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टैक्‍स चोरी की तो फटाफट मिलेगा IT नोटिस, सरकार ने आउटसोर्सिंग बजट किया डबल

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट अब टैक्‍स चोरी करने वालों को पहचान कर इनकम टैक्‍स नोटिस भेजने का काम फटाफट करेगा।

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नई दिल्‍ली। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट अब टैक्‍स चोरी करने वालों को पहचान कर इनकम टैक्‍स नोटिस भेजने का काम फटाफट करेगा। इसमें लगने वाला महीनों का समय अब बीते दिनों की बात हो जाएगी। डिपार्टमेंट ने काम के बढ़ते बोझ को देखते हुए आउटसोर्सिंग का बजट बढ़ा कर दोगुना कर दिया है। इससे इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट आउटसोर्सिंग के जरिए ज्‍यादा डाटा एंट्री ऑपरेटर को काम पर रख पाएगा और इससे इनकम टैक्‍स विभाग का काम तेज गति से होगा।  

 

बेनामी प्रॉपर्टी रखने वालों के खिलाफ एक्‍शन में आएगी तेजी 

 

इनकम टैक्‍स विभाग के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के अब इनकम टैक्‍स विभाग का एडमिनि‍स्‍ट्रेटिव कमिश्‍नर आउटसोर्सिंग पर 60 लाख रुपए तक खर्च कर सकेगा। पहले इसकी सीमा 30 लाख रुपए थी। इस तरह से अब वह आउटसोर्सिंग पर पहले की तुलना में दोगुना पैसा खर्च कर सकता है। इससे अब इनकम टैक्‍स विभाग काम के बढ़ते बोझ को देखते हुए ज्‍यादा डाटा एंट्री ऑपरेटर को काम पर रख रहा है। इससे बेनामी प्रॉपर्टी रखने वालों की पहचान करने और उनको नोटिस भेजने के काम में तेजी आएगी।

 

आउटसोर्सिंग पर खर्च कर सकेंगे 150 करोड़ 

 

मौजूदा समय में देशभर में कुल 250 एडमिनिस्‍ट्रेवि कमिश्‍नर हैं। इस हिसाब से देखें तो 250 एडमिनिस्‍ट्रेटिव कमिश्‍नर आउटसोर्सिंग पर एक साल में कुल 1 50 करोड़ रुपए खर्च कर सकेंगे। पहले यह बजट 75 करोड़ रुपए था। अधिकारी के मुताबिक नोटबंदी के बाद इनकम टैक्‍स विभाग का काम बहुत बढ़ गया है। इस लिए आउटसोर्सिंग पर बजट बढ़ाए जाने की जरूरत थी। 

 

डाटा एंट्री का काम आउटसोर्सिंग से 

 

अधिकारी के मुताबिक आउटसोर्सिंग के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर को नियुक्‍त किया जाता है और ये डाटा एंट्री ऑपरेटर डाट एंट्री का काम करते हैं। अब इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ज्‍यादा डाटा एंट्री ऑपरेटर को काम पर लगा सकेगा। इससे इनकम टैक्‍स विभाग डाटा से जुड़े प्रॉसेस को तेजी से आगे बढ़ा पाएगा। 

 

टैक्‍स चोरों को कैसे मिलेगा फटाफट नोटिस 

 

अधिकारी के मुताबिक इनकम टैक्‍स रिटर्न के असेसमेंट का काम नियमित कर्मचारी करते हैं। लेकिन इसके लिए उनको जो डाटा चाहिए उसकी प्रोसेसिग में तेजी आएगी। इसका असर असेसमेंट और नोटिस भेजने की प्रक्रिया पर भी पड़ेगा। यानी असेसमेंट का काम और इनकम टैक्‍स नोटिस भेजने के काम में तेजी आएगी। 

 

आगे पढें- 31 मई तक नोटिस भेजने का टार्गेट 

टैक्‍स चोरी के मामलों में 31  मई

तक नोटिस भेजने का टार्गेट 

 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍स सीबीडीटी ने पहले ही नोटबंदी के बाद बैंक में हुए ट्रांजैक्‍शन और इसमें सामने आए टैक्‍स चोरी करने के मामलों में नोटिस भेजने की समय सीमा 31 मई, 2018 तय की है। यानी 31 मई तक इनकम टैक्‍स विभाग को इनकम टैक्‍स नोटिस भेजने का काम पूरा करना होगा। 

टैक्‍स नेट में आए लगभग 1 करोड़ टैक्‍सपेयर्स 

वित्‍त वर्ष 2017-18 में इनकम टैक्‍स विभाग ने लगभग 1 करोड़ लोगों को टैक्‍स नेट में जोड़ने में सफलता पाई है। यानी लगभग 1 करोड़ लोगों ने पहली बार इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल किया है। इनकम टैक्‍स विभाग ने पिछले वित्‍त वर्ष में 1 करोड़ 20 लाख नए इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलर्स टैक्‍स नेट में जोड़ने का लक्ष्‍य तय किया था। इनकम टैक्‍स्‍ विभाग को इस लक्ष्‍य को हासिल करने में काफी हद तक सफलता मिली है। 

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