पैसा लगाने से पहले ये 5 चीजें देखते हैं वॉरेन बफे, ऐसे ही नहीं लगाया Paytm में पैसा

दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर वॉरेन बफे एक बार फिर से चर्चा में हैं। उन्होंने पहली बार किसी भारतीय कंपनी में निवेश किया है। बफे की कंपनी वर्कशायर हैथवे ने Paytm की पैरेंट कंपनी में 2500 करोड़ रुपए (35.60 करोड़ डॉलर) में हिस्सेदारी खरीदी है। वारेन बफे की कंपनी का यह निवेश इसलिए भी अहम है, क्योंकि उन्हें इसके लिए अपनी स्ट्रैटजी में बदलाव करना पड़ा है। अभी तक बर्कशायर हैथवे कंज्यूमर, एनर्जी और इन्श्योरेंस सेक्टर में निवेश करती रही है।

Money bhaskar

Aug 31,2018 03:05:00 PM IST

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े इन्वेस्टर वॉरेन बफे एक बार फिर से चर्चा में हैं। उन्होंने पहली बार किसी भारतीय कंपनी में निवेश किया है। बफे की कंपनी वर्कशायर हैथवे ने Paytm की पैरेंट कंपनी में 2500 करोड़ रुपए (35.60 करोड़ डॉलर) में हिस्सेदारी खरीदी है। वारेन बफे की कंपनी का यह निवेश इसलिए भी अहम है, क्योंकि उन्हें इसके लिए अपनी स्ट्रैटजी में बदलाव करना पड़ा है। अभी तक बर्कशायर हैथवे कंज्यूमर, एनर्जी और इन्श्योरेंस सेक्टर में निवेश करती रही है।

बफे को हो रहा है अरबों का मुनाफा
वारेन बफे ने वैसे तो कई कंपनियों में निवेश कर रखा है, लेकिन अगर उनके 5 बड़े निवेश देखेंगे तो उसमें वह लगातार इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ाते जा रहे हैं। कई कंपनियों में तो उनका निवेश 25 साल से भी पुराना हो चुका है। इसके बाद भी वह इन कंपनियों में निवेश जारी रखे हुए हैं। इन कंपनियों में उन्‍होंने धीरे-धीरे अपनी हिस्‍सेदारी बढ़ाई और अब अरबों रुपए का मुनाफा हो रहा है। उन्‍होंने निवेश के लिए अपने शुरुआती समय में कुछ फार्मूले तय किए थे, जिन पर वह अब भी कायम हैं। इसके चलते वह मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। अगर उनके इन फार्मूलों पर ध्‍यान दिया जाए तो कोई भी स्‍टॉक मार्केट से अच्‍छी कमाई कर सकता है।


ऐसे ही नहीं खेला Paytm पर दांव
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बफे ने Paytm पर दांव ऐसे नहीं खेला। उन्होंने पहले कंपनी की फाइनेंस और ग्रोथ रिपोर्ट खंगाली। फंडामेंटल से संतुष्ट होने के बाद ही उन्होंने निवेश का मन बनाया। रोचक बात यह है कि Paytm ने कभी बफे की कंपनी से निवेश के लिए संपर्क नहीं किया, बल्कि बफे की कंपनी ने खुद Paytm में पैसा लगाने के लिए संपर्क किया था। आइए जानते हैं कि किसी भी कंपनी में पैसा लगाने के लिए बफे आखिर क्या देखते हैं.....


आगे पढे़ं- उनके पहले टिप्स के बारे में......

नंबर-1:  वैल्यू इनवेस्टिंग- उचित वैल्यूएशन पर ही करें खरीददारी
वैल्यू इनवेस्टिंग, स्टॉक चुनने का मैथड है। इसका मतलब है कि आप उन कंपनियों के शेयर चुनें जिनका आमदनी, डिविडेंड, बुकवैल्यू और कैशफ्लो के हिसाब से फंडामेंटल  काफी मजबूत हो, लेकिन वह अंडरवैल्यूड हो या ये कहें जिनकी कीमतों में आने वाले समय में बढ़ोतरी की संभावना हो।

 

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नंबर-2: क्वालिटी रखती है मायने
 क्वालिटी बिजनेस में ग्रोथ और कंपाउंड कैश फ्लो की संभावना ज्यादा होती है। वहीं, लो-क्वालिटी बिजनेस अमूमन डूब जाते हैं। ऐसे में मार्केट मैनेजर्स भी आपको नहीं बचा पाते। हमेशा ऐसे काबिल मैनेजर्स को साथ रखना चाहिए, जिनके हित आपसे मिलते हों।

 

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नंबर-3: उतार-चढ़ाव देते हैं अवसर
कंपनी को देखते हुए निवेश पर ज्यादा खर्च या अनुमान से ज्यादा का भुगतान करना, जोखिम कहा जा सकता है। वैल्यू से ज्यादा कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव (प्राइस वोलेटिलिटी) अवसर दे सकता है।

 

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नंबर4:  मौका न हो तो न करें इनवेस्ट
 ऐसी घटना कभी भी हो सकती है, जिसकी उम्मीद नहीं हो। इसके लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। आप निवेश से जुड़ी कुछ गलतियां कर सकते हैं और उसके बावजूद कामयाब हो सकते हैं। सही मौका नहीं मिल रहा है तो कैश रखने में समझदारी होती है।

 

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नंबर-5: इनवेस्टमेंट से ज्यादा अहम है रिटर्न
ये मायने नहीं रखता कि आप पब्लिक कंपनी, प्राइवेट कंपनी, डेट, प्रिफेर्ड शेयर या इक्विटी में से कहां निवेश कर रहे हैं। इनवेस्टमेंट के तरीके से ज्यादा उससे मिलने वाला रिटर्न ज्यादा अहम होता है। 

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