विज्ञापन
Home » Personal Finance » Insurance » Step To Step GuideLife and Health Insurance for women

मां, बहन और पत्नी का जरूर कराएं बीमा, नजरंदाज करना पड़ेगा भारी

देश में हर दो पुरुषों पर एक महिला लेती है बीमा पॉलिसी

1 of

नई दिल्ली.

बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) की रिपोर्ट कहती है कि 2017-18 में 2.82 करोड़ जीवन बीमा पॉलिसी बेची गईं और पहले साल इनसे 92,135 करोड़ रुपए प्रीमियम इकठ्‌ठा किया गया। इस रिपोर्ट का एक चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि पॉलिसियों की संख्या और प्रीमियम संग्रह में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 32 फीसदी रही। इतना ही नहीं वित्त वर्ष 2016-17 की आर्थिक समीक्षा में बताया गया कि देश में महज 3.49 फीसदी लोगों ने जीवन बीमा कराया है। इसमें भी अहम बात यह है कि जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बहुत पीछे हैं। आंकड़ों के मुताबिक हर दो पुरुषों के जीवन बीमा खरीदने के बाद 1 महिला बीमा पॉलिसी खरीदती है। ऐसे में जरूरत है कि घर की महिलाओं का बीमा कराया जाए।

 

जाे आपका खयाल रखती हैं उनका रखें खयाल

अक्सर परिवारों को लगता है कि घर संभालने वाली महिलाओं को पॉलिसी की जरूरत नहीं होती है। यही वजह है कि पॉलिसी की खरीदारी में महिलाओं की हिस्सेदारी कम होती है। दरअसल लोगों को लगता है कि अगर कोई आय नहीं है तो कर बचाने की जरूरत भी महसूस नहीं होती, इसलिए गृहणियों के लिए बीमा पॉलिसी नहीं खरीदी जाती है। लेकिन अगर एक्सपर्ट्स की बात मानी जाए तो गृहणियों के लिए भी जीवन बीमा पॉलिसी जरूरी है, क्योंकि किसी भी हादसे की स्थिति में या अचानक गृहणी की मृत्यु हो जाने पर पति को घर के कामकाज में ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है।

 

सोच-समझकर लें बीमा कवर

एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी गृहिणी के लिए इतनी बीमा कवर की रकम इतनी होनी चाहिए, जो उसके आर्थिक योगदानों के मूल्यांकन के लिहाज से पर्याप्त हो। उचित तो यह होना चाहिए कि परिवार की शुद्ध हैसियत और जीवन बीमा की कवर राशि इतनी होनी चाहिए, जो वित्तीय लक्ष्य पूरा करने के लिए, देनदारी निपटाने और खर्चों की भरपाई के लिए पर्याप्त हो।

 

 

शादी के बाद न बरतें लापरवाही

शादी से पहले किसी महिला का नाम उसके माता-पिता की फ्लोटर स्वास्थ बीमा पॉलिसी में ही जुड़ा हो सकता है। लेकिन विवाह के फौरन बाद उसे पति के परिवार के फ्लोटर कवर में शामिल हो जाना चाहिए। विवाह के बाद पत्नी एवं पति को यह देखना चाहिए कि उनके नियोक्ता द्वारा दी गई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में परिवार के सदस्य शामिल हैं या नहीं। इनमें पति/पत्नी का नाम बीमित व्यक्ति की सूची में जोड़ा जाना चाहिए।

 

 

मैटरनिटी बेनिफिट वाली बीमा पॉलिसी

इन दिनों ऐसी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी मौजूद हैं, जिनमें मातृत्व लाभ यानी प्रसव से संबंधित खर्च भी शामिल होता है। इनमें प्रसव मे होने वाले खर्च का बीमा तो होता ही है, जन्म लेते ही नवजात भी इस बीमा के दायरे में आ जाता है। ऐसा बीमा लेना फायदेमंद तो रहता है, लेकिन उसे लेने से पहले खर्च और लाभ का गणित अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। कोई भी कंपनी प्रसव लाभ वाले स्वास्थ्य बीमा के लिए सामान्य स्वास्थ्य बीमा से अधिक प्रीमियम वसूलती है और वह प्रीमियम काफी अधिक भी हो सकता है। इसमें उपलब्ध लाभ की सीमा तय होती है और यह भी निश्चित रहता है कि कितनी बार प्रसव के लिए भुगतान किया जाएगा।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
Ask Your Questions
Any query related to insurance?
Ask us
*
*
*
*
4
+
5
=
विज्ञापन
Don't Miss