Home » Personal Finance » Income Tax » UpdateIndia has once again china

चीन पर एक बार फिर भारी पड़ा भारत, Apple का नया खुलासा

। भारत और चीन के बीच के कॉम्‍पिटिशन अकसर देखने को मिल ही जाता है। कभी जीडीपी की रफ्तार को लेकर तो कभी हथियार को लेकर। आम

1 of

नई दिल्‍ली। भारत और चीन के बीच के कॉम्‍पिटिशन अकसर देखने को मिल ही जाता है। कभी जीडीपी की रफ्तार को लेकर तो कभी हथियार को लेकर। आमतौर पर हर बार भारत बाजी मार जाता है। भारत ने एक बार फिर चीन को पछाड़ दिया है। तो आइए जानते हैं कि कैसे चीन पर भारत भारी पड़ा है। तो आइए समझते हैं इस पूरे खेल को। 

 


चीन से पहले भारत पर फोकस 


दरअसल, अमेरिकी टेक कंपनी Apple के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में मीडिया से बात की। इस दौरान टिम कुक ने चीन की बजाए भारत के मार्केट को ज्‍यादा तवज्‍जो दी। यही नहीं, कंपनी की ओर से यह भी कहा गया कि हमारे बिजनेस का फोकस भारतीय बाजार पर होगा।  

 

 

भारत के बारे में क्‍या कहा कुक ने  


कंपनी के नतीजे जारी करते हुए मंगलवार देर रात कुक ने कहा, 'मुझे भारत से शुरू करने दीजिए, और उसके बाद मैं चीन के बारे में बात करूंगा। हमने पहली छमाही में नया रिकार्ड बनाया है, इसलिए हम भारतीय मार्केट में ज्‍यादा फोकस करेंगे।  समय के साथ हमारा उद्देश्य रिटेल और अन्य सभी तरीकों से वहां विस्‍तार करना होगा। उन्‍होंने कहा कि भारत एक बड़ा मार्केट है, और यहां पर तेजी से लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है।  भारत में तेजी से मिडिल क्‍लास भी बढ़ रहा है और यहां अन्‍य देशों की तुलना में स्थिति अच्‍छी है। 

आगे पढ़ें - कंपनी का कितना बढ़ा कारोबार  

 

16 फीसदी बढ़ा कारोबार

 

उन्‍होंने बताया कि कंपनी का वैश्विक कारोबार 16 फीसदी बढ़कर 4 लाख करोड़ रुपए (61.1 अरब डालर) हो गया है। कंपनी की रेवेन्‍यू में 65 फीसदी हिस्‍सेदारी ग्‍लोबल मार्केट की है। यह मार्च तिमाही कंपनी के लिए काफी अच्‍छी रही है। उन्‍होंने बताया कि लोगों को इस दौरान iPhone का iPhone X मॉडल सबसे ज्‍यादा पसंद किया है। 

 

भारत में बढ़ी  iPhones की मांग 
CEO टिम कुक ने तिमाही रिजल्‍ट जारी करते हुए बताया कि भारत को छोड़ कर iPhones की मांग में कमी दर्ज की गई है। इस दौरान भारत में प्रीमियम स्‍मार्ट फोन कैटेगरी में एप्‍पल का मार्केट शेयर बढ़कर 20 फीसदी हो गया है। एप्‍पल का वित्‍त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रेवेन्‍यू बढ़कर 4 लाख करोड़ रुपए (61.1 अरब डालर) हो गया है, वहीं नेट प्रॉफिट बढ़कर 91 हजार करोड़ (13.8 अरब डालर) हो गया। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Don't Miss