मोदी सरकार ले सकती है यह फैसला, चीन समेत 5 देशों को होगा बड़ा नुकसान

इस शिकायत में चीन का भी नाम सामने आया है। इस शिकायत में चीन का भी नाम सामने आया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेशी नीति को दुरुस्‍त करने में जुटी है। वहीं यह सरकार जब भारत के हितों की बात आती है तो उससे कोई समझौता नहीं करती है। यही वजह है कि मोदी सरकार देशहित में कई कठोर फैसले ले चुकी है। आने वाले दिनों में सरकार एक और फैसला ले सकती है। इस फैसले का प्रभाव चीन समेत दुनिया के 5 ताकतवर देशों के कारोबार पर पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर क्‍या हो सकता है वो फैसला।

moneybhaskar

Apr 20,2018 05:19:00 PM IST

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेशी नीति को दुरुस्‍त करने में जुटी है। वहीं यह सरकार जब भारत के हितों की बात आती है तो उससे कोई समझौता नहीं करती है। यही वजह है कि मोदी सरकार देशहित में कई कठोर फैसले ले चुकी है। आने वाले दिनों में सरकार एक और फैसला ले सकती है। इस फैसले का प्रभाव चीन समेत दुनिया के 5 ताकतवर देशों के कारोबार पर पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर क्‍या हो सकता है वो फैसला।

डोमेस्टिक मार्केट की शिकायत

दरअसल, बीते दिनों डोमेस्टिक मार्केट ने भारत सरकार से एक शिकायत की। इस शिकायत में कहा गया कि चीन, यूरोपिय यूनियन, कोरिया, ताइवान और थाइलैंड से आने वाले केमिकल की डंपिंग की वजह से भारत की डोमेस्टिक इंडस्‍ट्री को बड़ा नुकसान हो रहा है। यह केमिकल पेंट में इस्‍तेमाल होता है। बहरहाल, इस मामले को सरकार ने तुरंत संज्ञान में लिया है और जांच शुरू कर दी है। जांच में दोषी पाए जाने की स्थिति में भारत सरकार इन देशों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगा सकती है। आगे पढ़ें - क्‍या है एंटी डंपिंग ड्यूटी

क्‍या है एंटी डंपिंग ड्यूटी 

 

मोटे तौर पर कहा जाए तो बाहर से आने वाले सस्‍ते माल की वजह से अगर कि‍सी देश की डॉमेस्टिक इंडस्ट्री को खतरा पैदा हो तो उसे बचाने के लि‍ए सरकार एंटी डंपिंग लगाती है। इससे बाहर से आने वाले सामान की कीमत बढ़ जाती है और घरेलू मार्केट के बराबर या उससे ज्‍यादा दाम हो जाते हैं। सरकार के इन फैसलों का असर सीधे तौर पर विदेशी कंपनियों पर पड़ता है।

 

कब से कब तक की जांच
द डायरेक्टरेट जेनरल ऑफ एंटी डंपिंग एंड एलाइड ड्यूटी (DGAD) ने कहा है कि केमिकल की डंपिंग को लेकर इन देशों के खिलाफ पर्याप्‍त सबूत है। अथॉरिटी अब यह जांच  कर रही है कि इन देशों की डंपिंग के कारण डोमेस्टिक मार्केट को कितना नुकसान हो रहा है। उन्‍होंने आगे कहा कि अगर जांच में ये देश दोषी पाए जाते हैं तो सख्‍त फैसला लिया जाएगा। यह जांच अक्‍टूबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच के कारोबार की होगी।  

 

कौन सा है वो केमिकल 
जिस केमिकल को लेकर जांच हो रही है वो इपोक्सी रेसिन है। यह केमिकल  मरीन पेंट्स, इंडस्‍ट्रीयल पेंट्स, लैमिनेट्स, सिविल इंजीनियरिंग और कंस्‍ट्रक्‍शन इंडस्‍ट्री जैसे विभिन्न जगह पर इस्‍तेमाल होता है। 

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इस शिकायत में चीन का भी नाम सामने आया है।इस शिकायत में चीन का भी नाम सामने आया है।
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