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बजट 2020 /एनपीएस से जुड़े उत्पादों की देखरेख नहीं करेगी नई पेंशन रेगुलेटरी

  • सभी पेंशन उत्पादों के लिए पीएफआरडीए एक्ट में होगा बदलाव
  • संसद के आगामी बजट सत्र में आ सकता है संशोधन का प्रस्ताव

Moneybhaskar.com

Jan 13,2020 05:31:58 PM IST

नई दिल्ली। केंद्र सरकार सभी पेंशन उत्पादों के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) को नया रेगुलेटर बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए सरकार पीएफआरडीए एक्ट में बदलाव करेगी। इस मामले से वाकिफ एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से सीएनबीसी टीवी-18 की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संसद के आगामी बजट सत्र में पीएफआरडीए एक्ट में बदलाव किया जा सकता है।

पीएफआरडीए के नाम से हटाया जाएगा फंड शब्द

रिपोर्ट में कहा गया है कि एफआरडीए एक्ट में बदलाव के लिए बनाई गई अंतर मंत्रालयी कमेटी ने प्रक्रिया पूरी कर ली है। पेंशन और बीमा उत्पादों के लिए अलग रेगुलेटरी बनाने के मकसद से यह बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत पीएफआरडीए के नाम से फंड शब्द को हटाकर नई रेगुलेटरी का नाम बदलकर पेंशन रेगुलेटरी एंड डवलपमेंट अथॉरिटी रखा जा सकता है। फिलहाल बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स की ओर से बेचे जा रहे पेंशन उत्पादों की देखरेख का कार्य इरडा और सेबी करते हैं।

ईपीएफओ और एनपीएस के उत्पाद होंगे अलग

रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से चलाई जा रहीं पेशन स्कीम्स को नई रेगुलेटरी के दायरे से बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा नेशनल पेंशन स्कीम ट्रस्ट को भी नई रेगुलेटरी से अलग रखा जा सकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एनपीएस ट्रस्ट को चैरिटेबल ट्रस्ट या कंपनीज एक्ट के दायरे में लाया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, एनपीएस ट्रस्ट को सरकार एक 15 सदस्यीय बोर्ड के माध्यम से संचालित कर सकती है जिसमें 8 सदस्य सरकार की ओर से नियुक्त किए जाएंगे।

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