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क्‍या मिलेनियल्‍स जिंदगी का सामना करने में पुरानी पीढ़ी की तुलना में ज्‍यादा सक्षम हैं? moneybhaskar.com का विश्‍लेषण

मिलेनियल्‍स वयस्‍क जिंदगी का सामना करने के लिए जेन एक्‍स की तुलना में ज्‍यादा सक्षम हैं।

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डिजिटल इंडिया - सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, यह एक संकेत है हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बड़े बदलाव का। भारत में लगभग 40 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं। ज्‍यादातर इंटरनेट यूजर्स ने ऑनलाइन क्षेत्र को अपना प्‍लेग्राउंड बना लिया है। भारत की 50 फीसदी आबादी 25 साल से कम उम्र के लोगों की है। युवा आबादी डिजिटल माध्‍यम का इस्तेमाल करना ज्‍यादा पसंद करती है। युवा नेट सेवी और स्‍ट्रीट स्‍मार्ट हैं। वे जानते हैं कि उनको दुनिया में क्‍या चाहिए और वे सबकुछ ऑनलाइन माध्‍यम से हासिल करना चाहते हैं। युवाओं के लिए इंटरनेट सिर्फ ऐसा माध्‍यम  नहीं रहा जिससे वे खुद का मनोरंजन करते हैं बल्कि वे इंटरनेट से अपनी ज्‍यादातर खरीदारी भी करते हैं। 

 

लेकिन क्‍या यह इस बात का संकेत करता है कि  मिलेनियल्‍स वयस्‍क जिंदगी का सामना करने के लिए जेन एक्‍स की तुलना में ज्‍यादा सक्षम हैं। यह पता करने के लिए पढें...

 

1- भारतीय मिलेनियल्‍स का विश्‍लेषण

 

मिलेनियल्‍स द्वारा किसी प्रोडक्‍ट या सर्विस के बारे में ऑनलाइन फीडबैक साझा करने की संभावना अपने पहले की पीढ़ी की तुलना के लोगों से ज्‍यादा रहती है। आम तौर पर वे चाहते हैं कि ब्रांड की ऑफलाइन और ऑनलाइन मौजूदगी हो और उनकी सेवाएं 24 घंटे उपलब्‍ध हों। 

 

2 - खरीदारी और भारत का युवा उपभोक्‍ता

 

भारत के हर भाग में बेठे हुए औसत मिलेनियल के लिए खरीदारी के मायने पूरी तरह से बदल गए हैं। चाहे कपड़ों की खरीदारी हो,  खाना मंगाना हो, मूवी टिकट बुक करना हो या वित्तीय निवेश करना हो  इंटरनेट यूजर्स को सबकुछ घर बैठे मुहैया कराता है जो कि इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और लॉजिस्टिक्स नहीं मुहैया कराते हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यह काफी विश्‍वसनीय है। मिलेनियल्‍स जानते हैं  कि उनको क्‍या चाहिए और जब खरीदारी की बात आती है तो वे ऐसे तौर तरीकों को पसंद करते हैं जो उनकी लाइफ को आसान बनाएँ। 

3- भारत के युवाओं ने इंटरनेट का उठाया सबसे ज्‍यादा फायदा

 

टियर-2 और टियर- 3 में रहने वाले युवा इंटरनेट पर तमाम प्रोडक्‍ट और सेवाएं सर्च कर रहे हैं। एक तरफ जहां लोग कपड़े और एक्‍सेसरीज की ज्‍यादा खरीदारी कर रहे हैं वहीं अहम बात यह है कि बड़े पैमाने पर फ़ाइनेंशियल प्रोडक्‍ट की खरीदारी भी ऑनलाइन की जा रही है।

 

आप इसे एक मिलेनियल तारेश गुप्‍ता से समझ सकते हैं। 25 साल के तारेश गुप्‍ता गोरखपुर में रहते हैं और उन्‍होंने बीमा प्रोडक्‍ट ऑनलाइन खरीदा है। तारेश गुप्‍ता का कहना है कि एजेंट के जरिए बीमा प्रोडक्‍ट खरीदने में जोखिम यह है कि एजेंट अपना टारगेट पूरा करने के लिए आपको गलत प्रोडक्‍ट बेच सकता है जो आपकी जरूरतों को पूरा न करता हो। ऑनलाइन बीमा प्रोडक्‍ट खरीदने में सबसे अच्‍छी बात यह है कि आप बीमा कंपनी की वेबसाइट से प्रोडक्‍ट के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा आप कंपनी की वेबसाइट से बीमा प्रोडक्‍ट का प्रीमियम भी कैलकुलेट कर सकते हैं।

 

उदाहरण के लिए अगर आपको 5 लाख रुपए का फैमिली हेल्‍थ बीमा  प्‍लान लेना है तो आप बीमा कंपनी की वेबसाइट से कैलकुलेट कर सकते हैं कि इसके लिए आपको कितना सालाना प्रीमियम देना होगा। आप कुछ मिनटों में ऑनलाइन बीमा प्रोडक्‍ट खरीद सकते हैं। इसके अलावा आप कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन बीमा  खरीदने वाले कस्‍टमर का फीडबैक भी जान सकते हैं। तारेश गुप्‍ता की मां तारिनी गुप्‍ता का कहना है कि जब हम बड़े हुए तब हमें यह सुविधा उपलब्‍ध नहीं थी, हम बेचने वाले का चेहरा देखे बिना कुछ भी नहीं खरीदना चाहते थे। लेकिन तारेश का एचडीएफसी लाइफ इन्‍श्‍योरेंस से ऑनलाइन बीमा प्रोडक्‍ट खरीदने का अनुभव देखने के बाद हमें पता चला कि यह एक आसान विकल्‍प है जिसके ज़रिए आप ऑनलाइन बहुत कम समय में बीमा प्रोडक्‍ट के बारे में जानकारी हासिल कर प्रोडक्‍ट खरीद सकते हैं। 

