रिपोर्ट /दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ 35 फीसदी लोगों के पास है हेल्थ इंश्योरेंस

  • देशभर के 100 में से केवल 19 पिताओं के लिए सेहत सबसे बड़ी प्राथमिकता है
  • 100 में से 49 को लगता है की वे काम के तनाव में है जिसका सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है

Moneybhaskar.com

Aug 07,2019 03:48:42 PM IST

नई दिल्ली.
फ्यूचर जनराली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और निजी क्षेत्र की रिसर्च कंपनी मार्केट एक्सेल ने देशभर के लोगों के बीच हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर सर्वे किया है, जिसमें सामने आया है कि दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ 35 फीसदी लोगों ने हेल्थ इंश्योरेंस लिया है। यह औसत अन्य महानगरों के मुकाबले सबसे कम है। युवा पिता अपनी सेहत के बारे में ख्याल नहीं रखते पर उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की सबसे अधिक चिंता है।

काम के चलते पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा बुरा असर

सर्वेक्षण के मुताबिक देश की राजधानी में केवल 17 फीसदी अपनी सेहत की चिंता करते हैं और 38 फीसदी लोगों को उनके बच्चों के भविष्य की चिंता है। उसके बाद वित्तीय सुरक्षा (16 फीसदी) और परिवार को खोने का डर (14 फीसदी) की चिंता है। सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है की उनके काम के कारण उनके पारिवारिक जीवन पर बुरा असर पड रहा है और इस से तनाव की स्थिति भी पैदा हो रही है। शहर के लगभग 58 फीसदी लोगों के मुताबिक काम के कारण उनके पारिवारिक जीवन पर बुरा असर पड रहा है।

छुटिट्यों पर जाने से मिल सकती है तनाव से निजात

काम से आनेवाला तनाव मुख्य समस्या है और दिल्ली एनसीआर के 73 फीसदी लोगों के अनुसार वे हफ्ते में 6 दिन काम करते हैं। इनके अलावा 64 फीसदी लोग औसतन 7-8 घंटे काम करते हैं जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। बदलते जीवनशैली के चलते पिता अच्छी सेहत का महत्त्व जानते हैं पर उन्हें लगता है की वे प्रर्याप्त नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे ही उन्हें काम के चलते थकावट महसूस होती है। 51 फीसदी लोगों के अनुसार छुट्टियां और 57 फीसदी लोगों के अनुसार दोस्तों तथा परिवार के साथ आउटिंग पर जाने से उन्हें इस तनाव से निजात मिल सकती है।

100 में से 19 पिताओं के लिए सेहत है प्राथमिकता

महत्त्वपूर्ण बात यह है की दिल्ली एनसीआर के केवल 35 प्रतिशत लोगों ने हेल्थ इंश्योरेंस लिया है जो देश के महानगरों में सबसे कम फीसदी है। सर्वेक्षण से यह भी सामने आया है कि देशभर के 100 में से केवल 19 पिताओं ने सेहत सबसे बड़ी प्राथमिकता बताई है। उनके साथ 100 में से 49 पालकों को लगता है की वे काम के तनाव में है तथा उनके सेहत पर उसका घातक परिणाम हो सकता है।

सात शहरों के 1319 लोगों पर किया गया सर्वे

फ्यूचर जनराली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के चीफ मार्केटिंग अफसर राकेश वाधवा के अनुसार “इस सर्वेक्षण के माध्यम से हमें भारतीय पिताओं की जिंदगी की प्राथमिकता क्या होती है और सेहत के बारे में हमें जानकारी लेनी थी। सेहत परिवार में काफी चर्चित विषय होने के बावजूद उनका वैयक्तिक समय कम हो रहा है। युवा पिता जो अपनी सेहत की ओर कम ध्यान दे रहें है, जिस से उन्हें बीमारियां या काम के तनाव के चलते उन्हें तकलीफ उठानी पड़ती है। सर्वेक्षण से यह सामने आया है कि पिता साधारण तौर पर अपनी सेहत की ओर अनदेखी करते हुए अपने बच्चों के अच्छे जीवन पर जोर दे रहे है। हमारा यह विश्वास है की सेहत आपकी सच्ची संपत्ति है और इसलिए अन्य किसी भी वित्तीय लक्ष्य की तुलना में इस लक्ष्य को साध्य करना जरूरी है।” भारत के मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, कोलकाता और दिल्ली एनसीआर इन सात शहरों में लगभग 35 साल की उम्र के 1319 लोगों का सर्वे किया गया था। सर्वेक्षण किए गए लोग यह डिग्री धारक हैं और उनकी सालाना आय 5 लाख रुपए से अधिक है।

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