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सरकार ने किया अलर्ट, बेनामी ट्रांजैक्‍शन से रहें दूर वरना 7 साल की होगी जेल

केंद्र सरकार ने लोगों को बेनामी ट्रांजैक्‍शन से दूर रहने की चेतावनी दी है।

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नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने लोगों को बेनामी ट्रांजैक्‍शन से दूर रहने की चेतावनी दी है। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने कहा है कि अगर कोई व्‍यक्ति बेनामी ट्रांजैक्‍शन में शामिल पाया जाता है तो नए कानून के तहत उसके खिलाफ आपराधिक मामला चलेगा और उसे 7 साल तक जेल की सजा हो सकती है। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने आज अखबारों में विज्ञापन जारी कर यह चेतावनी दी है। 

 

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने अटैच की 1,833 करोड़ रुपए की असेट 

 

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने अक्‍टूबर 2017 तक देश भर में 1,833 करोड़ रुपए की असेट अटैच की है। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने 1 नवंबर से बेनामी ट्रांजैक्‍शन पर एक्‍शन शुरू किया है। इसके अलावा देश भर में इनकम टैक्‍स विभाग बेनामी प्रॉपर्टी और बेनामी ट्रांजैक्‍शन की पहचान का काम कर रहा है। 

 

बेनामी प्रॉपर्टी एक्‍ट के तहत हो रहा है एक्‍शन 

 
बेनामी लेन-देन पर रोक लगाने के लिए बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन (प्रोहिबिशन) एक्‍ट – 1988 लागू था, जिसमें बेनामी लेनदेन करने पर तीन साल की जेल और जुर्माना या दोनों का प्रावधान था,  लेकिन मोदी सरकार ने इसे नाकाफी मानते हुए बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन (प्रोहिबिशन) (अमेंडमेंड) एक्‍ट – 2016 लागू किया है। इस नए एक्‍ट में सजा को कठोर कर दिया गया है। 

 

आगे पढें- किसे कहते हैं बेनामी प्रॉपर्टी 

किसे कहते हैं बेनामी प्रॉपर्टी


 
बेनामी यानी ऐसी प्रॉपर्टी, जिसे खरीदते वक्‍त लेन-देन उस व्‍यक्ति के नाम पर नहीं होता, जिसने इस प्रॉपर्टी की कीमत चुकाई है। मतलब प्रॉपर्टी का रजिस्‍ट्रेशन किसी और नाम पर होता है और पैसे का भुगतान कोई और करता है। ऐसी प्रॉपर्टी पत्नी, बच्चों या किसी रिश्तेदार के नाम पर खरीदी जाती है। इतना ही नहीं, कई लोग अपने नौकरों, दोस्‍तों के नाम पर भी ऐसी प्रॉपर्टी खरीदते हैं। ऐसी प्रॉपर्टी जिस व्‍यक्ति के नाम खरीदी जाती है, उसे बेनामदार कहा जाता है।

कैसे होती है पहचान
 
- यदि आपने अपने बेटे या बेटी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी है, लेकिन उसे आपने अपनी इनकम टैक्‍स रिटर्न में डिक्‍लेयर इनकम का हिस्‍सा नहीं दिखाया है तो उसे आपकी बेनामी प्रॉपर्टी  माना जाएगा।
- इतना ही नहीं, यदि आपके पास कोई ज्‍वाइंट प्रॉपर्टी है। मतलब, एक प्रॉपर्टी, जिसमें आपका नाम तो है, लेकिन आपने इस खर्च का जिक्र अपने इनकम टैक्‍स रिटर्न में नहीं किया है तो उसे भी बेनामी मान लिया जाएगा।
 
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