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आयुष्‍मान स्‍कीम में फर्जीवाड़ा रोकने का फुल प्रूफ प्‍लान, हर क्‍लेम की होगी कड़ी निगरानी

केंद्र सरकार आयुष्‍मान स्‍कीम में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए फुल प्रूफ प्‍लान तैयार कर रही है।

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नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार आयुष्‍मान स्‍कीम में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए फुल प्रूफ प्‍लान तैयार कर रही है। इसके तहत सरकार और बीमा कंपनियां स्‍कीम के तहत आने वाले हर एक क्‍लेम की कड़ी छानबीन करेंगी जिससे अस्‍पताल की मिलीभागत से होने वाले फर्जी क्‍लेम या बढ़ा चढ़ा कर क्‍लेम लेने की प्रेक्टिस पर अंकुश लगाया जा सके। आयुष्‍मान स्‍कीम के तहत देश के 10 करोड गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए का कैशलेस हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस मुफ्त दिया जा सकेगा। मोदी सरकार इस स्‍कीम को जल्‍द ही लांच करने की तैयारी कर रही है। 

 

केंद्र सरकार ने बीमा कंपनियों के साथ की मीटिंग 

 

हाल में केंद्र सरकार ने आयुष्‍मान स्‍कीम को लागू करने के तौर तरीको पर साधारण बीमा कंपनियों और स्‍टैंड अलोन हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कंपनियों के साथ बैठक की है। मीटिंग में मौजूद निजी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी के एक अधिकारी ने moneybhaskar.com को बताया कि  इस बैठक में सरकार ने बीमा कंपनियों के साथ स्‍कीम में फर्जीवाड़ा रोकने के ठोस उपयों पर भी चर्चा की। बीमा कंपनियों ने इस बात पर जोर दिया कि इस स्‍कीम के तहत आने वाले हर क्‍लेम की कड़ी छानबीन करने का मकैनिज्‍म बनाया जिससे अस्‍पतालों द्वारा फर्जी क्‍लेम या बढ़ा चढ़ा कर क्‍लेम लेने की प्रेक्टिस को रोका जा सके। 

 

गैर जरूरी प्रोसीजर पर रोक लगाना बड़ी चुनौती 

 

अधिकारी के मुताबिक मौजूदा समय में भारत में किसी बीमारी के लिए इलाज का स्‍टैंडर्ड प्रोसीजर नहीं है। अस्‍पताल इसका फायदा उठा कर मरीज के इलाज में गैर जरूरी प्रोसीजर भी कर देते हैं जिसेस इलाज का बिल बढ़ जाए। आयुष्‍मान स्‍क्‍ीम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए इस प्रैक्टिस पर भी रोक लगाना जरूरी है। केंद्र सरकार और बीमा कंपनियां इस पर रोक लगाने के लिए एक मकैनिज्‍म बनाने पर विचार कर रहीं हैं। 

 

छोटे शहरों में हॉस्पिटल नेटवर्क की है कमी 

 

अधिकारी के मुताबिक छोटे शहरों में हॉस्पिटल नेटवर्क की कमी है। वहां पर सरकारी अस्‍पताल के अलावा नर्सिंग होम की मौजूदगी है। स्‍कीम के तहत ज्‍यदातर लाभार्थी छोटे 
शहरों या ग्रामीण इलाकों के होंगे। ऐसे में इस बात को सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि स्‍कीम के तहत फर्जी क्‍लेम न होने पाएं। अधिकारी के मुताबिक आधार के जरिए फर्जीवाड़ा रोकने में कुछ हद तक मदद मिलेगी। लेकिन इसके लिए अस्‍पतालों में होने वाली गलत प्रैक्टिस पर भी रोक लगाना होगा। 

 

फर्जीवाड़ा रुकने से कम हो सकता है स्‍क्‍ीम पर खर्च 

 

अगर केंद्र सरकार और बीमा कंपनियां इस स्‍क्‍ीम के तहत फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगा लेती हैं तो इस स्‍क्‍ीम पर आने वाला प्रति परिवार खर्च या प्रीमियम और कम हो सकता है। केंद्र सरकार ने इस स्‍कीम के तहत प्रति परिवारा 1200 रुपए प्रीमियम का अनुमान जताया है। हालांकि अभी बीमा कंपनियां एक्‍चुरियल कैलकुलेशन के आधार पर सरकार को फीडबैंक देंगी कि इस स्‍क्‍ीम में प्रति परिवार कितना खर्च आएगा। 


आयुष्‍मान भारत स्‍कीम को कैबिनेट दे चुकी है मंजूरी 

 

मोदी सरकार ने बजट में एक हैल्‍थ स्‍कीम लाने की घोषणा की थी जिसमें देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को शामिल करने की योजना थी। अब सरकार ने इस स्‍कीम को ‘आयुष्मान भारत’ नाम से मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही किसे स्‍कीम का फायदा मिलेगा उसकी भी शर्तें तय कर दी हैं।

 
कौन ले सकेंगे इस स्‍कीम का फायदा

 

इस स्‍कीम के तहत 5 लाख रुपए के हर साल मुफ्त इलाज का फायदा लेने के लिए तय मानकों में से किसी एक को पूरा करना होगा। सरकार की तरफ से कई सारे मानक तय किए गए हैं। स्‍कीम में गरीब परिवारों के चयन का आधार सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना -2011 को बनाया गया है।

  

 

-एक कमरे का कच्‍चा मकान, खपरैल में रहने वाली फैमली और ऐसी फैमली जिनमें 16 से 59 वर्ष के बीच की उम्र का कोई अडल्‍ट सदस्‍य न हो

-महिला मुखिया वाले परिवार, जिनमें 16 से 59 वर्ष के बीच का कोई पुरुष न हो।

-ऐसे परिवार जिनमें विकलांग सदस्‍य हों और उसकी देखरेख करने वाला कोई अडल्‍ट सदस्‍य परिवार में न हो।

-एससी और एसटी के अलावा ऐसे परिवार जिनके पास जमीन न हो और उनकी आमदनी कैजुअल मजदूरी हो।

- जिन परिवारों के पास छत न हो और कानूनी रूप से बंधुआ मजदूरी से मुक्‍त कराए गए हों।

 

- सरकार ने शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीबों को स्‍कीम का फायदा मिलेगा।

- गरीबों के चयन के लिए कई कैटेगरी बनाई गई हैं।

- कुल मिलाकर 11 कैटेगरी में शहरी गरीबों को बांटा गया है, जो इस स्‍कीम का फायदा ले सकेंगे।

 
स्कीम में मिलेंगी ये सुविधाएं

-इसके अंतर्गत प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपए तक का कवर मिलेगा। इसमें लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज कवर होगा।

-इसके  अलावा कोई भी व्यक्ति (विशेष रूप से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग) इलाज से वंचित न रह जाए, इसके लिए स्कीम में फैमिली साइज और उम्र पर कोई सीमा नहीं लगाई गई है।

-इस स्कीम में हॉस्पिटलाइजेशन से पहले और बाद के खर्च को भी शामिल किया गया है। हर बार हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ट्रांसपोर्टेशन अलाउंस का भी उल्लेख किया गया है, जिसका भुगतान लाभार्थी को किया जाएगा।

 

 

 

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