बीमा /टर्म इंश्योरेंस प्लान में मिलता है साधारण जीवन बीमा से ज्यादा कवर, प्लान लेते वक्त रखें इन बातों का ध्यान

  • टर्म इंश्योरेंस में आपको बहुत ही कम प्रीमियम में काफी ऊंची कीमत का कवर मिलता है
  • इसमें पॉलिसीधारक की असमय मृत्यु होने पर नामिनी को इंश्योर्ड रकम मिल जाती है

Moneybhaskar.com

Aug 18,2019 03:56:00 PM IST

नई दिल्ली. अगर आप अपने और अपने परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो इंश्योरेंस आपके लिए सबसे अच्छा उपाय है। अब इंश्योरेंस भी कई प्रकार के आते हैं। इसी में एक है टर्म इंश्योरेंस। यह इंश्योरेंस पॉलिसी का सबसे शुद्ध स्वरूप है। इसमें आपको बहुत ही कम प्रीमियम में काफी ऊंची कीमत का कवर मिलता है। इस तरह की पॉलिसी पूरी तरह सुरक्षा के लिहाज से ली जाती हैं। टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी में मैच्योरिटी पर पैसों से जुड़ा कोई फायदा नहीं होता है लेकिन पॉलिसीधारक की असमय मृत्यु होने पर नामिनी को इंश्योर्ड रकम मिल जाती है। यह रकम ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस प्लान से कई गुना ज्यादा होती है। साधारण तौर पर टर्म पॉलिसी 10, 15, 20, 25 और 30 साल के लिए ली जाती हैं। अगर आप भी टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के बारे में सोच रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना आपके लिए जरूरी है।

1. कब खरीदें टर्म इंश्योरेंस

टर्म इंश्योरेंस को आप जितनी जल्दी ले लेंगे उतना फायदे में रहेंगे। आप जितना देर करेंगे, प्रीमियम की राशि बढ़ती जाएगी। इसलिए अगर आपको सस्ता प्रीमियम चाहिए तो जल्द से जल्द इंश्योरेंस खरीद लें।

2. इंश्योरेंस प्रीमियम कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें

सबसे पहले अपनी जरूरत का आकलन करें और उसके बाद अपने लिए कोई प्लान तय करें। प्लान चुनने के लिए आप इंश्योरेंस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। तकरीबन सभी इंश्योरेंस कंपनियों की साइट पर आपको इंश्योरेंस कैलकुलेटर मिल जाएंगे। कैलकुलेटर की मदद से आप अपने बजट के मुताबिक सही प्लान चुन पाएंगे।

3. अच्छे से कर लें तुलना

कोई भी टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदने से पहले एक-दो प्लान के बीच में तुलना जरूर कर लें। मान लीजिए कि किसी कंपनी की वेबसाइट पर दो प्लान मौजूद हैं, जिसमें से एक का प्रीमियम किश्तों में जाता है और दूसरे का एकमुश्त। ऐसे में अक्सर लोग सस्ता दिखने वाला प्लान ले लेते हैं। ऐसे में ध्यान रखने वाली बात यह है कि सस्ता दिखने वाला प्रीमियम मेडिकल टेस्ट के बाद बढ़ सकता है। लिहाजा इन सब फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए अपना प्लान चुनें।

4. जरूरत होने पर राइडर खरीदें

राइडर का अर्थ है किसी भी बीमा पॉलिसी के साथ कोई अटैचमेंट। मतलब पॉलिसी में कवर होने वाले जोखिम के साथ साथ दूसरे किसी जोखिम को उसी पॉलिसी के साथ जोड़ लेना। यानी अगर आप सामान्य जीवन बीमा पॉलिसी लेते हैं तो उसके साथ एक राइडर के तौर पर क्रिटिकल इलनेस (गंभीर बीमारियों) के जोखिम को कवर करने के लिए अतिरिक्त राइडर जोड़ सकते हैं। आप टर्म इंश्योरेंस के साथ राइडर भी ले सकते हैं। हालांकि राइडर से प्रीमियम का खर्च बढ़ जाता है इसलिए बहुत जरूरत होने पर ही राइडर को शामिल करें।

5. सही जानकारी भरें

टर्म इंश्योरेंस सीधे-सीधे आपकी जिंदगी और सेहत से जुड़ा होता है। ऐसे में फॉर्म भरते समय सारी जानकारी सही-सही भरें। अपनी कोई मेडिकल हिस्ट्री या शराब पीने और धूम्रपान जैसी आदतों को न छुपाएं। आपकी दी हुई जानकारी के आधार ही इंश्योरेंस की राशि क्लेम की जाती है। अगर आपकी छुपाई हुई कोई जानकारी कंपनी को बाद में पता चलती है तो कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती है।

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