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तीन साल पहले ली है हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी तो 30 फीसदी तक बढ़ सकता है प्रीमियम

अगर आपने तीन साल पहले हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी खरीदी है तो आपको इस साल आपके प्रीमियम में 20 से 30 फीसदी तक इजाफा हो स

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नई दिल्‍ली। अगर आपने तीन साल पहले हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी खरीदी है तो आपको इस साल आपके प्रीमियम में 20 से 30 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। ऐसा बीमा नियामक के एक नियम की वजह से हो सकता है। भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण आईआरडीआई के नियमों के तहत बीमा कंपनियां हर 3 साल पर ही हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम बढ़ा सकती हैं। ऐस में अगर आपकी हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी के तीन साल पूरे हो गए हैं तो बीमा कंपनी आपका प्रीमियम रिवाइज करेगी। 

 

20 से 30 फीसदी तक बढ़ सकता है प्रीमियम 

 

ऐसे में अगर आपकी हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी के 3 साल पूरे हो रहे हैं तो बीमा कंपनी आपकी पॉलिसी का प्रीमियम 20 से 30 फीसदी तक बढ़ा सकती हे। प्रीमियम में इजाफा आपकी उम्र और रिस्‍क के दूसरे फैक्‍टर पर भी निर्भर करेगा। निजी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोंबार्ड के चीफ, अंडराइटिंग एंड क्‍लेम्‍स संजय दत्‍ता ने moneybhaskar.com को बताया कि बीमा कंपनियां 3 साल पर हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम बढ़ा सकती हैं। 

 

प्रीमियम रिवाइज करते समय कंपनियां हेल्‍थकेयर कास्‍ट में इजाफा सहित कई फैक्‍टर पर गौर करती हैं। इसमें पॉलिसी होल्‍डर की उम्र और हेल्‍थ कंडीशन जैसे फैक्‍टर भी शामिल हैं। आम तौर पर यह तीन साल पूरा होने पर कंपनियां 10 से 20 फीसदी तक प्रीमियम यह बढाती हैं। कुछ मामलों में यह 30 फीसदी तक भी हो सकता है। संजय दत्‍ता के मुताबिक 2016 में बीमा नियामक ने 3 साल में एक बार प्रीमियम बढ़ाने के नियम में बीमा कंपनियों को राहत दी है। इसके तहत बीमा कंपनियां एक साल पूरा होने पर भी प्रीमियम बढ़ा सकती है लेकिन इसके लिए उनको बीमा नियामक के समक्ष साबित करना करना होगा कि उनके पास प्रीमियम बढ़ाने की वाबिज वजह है। 


रिस्‍क के आधार पर तय होता है प्रीमियम 

 

निजी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी फ्यूचर जेनराली के हेड, हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस शीराज देशपांडे का कहना है कि हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम रिस्‍क के आधार पर तय किया जाता है। बीमा कंपनियां हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस रेग्‍युलेशन के तहत पॉलिसी के तीन साल पूरे होने पर रिस्‍क फैक्‍टर के आधार पर प्रीमियम तय करती हैं। इसमें मेडिकल कॉस्‍ट को भी ध्‍यान में रखा जाता है। 

 

आगे पढें- एज ग्रुप बदलने पर क्‍यों बढ़ता है प्रीमियम 

 

 

एज ग्रुप बदलने पर पर तेजी से बढ़ता है प्रीमियम 

 

सरकारी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी ओरिएंटल इन्‍श्‍योरेंस कंपनी लिमिटेड के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार अब बीमा कंपनियां एज ग्रुप के आधार पर भी हेल्‍थ इन्‍श्‍योंरेंस प्रीमियम तय कर रहीं हैं। खास कर सिंगल हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी में ऐसा ज्‍यादा होता है। इसके तहत 25 से 3 5, 35 से 45 और 45 से 55 साल उम्र के आधार पर एज ग्रुप तय किया गया है। कोई व्‍यक्ति जब 35 की उम्र पा कर 35 से 45 एज ग्रप में जाता है तो बीमारी का जोखिम बढ़ने की वजह से उसका प्रीमियम तेजी से बढ़ता है। इसी तरह से 45 से 55 एज ग्रुप में जाने पर भी प्रीमियम में कई बार 50 फीसदी तक भी इजाफा हो जाता है। 

 

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