बचत /रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को संभालने के 6 तरीके

  • आप के पास पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस प्लान होगा तो निश्चित तौर पर वह मुश्किल वक्त में आपका मददगार बनेगा

Moneybhaskar.com

Jul 12,2019 02:17:49 PM IST

नई दिल्ली. दुनिया भर में स्वास्थ्य की देखरेख की लागत बढ़ रही है जिसे लेकर हर कोई फिक्रमंद है। सेवानिवृत्त हो चुके लोगों के लिए यह ज्यादा चिंता की बात है क्योंकि उम्र की वजह से सेहत संबंधी कई परेशानियां पैदा हो जाती हैं जिन्हें नियमित रूप से देखभाल की जरूरत होती है। यदि आप के पास पर्याप्त हैल्थ इंश्योरेंस प्लान होगा तो निश्चित तौर पर वह मुश्किल वक्त में आपका मददगार बनेगा। हम यहां ऐसे 6 तरीके बता रहे हैं जिन पर अमल करते हुए आप स्वास्थ्य की लागत को प्रभावी ढंग से संभाल सकेंगे।

1. प्लान वो जो हकीकत में काम आए

रिटायरमेंट के बाद के लिए फाइनेंशियल प्लान बनाने के लिए गहराई से चिंतन करने की जरूरत होती है। माॅर्टगेज से लेकर हैल्थकेयर तक हर पहलू को सुनियोजित करना आवश्यक है ताकि जीवन के वित्तीय पक्ष पर आपका बेहतर नियंत्रण हो सके। ऐसा करने के लिए आपको कुछ अहम कारकों पर विचार करने की आवश्यकता है।

- महंगाई : भविष्य के लिए वित्तीय योजना बनाते वक्त महंगाई की दर को ध्यान में रखें।
- क्या हो सकता है? हम नहीं जानते की भविष्य में हमारी सेहत कैसी होगी। इसलिए विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों पर विचार करते हुए योजना बनानी चाहिए।
- स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न जरूरतों पर गौर : स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें भिन्न-भिन्न प्रकार की हो सकती हैं। आपको कैसा इलाज चाहिए होगा उसके मुताबिक लागत में भी काफी बदलाव आएगा।

2. सही इंश्योरेंस प्लान में निवेश

सेहत की लागत के मुकाबले के लिए सबसे बड़ा हथियार है विभिन्न बीमा योजनाएं जिन्हें आप खुद को सुरक्षित करने के लिए तैयार करते हैं। किसी खास हैल्थ इंश्योरेंस कवर के लिए आपको कितना प्रीमियम चुकाना होगा यह जानने के लिए आप आनॅलाइन हैल्थ इंश्योरेंस कैल्कुलेटर का सहारा ले सकते हैं। रिटायर्ड लोग विभिन्न प्रकार के इंश्योरेंस कवर का लाभ उठा सकते हैं जैसे इंडिविजुअल इंश्योरेंस, फैमिली फ्लोटर आदि।

3. तय करें की आपको कितना हैल्थ इंश्योरेंस चाहिए

यह तय करना बड़ा चुनौतीपूर्ण है की अगर आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़ा या आपको कोई गंभीर रोग हो गया ऐसी स्थिति में आपको कितना कवर चाहिए होगा। तो, अंतिम फैसला करने से पहले आपको कुछ चीजों पर गौर करना होगा। सबसे पहले आपको पता करना होगा की आपके इलाके में अस्पताल में भर्ती होने की लागत क्या है। अगर आपके परिवार में किसी खास बीमारी का इतिहास रहा है तो यह जरूर मालूम करना चाहिए की उस रोग विशेष के उपचार पर कितना खर्चा आता है। आंकड़ों के मद्देनजर कहा जाए तो कम से कम 5 लाख रुपए का हैल्थ कवर तो लेना ही चाहिए। इसके साथ ही यह भी ध्यान में रखना चाहिए की स्वास्थ्य उद्योग में 15 प्रतिशत की दर से महंगाई बढ़ रही है।

4. दीर्घकालीन योजना बनाएं

60 साल की उम्र के बाद सेहत के मुद्दे ज्यादा गंभीर होने लगते हैं। हो सकता है की आपको लंबे वक्त तक विशेष देखभाल की जरूरत पड़े। इसमें न केवल लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना शामिल हो सकता है बल्कि यह भी हो सकता है की अस्पताल से छुट्टी के बाद घर पर नर्सिंग केयर की आवश्यकता पड़े। इस स्थिति में क्रिटिकल इलनैस इंश्योरेंस पालिसी सहायक हो सकती है क्योंकि यह उन पहलुओं को कवर करती है जिनमें दीर्घकाल तक देखभाल की आवश्यकता पड़ती है।

5. हर साल हैल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की समीक्षा करें

हैल्थकेयर की लागत और बीमा पाॅलिसियां समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसलिए यह बहुत अहम है की आप हर वर्ष अपने बीमा कवर की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें की आपके पास जितना संभव हो, सर्वश्रेष्ठ पॉलिसी हो। अपनी बदलती जरूरतों के मुताबिक सेहत का बीमा खरीदें ताकि आप जिस प्रीमियम का भुगतान कर रहे हैं वह बर्बाद न जाए।

6. सेहतमंद रहें

स्वास्थ्य की लागत को संभालने का सबसे अच्छा तरीका है की सेहतमंद बने रहें। यदि आप शारीरिक व मानसिक रूप से फिट हैं तो बहुत सारे हैल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीदने की कोई जरूरत नहीं है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाए खानपान की स्वास्थ्यकर आदतें अपनाएं और रोज़ाना व्यायाम करें। सही वित्तीय योजना से आप सेहत पर खर्च होने वाला बहुत सा पैसा बचा सकेंगे।

लेखक - ईश्वरनटराजन एन. कोटक जनरल इंश्योरेंस के सीनियर ईवीपी, सीओओ (डिस्ट्रीब्यूशन, अंडर राइटिंग एंड ऑपरेशन्स) हैं।

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