प्लानिंग /एक ही प्रीमियम में ले सकते हैं ज्वाइंट लाइफ इंश्योरेंस

जानिए क्या है दोनों विकल्पों में अंतर 

सिंगल या फिर ज्वाइंट लाइफ इंश्योरेंस – कौन सा विकल्प चुनें?

Moneybhaskar.com

Jul 25,2019 01:10:53 PM IST

नई दिल्ली. लाइफ इंश्योरेंस फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़ा एक ऐसा विषय है जिस पर सबसे अधिक चर्चा और बहस होती रहती है। हालांकि यह सही बात नहीं है क्योंकि लाइफ इंश्योरेंस एक बेहद फायदेमंद प्रोडक्ट है, जिसकी मदद से लाखों लोग यह सुनिश्चित कर पाते हैं कि उनकी असमय मृत्यु होने पर उनके प्रियजनों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसका कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। पारंपरिक रूप से लाइफ इंश्योरेंस को परिवार के प्रमुख कमाने वाले सदस्य का जीवन कवर करने के लिए तैयार किया गया था। लेकिन हाल के वर्षों में स्थितियां काफी अधिक बदल चुकी हैं और खासकर कामकाजी दंपत्तियों की संख्या में भी बड़ी वृद्धि हुई है। आजकल तो कई परिवार ऐसे देखने मिलेंगे जिनमें पति और पत्नी दोनों ही कमाते हैं और घर की आर्थिक जिम्मेदारियां साथ मिलकर निभाते हैं, जैसे घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और रिटायरमेंट के लिए बचत करना आदि। ऐसे मामलों में जहां पति-पत्नी दोनों ही काम करते हैं, दो अलग-अलग टर्म इंश्योरेंस कवर खरीदना अधिक समझदारी वाला कदम बनता है। लेकिन इसकी विपरीत स्थिति में अगर पति-पत्नी में कोई एक काम नहीं करता है, तब भी उनका एक आर्थिक मूल्य ज़रूर होगा। उनकी बीमा सुरक्षा इसलिए होनी चाहिए क्योंकि इस सदस्य की मृत्यु होने पर उनके जीवित रहने वाले साथी को घर चलाने के लिए किसी और से मदद लेनी पड़ेगी। इस कारण लोग अब अपने जीवनसाथी के लिए भी लाइफ इंश्योरेंस कवर की ज़रूरत को समझने लगे हैं। अगर आप शादीशुदा हैं तो एक ज्वाइंट इंश्योरेंस पॉलिसी लेना शायद अच्छा कदम होगा, जिसमें एक ही पॉलिसी में आप दोनों को कवर किया जाएगा।

दोनों विकल्पों में क्या अंतर है?

अधिकतर लोग सिंगल लाइफ इंश्योरेंस लेना चाहते हैं, जबकि ज्वाइंट लाइफ इंश्योरेंस थोड़ी कम पसंद की जाती है। इस लेख में दोनों विकल्पों (ज्वाइंट एवं सिंगल लाइफ इंश्योरेंस) के प्रमुख अंतर समझाए गए हैं और यह भी बताया गया है कि इनके मुख्य फायदे क्या हैं।

ज्वाइंट लाइफ कवर

अपने नाम के अनुसार एक ज्वाइंट लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में स्वयं के साथ अपने जीवनसाथी को भी एक ही पॉलिसी कॉन्ट्रैक्ट में कवर करने का मौका मिलता है। इसके लिए हर महीने एक ही प्रीमियम का भुगतान करना होगा। यह आपके और आपके जीवनसाथी के लिए एक विस्तृत प्रोटेक्शन प्लान है। यह समझना बेहद जरूरी है कि ज्वाइंट लाइफ पॉलिसियां पहले होने वाली मृत्यु के लिए ही भुगतान करती है, यानि अगर पति या पत्नी में किसी एक मृत्यु पहले हो जाए तो पॉलिसी में दर्ज दूसरे व्यक्ति को इसके बाद कवर नहीं मिलेगा। हालांकि, ज्वाइंट टर्म प्लान्स में दोहरे भुगतान का विकल्प भी पेश किया जाता है, जिसका मतलब यह हुआ कि यह प्लान बीमा सुरक्षा प्राप्त दोनों सदस्यों की मृत्यु पर भुगतान करते हैं।
उदाहरण के लिए, पीएनबी मेटलाइफ – मेरा टर्म प्लान के तहत आपके पार्टनर को मिलने वाला कवरेज, पॉलिसी के प्राथमिक बीमा प्राप्त सदस्य के कवर का 50 तक सीमित है। इस विकल्प के लिए आपका सम एश्योर्ड 50 लाख से अधिक होना चाहिए और फिर आपके पार्टनर को रु. 25 लाख का कवर मिलेगा। इस प्लान में यह सुनिश्चित किया जाता है कि आपकी मृत्यु होने के बाद भी आपके जीवनसाथी को इंश्योरेंस कवर मिलता रहेगा और भविष्य के सभी प्रीमियम भी माफ कर दिये जाएंगे। ऐसी पॉलिसियां दोनों पार्टनर के लिए हर वक्त इंश्योरेंस कवर सुनिश्चित करती हैं।