मिलेनियल्‍स इंटरनेट पर काफी समय खर्च करते हैं और ऑनलाइन समीक्षा को महत्‍व देते हैं। 

4 -  टियर -2 और टियर- 3 शहरों में ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा दे रहे हैं युवा

 

मंगलौर में कॉटन फैक्‍ट्री के मालिक दिव्‍यम गुप्‍ता (35 साल) असिस्‍टेड ऑनलाइन खरीदारी के बारे में कहते हैं कि कुछ स्‍टोर हमारी ऐसे प्रोडक्‍ट को लेकर मदद करते हैं, जो हमेशा हाथ में उपलब्‍ध नहीं होते हैं। वे ऐप के जरिए ऐसे प्रोडक्‍ट उपलब्‍ध कराते हैं जो कि फोन, टैबलेट और डेस्‍कटॉप में लोडेड होते हैं। इसकी सबसे अच्‍छी बात यह है कि एक बार ऑर्डर देने पर यह प्रोडक्‍ट घर पर पहुंचा दिए जाते हैं। इसके तहत प्रोडक्‍ट को नुकसान होने पर रिटर्न करने की पॉलिसी भी होती है। इसने छोटे शहरों में भी ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा दिया है।  

5 - ज्‍यादा से ज्‍यादा युवा ऑनलाइन ले रहे हैं वित्‍तीय फैसले

 

आम तौर पर जब युवा नौकरी शुरू करते हैं तो वे टैक्‍स बचाने और पैसा बनाने के वित्‍तीय विकल्‍प तलाशते हैं। बीमा का विकल्‍प उनके लिए न सिर्फ सस्‍ता है बल्कि यह उनकी जरूरतों को भी पूरा करता है। युवाओं के पास विकल्‍प है कि वे ऑनलाइन बीमा उत्‍पादों की तुलना कर अपनी जरूरतों के हिसाब से प्रोडक्‍ट खरीद सकते हैं। अपने परिवार को वित्‍तीय सुरक्षा मुहैया कराने के लिए युवा पीढ़ी बीमा प्रोडक्टस में निवेश कर रही है।

6 - ऑनलाइन वर्सेज पारंपरिक बीमा फार्मेट: लाइफ में क्‍यों आगे हैं मिलेनियल्‍स

 

 

जब ऑनलाइन बीमा खरीदने की बात आती है तो बड़े पैमाने पर उपलब्‍ध जानकारी की वजह से उनको पता होता है कि वे कौन से प्रोडक्‍ट खरीद रहे हैं। इसमें यह जोखिम नहीं है कि बीमा एजेंट अपने फायदे के लिए कस्‍टमर को गुमराह करे। जीवन बीमा प्रोडक्‍ट ऑनलाइन खरीदने का एक और फायदा यह है कि इसका प्रीमियम एजेंट के जरिए खरीदी गई बीमा पॉलिसी की तुलना में काफी कम होता है। ऑनलाइन जीवन बीमा प्रोडक्‍ट खरीदने पर कस्‍टमर को इसका फायदा मिलता है। मिलेनियल्‍स खरीदारी के लिए ऑनलाइन फार्मेट पसंद कर रहे हैं इसका प्रमुख कारण यह है कि इनको समय बचाने में मदद मिलती है और वे एक ही जगह पर अपने सारे वित्तीय लेन-देन को ट्रैक कर सकते हैं। आपको किसी चीज के लिए लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा आपको अपने पुराने लेन-देन की जानकारी को मोटे फोल्‍डर में रखने की जरूरत नहीं होती है। कुछ साल पहले तक ऐसा करना आम बात थी। बीमा प्रोडक्‍ट मुहैया कराने वाली बीमा कंपनियां कस्‍टमर की जरूरतों के अनुरूप कस्‍टमाइज्‍ड पैकेज की पेशकश ऑनलाइन करतीं हैं। इसके अलावा वे कस्‍टमर को प्रीमियम की रकम चुनने में भी मदद करती हैं। एचडीएफसी लाइफ ऐसी ही बीमा कंपनी है जो कस्‍टमाइज्‍ड ऑनलाइन बीमा प्रोडक्‍ट मुहैया कराती है। 

 

मिलेनियल्‍स हमेशा ऐसी चीजें पसंद करते हैं जो कि उनके लिए सुविधाजनक हों और जिनसे उनका समय बचे। ऐसे में ऑनलाइन बीमा पारंपरिक बीमा की तुलना में उपभोक्‍ताओं की स्‍वाभाविक पसंद बन रहा है। 

 

मिलेनियल्‍स अपने वित्‍तीय मामलों को लेकर ज्‍यादा जिम्‍मेदार होते हैं।  इसके लिए वे किसी थर्ड पार्टी जैसे एक एजेंट या ब्रोकर की मदद नहीं लेते हैं। इससे उनको अपने लिए फ़ाइनेंशियल प्‍लानिंग की पूरी प्रक्रिया को समझने में मदद मिलती है। इससे वे वयस्‍क जिंदगी का सामना करने में अपने से पहले की पीढ़ी की तुलना में ज्‍यादा सक्षम होते हैं।

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