नजर 

 

अमरजीत चोपड़ा का कहना है कि कैश रेल टिकट खरीदने वालों पर भी सरकार की नजर है। अगर किसी के बैंक अकाउंट विदड्रॉअल का रिकॉर्ड नहीं है तो इनकम टैक्‍स विभाग उस व्‍व्‍यक्ति से पूछ सकता है कि आपके अकाउंट से विद्ड्रॉअल नहीं हो रहा है। तो आप कैश में टिकट कहां से खरीद रहे हैं। अगर आप इस कैश के स्रोत को एक्‍सप्‍लेन नहीं कर पाते हैं तो आप कानून शिकंजे में फंस सकते हैं। 


आगे पढें- सालाना 2.5 लाख रुपए से अधिक इनकम वालों के लिए रिटर्न भरना है जरूरी 

2.5 लाख रुपए से अधिक इनकम वालों के लिए रिटर्न भरना है जरूरी

 

इनकम टैक्‍स एक्‍ट के तहत सालाना 2.5 लाख रुपए से अधिक इनकम वालों के लिए इनकम टैक्‍स रिटर्न भरना जरूरी है। इनकम टैक्‍स विभाग ऐसे लोगों को लगातार ट्रैक कर रहा है जिनको नियमों के तह‍त इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करना चाहिए और वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद इनकम टैक्‍स विभाग इस मोर्चे पर ज्‍यादा आक्रामक हो गया है। 

सभी एक्टिव बैंक अकाउंट डिक्‍लेयर करना भी जरूरी 

अगर आपके नाम 1 से अधिक एक्टिव बैंक अकाउंट है तो नए नियम के तहत आपको इनकम टैक्‍स रिटर्न में सभी एक्टिव बैंक अकाउंट को डिक्‍लेयर करना भी जरूरी है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तब भी आप इनकम टैक्‍स विभाग के शिकंजे में आ सकते हैं। 

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