एडेलवाइस टोकियो – जिंदगी प्लस प्लान में लाइफ कवर आपके जीवनसाथी के लिए शुरु होगा और शेष पॉलिसी अवधि तक चलेगा। मैच्योरिटी डेट से पहले जीवनसाथी की मृत्यु होने पर दूसरे सदस्य को सम एश्योर्ड के रूप में मृत्यु लाभ हासिल होगा, जो कि बेस सम एश्योर्ड या फिर रु. 1 करोड़ का 50%, जो भी कम रहे, मिलेगा। इसके बाद दूसरे जीवित सदस्य को भविष्य का कोई भी प्रीमियम चुकाना नहीं पड़ेगा।

फायदे और नुकसान का आकलन

एक ज्वाइंट लाइफ पॉलिसी का मुख्य फायदा इसकी किफायती कीमत है क्योंकि यह दो अलग-अलग टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदने की तुलना में सस्ता होता है। जो लोग सीमित बजट में पॉलिसी लेना चाहते हैं उनके लिए ज्वाइंट टर्म पॉलिसी लेना अच्छा विकल्प होगा। लेकिन यहां एक शर्त भी होगी – आपको शायद पता हो कि आपकी पॉलिसी का प्रीमियम आपके स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर आप या आपका पार्टनर एक दूसरे से कम स्वस्थ है, तो दूसरे व्यक्ति को अपने पार्टनर के लिए बड़ा प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है। वहीं, अगर सिर्फ उनकी सिंगल पॉलिसी होती तो प्रीमियम कम हो सकता था।
ज्वाइंट पॉलिसी लेने का एक अन्य नुकसान हो सकता है ‘तलाक’। ऐसा होना पर आप पॉलिसी को दो टुकड़ों में बांट नहीं सकेंगे। लेकिन अगर पति-पत्नी दोनों के पास अपनी अलग या सिंगल पॉलिसी होगी तो तलाक होने पर किसी की पॉलिसी इससे प्रभावित नहीं होगी।

सिंगल लाइफ कवर

भले ही कई विवाहित दंपत्तियों के लिए एक ज्वाइंट लाइफ कवर सबसे अच्छा विकल्प लगे, लेकिन दो अलग-अलग पॉलिसी लेना काफी सुविधाजनक रहेगा और यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक सदस्य की मृत्यु पर उनके आश्रितों को भुगतान मिल सके। एक सिंगल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी सिर्फ एक व्यक्ति को कवर करती है और पॉलिसी जारी रहने के दौरान उसकी मृत्यु होने पर नॉमिनी को निश्चित राशि का भुगतान करती है। स्वतंत्र लाइफ इंश्योरेंस में बीमा किये गये व्यक्ति की मृत्यु की बीमा राशि को मद्देनजर रखते हुए अंडरराइट किया जाता है। अलग-अलग पॉलिसी लेने से प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग राशि का इंश्योरेंस करा सकते हैं क्योंकि हो सकता है कुछ लोग अपने परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़े राशि का इंश्योरेंस लेना भी चाहेंगे।

निष्कर्ष

दोनों ही इंश्योरेंस प्लान के अपने अलग फायदे होते हैं। बीमा सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति की परिस्थितियों की ज़रूरत के हिसाब से सबसे अच्छा कवर तय किया जा सकता है। कई सारे लोग अपनी जरूरतों के लिए ज्वाइंट पॉलिसी को सर्वोत्तम विकल्प मान सकते हैं क्योंकि इसमें उनके गैर-नौकरीपेशा पार्टनर को भी कवरेज मिलता है। वहीं, कुछ लोग दो अलग-अलग लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट खरीदकर उसकी अतिरिक्त सुविधा और सुरक्षा का लाभ लेना अधिक पसंद करेंगे।

लेखक : संतोष अग्रवाल, चीफ बिजनेस ऑफिसर - लाइफ इंश्योरेंस, पॉलिसी बाज़ार.कॉम

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