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PF पर फ्री में मिलेगा इन्श्योरेंस कवर, सैलरी से कैलकुलेट करें अपना अमाउंट

संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को पीएफ अकाउंट के साथ 6 लाख तक का लाइफ इन्‍श्‍योरेंस कवर मुफ्त मिलता है।

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नई दिल्‍ली। संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को पीएफ अकाउंट के साथ 6 लाख रुपए तक का लाइफ इन्‍श्‍योरेंस कवर मुफ्त मिलता है। इसके लिए कर्मचारी को कोई कंट्रीब्‍यूशन नहीं करना होता है। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन यानी EPFO अपने सभी मेंबर्स को यह सुविधा देता है। अगर किसी ईपीएफओ मेंबर्स की मौत हो जाती है तो नॉमिनी लाइफ इन्‍श्‍योरेंस की राशि के लिए क्‍लेम कर सकता है। 

 
इम्‍पलाई डिपॉजिट लिंक्‍ड इन्‍श्‍योरेंस स्‍कीम के तहत मिलता है इन्‍श्‍योरेंस कवर 
 
ईपीएफओ मेंबर्स को इन्‍श्‍योरेंस की यह सुविधा इम्‍पलाई डिपॉजिट लिंक्‍ड इन्‍श्‍योरेंस स्‍कीम के तह‍त मिलती है। इस स्‍कीम के तहत मेंबर्स की मौत होने पर नॉमिनी को अधिकतम 6 लाख रुपए का इन्‍श्‍योरेंस कवर के तहत भुगतान किया जा सकता है। पहले इसकी लिमिट 3,60,000 रुपए थी। बाद में स्‍कीम के तहत इन्‍श्‍योरेंस कवर की लिमिट को बढ़ा कर 6 लाख रुपए कर दिया गया। 
 
कैसे तय होती है इन्‍श्‍योरेंस कवर की राशि 
 
किसी कर्मचारी की मौत होने पर नॉमिनी को पिछले 12 माह की औसत वेज की 20 गुना राशि 20 फीसदी बोनस के साथ मिलती है। इसका मतलब है कि मौजूदा समय में 15,000 रुपए की वेज सीलिंग के अनुसार अधिकतम राशि 3.6 लाख बनती है। 
आगे पढ़ें : क्‍लेम लेने के लि‍ए क्‍या करना होगा 

कैसे मि‍लेगा इंश्योरेंस क्‍लेम 
 
पीएफ खाताधारी की मृत्यु के बाद नॉमिनी इंश्योरेंस अमाउंट पाने का दावा कर सकता है। इसके लिए इंश्योरेंस कंपनी को डेथ सर्टिफिकेट, सक्सेशन सर्टिफिकेट और बैंक डिटेल्स देने की जरूरत होगी। अगर पीएफ खाते का कोई नॉमिनी नहीं है तो फिर कानूनी उत्तराधिकारी यह अमाउंट पाने का दावा कर सकता है। जब पीएफ खाते से पैसा निकालने के लि‍ए फॉर्म एंप्लॉयर के पास जमा करें इसके साथ ही इंश्योरेंस कवर का फॉर्म भी जमा कर दें। इस फॉर्म को एंप्लॉयर सत्यापित करता है। इसके बाद कवर का पैसा मिलता है।
आगे पढ़ें : कब मि‍लता है इंश्‍योरेंस 
रि‍टायरमेंट के बाद नहीं मि‍लता क्‍लेम 
 
पीएफ अकाउंट पर होने वाले इस इंश्‍योरेंस का दावा सि‍र्फ तभी कि‍या जा सकता है। जब पीएफ खाताधारक की मौत नौकरी के कार्यकाल में हुई हो यानी रि‍टायरमेंट से पहले। इस दौरान चाहे वहऑफि‍स में काम कर रहा हो या छुट्टी पर हो। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। 
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