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80C के अलावा इन 4 तरीकों से भी बचा सकते हैं टैक्‍स, बचा है सि‍र्फ डेढ़ महीना

इनकम टैक्‍स भरते समय आपको अपनी सेविंग और उन खर्चों की पूरी डिटेल देनी होती है, जि‍ससे आपके टैक्स की बचत होती है।

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नई दिल्ली, इनकम टैक्‍स भरते समय आपको अपनी सेविंग और उन खर्चों की पूरी डिटेल देनी होती है, जि‍ससे आपके टैक्स की बचत होती है। टैक्स डिडक्शन की श्रेणी में आने वाले अधिकांश खर्चे 80 C के तहत आते हैं। हालांकि कुछ ऐसे खर्चे भी होते हैं जो आपकी टैक्स की बचत करते हैं, लेकि‍न ये आयकर की धारा 80 C के दायरे में नहीं बल्कि अन्य धाराओं के अंतर्गत आते हैं। ऐसे मेंं अगर 2017-18 का रि‍टर्न भरना अभी बाकी है तो आपके पास है 31 मार्च तक का समय। 31 मार्च तक आप इन 3 तरीकों को अपनाकर बचा सकते हैं अपना टैक्‍स।
आज moneybhaskar.com बता रहा है ऐसे ही कुछ खर्चों के बारे में जो बचाते हैं आपका टैक्‍स : 
आगे पढ़ें : कि‍न-कि‍न तरीकों से बचा सकते हैं टैक्‍स 
मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम 
 
मेडिकल इंश्योरेंस के लिए भुगतान की गई प्रीमियम राशि कटौती के लिए योग्य होती है। इस सेक्शन के तहत क्लेम की जाने वाली अधिकतम राशि 60,000 रुपये है। लेकिन इसमें कई उप सीमाएं भी शामिल हैं। कोई भी व्यक्ति 25000 रुपये की प्रीमियम राशि पर अधिकतम कटौती क्लेम कर सकता है जो उसने खुद के लिए, पत्नी या आश्रित बच्चों के लिए दी है। इसके साथ ही 25000 रुपये की अतिरिक्त कटौती भी वैध होती है। वहीं, अगर पॉलिसी धारक वरिष्ठ नागरिक है तो कटौती की लिमिट 30,000 रुपये है। 
पढ़ाई के लि‍ए लि‍या गया लोन 
 
अगर आपने अपने लिए, पत्नी या बच्चे के लिए एजुकेशन लोन लिया हुआ है। ऐसे में आपको  सेक्शन 80 E के तहत लोन के लिए भुगतान की गई ब्याज राशि पर क्लेम कर सकते हैं। किसी भी वित्त वर्ष में भुगतान की गई कुल ब्याज राशि बिना किसी लिमिट के इस कटौती के लिए वैध है। 
होम लोन 
 
होम लोन के ब्याज भुगतान पर टैक्स ब्रेक की सुविधा इनकम टैक्‍स की धारा 24 के तहत दी जाती है। सेल्फ ऑक्युपाइड प्रॉपर्टी पर अधिकतम टैक्स डिडक्शन की सीमा 2 लाख रुपए निर्धारित है।
वहीं, फर्स्ट टाइम बायर्स के लिए होम लोन की ब्याज राशि पर सेक्सन 80 EE के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त कटौती का प्रावधान है। लेकि‍न इसकी एक शर्त यह भी है कि‍ लोन राशि 35 लाख रुपये से कम और घर की कीमत 50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। 
बता दें कि‍, सेक्शन 80सी के तहत होम लोन रिपेमेंट की प्रिंसिपल राशि पर छूट उपलब्ध है। इस सेक्शन के अंतर्गत लागू कटौती में यह बात मायने नहीं रखती है कि आपने किस साल में भुगतान किया है। स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की राशि भी इस सेक्शन के अंतर्गत कटौती योग्य होती है। 
 
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