इंश्योरेंस /ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदते समय इन चार खतरों को पहचानें 

  • इंश्योरेंस खरीदना अब आसान ऑनलाइन तरीके से हो रहा है, पर उसके साथ बीमा धारक को कुछ खतरे भी उठाने पड़ते है

Moneybhaskar.com

Sep 17,2019 03:27:28 PM IST

नई दिल्ली. आज की इस दुनिया में फाइनेंस और तंत्र ज्ञान एकदूसरे के साथ जुडे हुए है। फिनटेक आज एक अच्छा कारोबार बन चुका है। फिर भी “इन्शूरटेक” इस मे पीछे नहीं है। इन्शूरटेक का मतलब यह है की तंत्र ज्ञान के प्रयोग से अधिकतर टेक डिजिटल सेवी ग्राहकों को सेवा प्रदान करना।क्रांति आज की बड़ी जरूरत है फिर भी इस तंत्र ज्ञान के कुछ खतरे भी है जिनसे आपको अवगत कराना जरूरी है।

हैकर्स से बचें -

जब कभी आप ऑनलाइन काम करते है या जानकारी शेयर करते है तब आप हैक होने का खतरा रहता है। पर्सनल आइडेटिफाईएबल इन्फार्मेशन (पीआईआई) आपकी काफी महत्त्वपूर्ण जानकारी होती है। बीमाधारक को यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इस जानकारी कि सुरक्षा और नियमित रूप से देखभाल करें। कंपनी की साइट को ब्राउजर के एड्रेस बार पर टाइप करे और ना कि ईमेल मे आयी लिंक से। यह महत्त्वपूर्ण है की इंश्योरेंस खरीदने से पहले आप के उपकरण में सिक्युरिटी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया हो। इस के लिए एंटीवायरस प्रोटेक्शन और एन्टी स्पाई वेअर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें।

सुरक्षित इंटरनेट का प्रयोग-

ग्राहकों को उनकी पीआईआई (पर्सनल आईडेंटिफाईएबल इन्फार्मेशन) किसी के साथ शेयर करते वक्त सावधानी बरतनीं चाहिए विशेषरूप से जब वे असुरक्षित इंटरनेट का प्रयोग करते हो। जब हॉट स्पॉट, लॉग और कोई भी वैयक्तिक जानकारी भेज रहें हो तो यह सुनिश्चित करें की वेबसाइट पूर्ण रूप से स्क्रिप्टेड हो ( वेबसाईट की शुरूआत एचटीटीपीएस है या नहीं इस की जांच करें) अपने अकाउंट पर अधिक समय साइन्ड इन ना रहे। अगर आप वाईफाई या हॉट स्पॉट से आपका ऑनलाइन अकाउंट चेक करते है तो वर्चुअल प्राईवेट नेटवर्क (वीपीएन) का प्रयोग करें।

पर्सनल कान्सेप्ट-

ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदते समय ग्राहकों की पर्सनल कान्सेप्ट काफी जरूरी होती है। बीमा रोजमर्रा खरीदने की चीज नहीं है। यह काफी वैयक्तिक चीज होती है और कभी कभार खरीदी जाती है। डिफॉल्ट क्‍लिक‘आई हैव रेड दी टर्म्स एन्ड कंडिशन (टीएन्डसी). टीएन्डसी एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसलिए पॉलिसी खरीदने के लिए लॉग इन या साइन अप करने से पहले उन्हें ठीक से पढ़े। इसलिए अपनीं वैयक्तिक जानकारी के लिए ‘टीएन्डसी एप्लाइड’ को ठीक से पढें।

अपनीं पॉलिसी को समझें -

जब आप ऑनलाइन मंच से सीधे पॉलिसी खरीदते है तब उस उत्पादन की जानकारी आपको दी जाती है। उस जानकारी को ठीक से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि वह पॉलिसी आपकी जरूरतों के अनुसार हो। कई बार साइट पर स्मार्टबॉट्स और ऐप होते है जहां आपकी जरूरत के अनुसार आपकी समस्याओं का समाधान किया जाता है। उन एजेंट्स से बात करें। इस से कई ग्राहकों को बुरे सरप्राइजेज से बचने में मदद मिलेगी।


( लेखक- बिकास चौधरी, एपॉईंटेड एक्च्युअरी और चीफ रिस्क ऑफिसर, फ्यूचर जनरली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड)

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