बिज़नेस न्यूज़ » Personal Finance » Insurance » Updateआयुष्मान स्कीम: 1081 रुपए में नहीं मिल पाएगा 5 लाख का फ्री इन्श्योरेंस, ट्रस्ट मॉडल बना रोड़ा

आयुष्मान स्कीम: 1081 रुपए में नहीं मिल पाएगा 5 लाख का फ्री इन्श्योरेंस, ट्रस्ट मॉडल बना रोड़ा

10 राज्‍यों ने ट्रस्‍ट मॉडल में दिखाई है दिलचस्‍पी

1 of

नई दिल्‍ली. करीब 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इन्‍श्‍योरेंस कवर मुहैया कराने वाली आयुष्‍मान स्‍कीम में अगर ज्‍यादातर राज्‍यों का साथ नहीं मिला तो इस स्‍कीम का प्रीमियम बढ़ सकता है। बीमा कंपनियां इस स्‍कीम को लेकर राज्‍यों के रवैये पर नजर रख रही हैं। बीमा कंपनियों का कहना है कि अगर बड़े पैमाने पर राज्‍यों ने इस इस स्‍कीम को इन्‍श्‍योरेंस मॉडल के बजाए ट्रस्‍ट मॉडल पर लागू किया तो स्‍कीम का प्रीमियम बढ़ जाएगा। 

 

10 राज्‍यों ने ट्रस्‍ट मॉडल में दिखाई है दिलचस्‍पी 

सूत्रों के मुताबिक, अब तक मध्‍य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और सिक्किम ने अपने यहां यह स्‍कीम ट्रस्‍ट मॉडल पर लागू करने की इच्‍छी जताई है। ट्रस्‍ट मॉडल के तहत राज्‍य स्‍कीम के फंड बनाएंगे और क्‍लेम का भुगतान फंड के जरिए राज्‍य सरकार खुद करेगी। इसमें बीमा कंपनी की कोई भूमिका नहीं होगी। 

 

बेस कम होने से बढ़ सकता है प्रीमियम 

निजी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी के एक वरिष्‍ठ अधिकारी का कहना है कि अगर 8 से 10 राज्‍य इस स्‍कीम को ट्रस्‍ट मॉडल पर लागू करते हैं तो इन्‍श्‍योरेंस मॉडल के लिए स्‍कीम का बेस कम हो जाएगा। प्रस्‍तावित स्‍कीम में 10 करोड़ परिवारों को कवर किया जाना है। ट्रस्‍ट मॉडल की वजह से इन्‍श्‍योरेंस मॉडल के तहत कवर होने वाले परिवारों की संख्‍या घट सकती है।  ऐसे में जो भी बीमा कंपनियां बाकी राज्‍यों में इन्‍श्‍योरेंस मॉडल पर स्‍कीम को लागू करेंगी उनके लिए प्रति परिवार खर्च यानी प्रीमियम बढ़ जाएगा। इन्‍श्‍योरेंस मा मॉडल में सरकार टेंडर निकालती है तो जो बीमा कंपनी सबसे कम खर्च में स्‍कीम लागू करने पर तैयार होती है उसे सेलेक्‍ट किया जाता है। 

 

1200 रुपए प्रति परिवार प्रीमियम रहने का है अनुमान 

केंद्र सरकार ने आयुष्‍मान स्‍कीम के तहत प्रति परिवार प्रीमियम लगभग 1200 रुपए रहने का अनुमान जताया है। हालांकि बीमा कंपनी के अधिकारी का कहना है कि जब सरकार स्‍क्‍ीम की तमाम शर्तों को अंतिम रूप देगी तो इसमें प्रति परिवार प्रीमियम इससे अधिक भी हो सकता है। इसका कारण यह है कि इस स्‍क्‍ीम के तहत कैशलेस इन्‍श्‍योरेंस कवर 5 लाख रुपए का है। 

 

सरकार करेगी प्रीमियम का भुगतान 

आयुष्‍मान स्‍कीम के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस की सुविधा का खर्च सरकार उठाएगी। यानी स्‍कीम में कवर होने वाले परिवारों को इसके लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। 

 

 

आगे पढें... गैर जरूरी प्रोसीजर पर रोक लगाना बड़ी चुनौती 

 

 

गैर जरूरी प्रोसीजर पर रोक लगाना बड़ी चुनौती 

अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में भारत में किसी बीमारी के लिए इलाज का स्‍टैंडर्ड प्रोसीजर नहीं है। अस्‍पताल इसका फायदा उठाकर मरीज के इलाज में गर जरूरी प्रोसीजर भी कर देते हैं जिसेस इलाज का बिल बढ़ जाए। आयुष्‍मान स्‍क्‍ीम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए इस प्रैक्टिस पर भी रोक लगाना जरूरी है। केंद्र सरकार और बीमा कंपनियां इस पर रोक लगाने के लिए एक मकैनिज्‍म बनाने पर विचार कर रहीं हैं। 

 

छोटे शहरों में हॉस्पिटल नेटवर्क की है कमी 

अधिकारी के मुताबिक छोटे शहरों में हॉस्पिटल नेटवर्क की कमी है। वहां पर सरकारी अस्‍पताल के अलावा नर्सिंग होम की मौजूदगी है। स्‍कीम के तहत ज्‍यदातर लाभार्थी छोटे शहरों या ग्रामीण इलाकों के होंगे। ऐसे में इस बात को सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि स्‍कीम के तहत फर्जी क्‍लेम न होने पाएं। अधिकारी के मुताबिक, आधार के जरिए फर्जीवाड़ा रोकने में कुछ हद तक मदद मिलेगी। लेकिन इसके लिए अस्‍पतालों में होने वाली गलत प्रैक्टिस पर भी रोक लगाना होगा। 

 

फर्जीवाड़ा रुकने से कम हो सकता है स्‍क्‍ीम पर खर्च 

अगर केंद्र सरकार और बीमा कंपनियां इस स्‍क्‍ीम के तहत फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगा लेती हैं तो इस स्‍कीम पर आने वाला प्रति परिवार खर्च या प्रीमियम और कम हो सकता है। केंद्र सरकार ने इस स्‍कीम के तहत प्रति परिवार 1200 रुपए प्रीमियम का अनुमान जताया है। हालांकि अभी बीमा कंपनियां एक्‍चुरियल कैलकुलेशन के आधार पर सरकार को फीडबैक देंगी कि इस स्‍कीम में प्रति परिवार कितना खर्च आएगा। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
Ask Your Questions
Any query related to insurance?
Ask us
*
*
*
*
4
+
5
=