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इन 10 वजहों से बढ़ जाता है आपका हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम

आजकल लाइफ स्‍टाइल से जुड़ी बीमारियां जैसे डायबिटीज, ब्‍लड प्रेशर, हार्ट डिसीज और कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।

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नई दिल्‍ली। आजकल लाइफ स्‍टाइल से जुड़ी बीमारियां जैसे डायबिटीज, ब्‍लड प्रेशर, हार्ट डिसीज और कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। इलाज पर बढ़ती लागत को देखते हुए भी हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर का महत्‍व बढ़ रहा है। अगर आप फैमिली के लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर लेते हैं तो इससे किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी होने पर आपको आर्थिक सुरक्षा मिलती है। आपको या आपके परिवार में किसी को कोई बीमारी हो जाती है तो इलाज पर आने वाला खर्च बीमा कंपनी वहन करती है। आपको हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर के लिए हर माह एक तय रकम प्रीमियम के तौर पर चुकानी होती है। बीमा कंपनियां कई फैक्‍टर के आधार पर यह प्रीमियम तय करती हैं। आज हम आपको 10 ऐसी वजहों के बारे में बता रहे हैं जिसकी वजह से आपके लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम बढ़ जाता है। 

 

पहले से कोई बीमारी होना 

 

बैंकबाजारडॉटकॉम के अनुसार अगर आप हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी लेने जा रहे हैं तो आपको अपनी मेडिकल हिस्‍ट्री के बारे में जानकारी देनी होती है। ऐसे में अगर आपको पहले से कोई बीमारी है तो आपको इसके बारे में बताना होगा। कई कंपनियां इस बीमारी को हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी में कवर करती हैं और कई कंपनियां कवर करने से मना कर देतेी हैं। अगर आपको किसी को पहले से कोई बीमारी है तो हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम ज्‍यादा हो सकता है। 

 

फैमिली मेडिकल हिस्‍ट्री 

 

जब आप इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए आवेदन करते हैं तो कंपनियां आपके फैमिली की मेडिकल हिस्‍ट्री के बारे में भी जानकारी मांगती हैं। अगर आपकी फैमिली में पहले से किसी सदस्‍य को हार्ट डिसीज या कैंसर जैसी बीमारी रही है तो आपको भी यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आपके लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम ज्‍यादा होगा। 

 

बॉडी मॉस इंडेक्‍स यानी बीएमआई 

 

अधिक बॉडी मॉस इंडेक्‍स वालों के लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम सामान्‍य बॉडी मॉस इंडेक्‍स वालों की तुलना में अधिक होता है। ज्‍यादा बॉडी मॉस इंडेक्‍स से हार्ट प्रॉब्‍लम, डायबिटीज, ज्‍वाइंट प्रॉब्‍लम जैसी बीमारियां होने की ज्‍यादा संभावना होती है। ऐसे में प्रीमियम बढ़ जाता है। 

 

लिंग के आधार पर प्रीमियम में अंतर 

कई हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी में पुरूषों और महिलाओं के लिए प्रीमियम रेट में अंतर होता है। एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि महिलाओं के डॉक्‍टर के पास जाने, प्रेस्क्रिप्‍शन लेने ओर बीमारी होने की संभावना ज्‍यादा होती है। इसकी वजह से उनके लिए प्रीमियम ज्‍यादा हो सकता है। 

 

उम्र 

 

ज्‍यादातर युवा इंडीविजुअल के लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम कम होता है। युवाओं को किसी तरह की बीमारी होने की संभावना कम होत है वहीं उम्र बढ़ने के साथ बीमारी की संभावना बढ़ती जाती है। ऐसे में कम उम्र में हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी लेना फायदेमंद होता है। 

 

प्रोफेशन 

 

आप क्‍या काम करते हैं यानी किस प्रोफेशन में हैं। इसका असर भी आपके प्रीमियम पर पड़ता है। अगेर कोई व्‍यक्ति ऐसे प्रोफेशन में काम करता है जो स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानहेह हो सकता है तो आपके लिए प्रीमियम बढ़ जाएगा। उदाहरण के लिए अगर कोई व्‍यक्ति ऐसी जगह पर काम करता है जहां रेडिएशन, और केमिकल से एक्‍सपोजर का खतरा है। इसके अलावा अगर कोई कंस्‍ट्रक्‍शन सेक्‍टर में काम करता है तो उसके लिए भी प्रीमियम बढ़ जाता है। 

 

मैरिड हैं या नहीं

 

हालांकि अभी यह साबित नहीं हुआ है कि मैरिड लोग ज्‍यादा जीतें ओर ज्‍यादा स्‍वस्‍थ रहते हैं लेकिन आम तौर पर बीमा कंपनियां मैरिड लोगों के लिए कम हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम चार्ज करती हैं। 

 

पहले नहीं कराया है हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस 

अगर आपने पहले से हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस नहीं कराया है तो बीमा कंपनियां आम तौर पर ऐसे लोगों से ज्‍यादा प्रीमियम लेती हैं। बीमा कंपनियां मानती हैं कि ऐसा व्‍यक्ति हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस का फायदा उठाने के लिए अब ज्‍यादा डॉक्‍टर के पास हॉस्पिटल जाएगा। ऐसे में वे ज्‍यादा प्रीमियम चार्ज करती हैं।  

 

कहां रहते हैं आप 

 

कई बीमा कंपनियां हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम इस आधार पर भी तय करती हैं कि आप कहां करते हैं। अगर उनको लगता है कि किसी खास जगह की जलवायु अच्‍छी नहीं है, वहां पर हेल्‍थ फूड के ऑप्‍शन कम हैं और वहां के लोग एक्‍सरसाइज नहीं करते हैं तो वे प्रीमियम बढ़ा देती हैं। 

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