साइबर सुरक्षा /मोबाइल, लैपटॉप हैक या करप्ट हो जाए तो साइबर बीमा से लें क्लेम, एसबीआई ने लांच की नई सेवा

  • हैकिंग के हमले, आपकी पहचान संबंधी डाटा की चोरी व संवेदनशील जानकारी के सार्वजनिक होने से बिजनेस में आने वाली परेशानी भी होती है कवर 

money bhaskar

Apr 22,2019 05:24:07 PM IST

नई दिल्ली. यदि मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर अचानक ही हैक हो जाए डाटा करप्ट हो जाए तो कई बार आपका बड़ा नुकसान हो जाता है। कंपनियों के स्तर पर तो यह और बड़ी क्षति होती है। लिहाजा, SBI जनरल इंश्यारेंस कंपनी ने साइबर डिफेंस बीमा लांच किया है। यह बीमा आपके डाटा के खोने, हैकिंग के दौरान व्यापार में नुकसान होने जैसे कई रिस्क को कवर करता है।

संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक हो जाने के नुकसान की भरपाई करता है बीमा

कंपनी ने कहा है कि शुरूआती फेस में यह बीमा उत्पाद छोटी कंपनियां या छोटे बिजनेस की जरूरतें पूरा करेगा। बाद में विस्तार करते हुए इसे बड़ी कंपनियों के लिहाज से भी तैयार किया जाएगा। Cyber Defence Insurance साइबर नियमों के उल्लंघन व धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे से सुरक्षा प्रदान करता है। इसे बीमा योग्य साइबर खतरों से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इसमें हैकिंग के हमले, आपकी पहचान संबंधी डाटा की चोरी व संवेदनशील जानकारी के सार्वजनिक होने से बिजनेस में आने वाली परेशानी भी शामिल है।

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साइबर हमला होने पर तत्काल मदद करती है बीमा पॉलिसी

एसबीआई जनरल इंश्योरेंस में Reinsurance के प्रमुख श्री सुब्रमण्यम बी. ने बताया कि व्यवसायों के बीच बढ़ते लचीलेपन के कारण साइबर बीमा के क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है। और मौजूदा प्रोडक्ट साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उनके मुताबिक इस उत्पाद के माध्यम से साइबर हमले की घटना के बाद ग्राहक को तत्काल में मिलने वाली हर जरूरी सेवाओं की भी पेशकश की जाती है। इसके तहत साइबर घटना के संदर्भ में 24*7 घंटे सेवा दी जाती है।

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एक साल में 50 फीसदी उछाल

देश में साइबर बीमा की मांग में एक साल में 50 फीसदी उछाल आया है। सरकारी बैंकों समेत देश की करीब 250 कंपनियों ने इस साल साइबर बीमा कवर खरीदा है। इस वजह है साइबर बीमा पॉलिसी की बिक्री 2017 में एक साल पहले के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा रही है। कंपनियों के बोर्ड रूम साइबर जोखिम को लेकर खूब चर्चा हो रही है। मुंबई की बीमा ब्रोकिंग फर्म मार्श इंडिया के मुताबिक, 2016 के मुकाबले 2017 में साइबर सिक्योरिटी कवर में 50 फीसदी का उछाल आया है। इस फर्म की साइबर बीमा सेगमेंट में काफी बड़ी हिस्सेदारी है।

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400 करोड़ रुपए हो जाएगा प्रीमियम

देश में साइबर इंश्योरेंस की बिक्री से मिलने वाला कुल प्रीमियम 200 करोड़ रुपये के करीब है। अगले कुछ साल में इसके 400 करोड़ रुपये पहुंच जाने का अनुमान है। दूरसंचार क्रांति और अर्थव्यवस्था का स्वरूप डिजिटल होने से साइबर बीमा कवर की मांग बढ़ रही है।

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हो जाता है बड़ा नुकसान

साइबर हैकर ने पिछले साल यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेटवर्क को हैक कर बैंक से 17.1 करोड़ डॉलर डॉलर निकाल लिए थे। इसी तरह 2016 में यस बैंक के एटीएम के जरिये 32 लाख ग्राहकों का कार्ड डेटा चुरा लिया गया था। यही नहीं, अमेरिका, कनाडा में मालवेयर की वजह से शहर के शहर ठप हो गए थे। और किसी तुफान की तरह ही अरबों-खरबों डॉलर का नुकसान हो गया था। भारत में भी विप्रो जैसी कंपनियां तक इसकी चपेट में आ चुकी हैं।

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