इंश्योरेंस /बाइक इंश्योरेंस लेने से पहले क्लेम सेटलमेंट रेशियो समेत इन बातों का रखें ख्याल 

  • पॉलिसी में शामिल छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
  • बीमा पॉलिसी में ले सकते हैं अतिरिक्त कवरेज 

Moneybhaskar.com

Sep 13,2019 05:11:58 PM IST

नई दिल्ली. अगर आप बाइक का इंश्योरेंस लेने जा रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। हर कंपनी की पॉलिसी में अलग-अलग फीचर्स होते हैं, जो उन्हें दूसरों से अलग करती है। पॉलिसी में शामिल हर छोटी बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि इंश्योरेंस लेने से उनका रिव्यू करना जरूरी है, जिससे लंबे समय के लिए आपको फायदा मिल सके।अगर आप भी अपने दो पहिया वाहन का बीमा कराना चाहते हैं और सबसे प्रभावी बीमा पॉलिसी लेना चाहते हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि इसके लिए आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

क्लेम सेटलमेंट रेशियो के बारे में कर लें पूरी जानकारी

सज्जा प्रवीन, मोटर इंश्योरेंस हेड, पॉलिसीबाजार.काॅम, ने बताया, 'जिस किसी कंपनी से इंश्योरेंस लेने का प्लान कर रहे हैं उसके क्लेम सेटलमेंट रेशियो के बारे में पूरी जानकारी कर लें। जिस कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो अच्छा हो, उससे आप इंश्योरेंस लेने की सोच सकते हैं। क्लेम सेटलमेंट रेशियो से कंपनी के इस मामले में ट्रैक रिकॉर्ड का पता चलता है। ऐसी कंपनी से इंश्योरेंस न लें जो केवल आपसे प्रीमियम लेने में तो आगे रहे लेकिन बाद में क्लेम को छोटी-छोटी बातों पर रिजेक्ट कर दे।' वे बताते हैं 'अगर आपका इंश्योरेंस लैप्स हो गया है तो आप ऑनलाइन इंश्योंरेस ले सकते हैं। तत्काल पेमेंट करने से आपको पॉलिसी मिल जाएगी।'

मोटर इंश्योरेंस में कैसे करें क्लेम

मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत थर्ड पार्टी क्लेम होता है और दूसरा ओन डैमेज क्‍लेम। अगर आपके व्हीकल से एक्सीडेंट हो जाता है और दूसरा व्‍यक्ति एक्सीडेंट में घायल हो जाता है या उसके व्हीकल को नुकसान होता है। तो उस व्‍यक्ति को थर्ड पार्टी कहा जाता है।

थर्ड पार्टी क्‍लेम

अगर आपकी व्हीकल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस है ओर आपके व्हीकल से एक्सीडेंट हो जाता है तो यह आपकी जिम्मेदारी है आप इस एक्सीडेंट के बारे में पुलिस और इंश्योरेंस कंपनी को रिपोर्ट करें। वहीं अगर एक्सीडेंट में आप पीडि़त हैं और एक्सीडेंट में दूसरा व्हीकल शामिल है तो आपको उस व्हीकल के इंश्योरेंस डिटेल की जानकारी हासिल कर इसके बारे में इंश्योरेंस कंपनी को बताना चाहिए।

ओन डैमेज क्‍लेम

अगर आपने कार या बाइक का ओन डैमेज कवर लिया हुआ है और एक्सीडेंट की वजह से आपकी कार या बाइक को नुकसान होता है तो आपको तुरंत बीमा कंपनी और पुलिस को एक्सीडेंट की जानकारी देनी होगी। अगर जरूरत होगी तो बीमा कंपनी अपने सर्वेयर को एक्सीडेंट की जगह पर भेजेगी और सर्वेयर एक्सीडेंट में हुए नुकसान का आकलन करेगा। ऐसे में आप पुलिस या बीमा कंपनी की अनुमति के बिना व्हीकल को एक्सीडेंट की जगह से न हटाएं।

बीमा पॉलिसी में ले सकते हैं अतिरिक्त कवरेज

अगर आपके पास महंगी बाइक है तो आप उसके लिए बीमा पॉलिसी में अतिरिक्त कवरेज ले सकते हैं। बीमा पॉलिसी में जीरो डेप्रिसिएशन कवर जैसी चीजें आपको इस बात की सुरक्षा देती हैं कि कुछ साल बाद भी आपकी बाइक के लिए मुआवजे का दावा करने में आपको दिक्कत नहीं आएगी। अगर बाइक पांच साल से कम पुरानी है तो आपको यह जरूर लेना चाहिए।

अपने इंश्योरेंस रिन्यूवल को करें ट्रैक

जब एक बार अपने इंश्योरेंस खरीद लिया है फिर उसके बाद आपकी जिम्मेदारी वहीं नहीं खत्म होती जाती है। आपको अपने इंश्योरेंस के रिन्यूवल का भी ध्यान रखना होगा। ये इसलिए जरूरी है क्योंकि अगर आप सही समय पर रिन्यूवल कराते हैं तो आपको इसपर डिस्काउंट भी मिल सकता है।

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