Home » Personal Finance » Financial Planning » UpdateEPFO - ईपीएफओ ने ज्यादा पेंशन देने से किया इनकार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला नकारा

सितंबर 2014 के बाद शुरू की है नौकरी तो EPFO नहीं देगा ज्‍यादा पेंशन का ऑप्‍शन

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन ने सितंबर 2014 में वेज लिमिट 15,000 रुपए तय की थी।

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नई दि‍ल्ली. अगर आपने सितंबर 2014 के बाद प्राइवेट सेक्टर में नौकरी ज्वॉइन की है तो पेंशन फंड में ज्‍यादा कंट्रीब्यूशन का ऑप्शन आपके लिए नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सितंबर 2014 में वेज लिमिट 15,000 रुपए तय की थी। आपकी कंपनी 15,000 रुपए का 12 फीसदी य ही पीएफ में कंट्रीब्यूट कर सकती है। इसका 8.33 फीसदी यानी 1250 रुपए ही आपके पेंशन फंड में जाता है। कंपनी के कंट्रीब्यूशन का बाकी पैसा इम्प्लाइज प्रॉविडेंट फंड में जाता है। 
 
 

सरकार ने पेंशन फंड के लिए तय कर दी है लिमिट 

 

ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ के महासचिव और सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के मेंबर विरजेश उपाध्‍याय ने moneybhaskar.com को बताया कि सितंबर 2014 के बाद नौकरी ज्वॉइन करने वाले एम्पलाई पेंशन फंड में ज्‍यादा कंट्रीब्यूशन करने के लिए रिक्वेस्ट नहीं कर सकते हैं। सरकार ने सितंबर 2014 में इसके लिए वेज लिमिट 15,000 रुपए तय कर दी है। अब किसी कर्मचारी की सैलरी चाहे जो हो। उसके पेंशन में कंट्रीब्यूशन इसी वेज लिमिट के अंदर ही होगा। अगर सरकार यह लिमिट बढ़ा देती है तो इसके साथ ही पेंशन फंड में कंट्रीब्यूशन भी बढ़ जाएगा। 
 

इनके लिए है ऑप्शन 

 

ईपीएफओ जिन मेंबर्स ने सितंबर 2014 के पहले नौकरी ज्वॉइन की है वे अपने पेंशन फंड में कंट्रीब्यूशन बढ़ाने के लिए अपनी कंपनी के पास आवेदन कर सकते हैं अगर उनकी कंपनी उनके आवेदन को स्‍वीकार कर लेती है तो उनके पेंशन फंड में ज्‍यादा कंट्रीब्यूशन शुरू हो सकता है। 
 

ज्‍यादा कंट्रीब्यूट करने वालों को मिलेगी ज्‍यादा पेंशन 

 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि अगर किसी ईपीएफ मेंबर के पेंशन फंड में संवैधानिक लिमिट से ज्‍यादा सैलरी पर कंट्रीब्यूशन हुआ है तो उसे ज्‍यादा पेंशन मिलेगी। ईपीएफओ ने मार्च 1996 में एक संशोधन के जरिए प्रावधान किया था कि कोई मेंबर चाहे तो पेंशन फंड में ज्‍यादा कंट्रीब्यूट कर सकता है। 
 

...तो नहीं मिल सकती 7500 से ज्‍यादा पेंशन 

 

अगर आप संगठित क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ)  के सदस्‍य हैं तो मौजूदा नियमों के तहत आपको अधिकतम 7500 रुपए ही पेंशन मिल पाएगी। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि मौजूदा समय में एम्पलाई प्रॉविडेंट फंड स्कीम के तहत अधिकतम वेज लिमिट 15000 रुपए है। अगर यह लिमिट फ्यूचर में नहीं बढ़ती है तो आप की अधिकतम पेंशन 7500 रुपए ही होगी। 
 
आगे पढ़ें...क्‍या है पेंशन तय करने का फार्मूला 

 

यह है पेंशन तय करने का फार्मूला 

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि अगर कोई मेंबर रिटायर होता है तो उसकी पेंशन पेंशनेबल सैलरी के आधार पर तय की जाती है। इसके लिए पिछले पांच साल की सैलरी का औसत निकाला जाता है। इस तरह से पेंशनेबल सैलरी तय होती है। पेंशन तय करने का फार्मूला है। यह फार्मूला 1995 के बाद नौकरी ज्‍वाइन करने वालों के लिए है। 

पेंशन अमाउंट = पेंशनेबल सैलरी × सेवा की अवधि/ 70

मान लेते हैं किसी पीएफ मेंबर की पेंशनेबल सैलरी 15000 है और उसने 30 साल नौकरी की है। मौजूदा नियमों के हिसाब से उसे 2 साल का बोनस मिलेगा। इस तरह से उसकी सेवा की अवधि 32 साल हो जाएगी तो उसकी पेंशन मौजूदा फार्मूले के तहत 6858 रुपए होगी। 

पेंशन अमाउंट = 1500 × 32 साल/ 70 
मंथली पेंशन होगी 6,858 रुपए

 

35 साल की नौकरी तो मंथली पेंशन 7500 

अगर 2 साल का बोनस जोड़ कर किसी मेंबर की नौकरी की अवधि 35 साल होती है तो उसे मौजूदा वेज लिमिट के आधार पर 7500 रुपए पेंशन मिलेगी। अगर भविष्‍य में सरकार वेज लिमिट को 15000 रुपए से बढ़ा कर 20,000 रुपए या 25,000 रुपए कर देती है तो इम्‍पलाइज पेंशन स्‍क्‍ीम के तहत मेंबर की पेंशन बढ़ जाएगी। 

 

इम्‍प्‍लाइ पेंशन स्‍क्‍ीम के तहत मिलती है पेंशन 

ईपीएफ मेंबर्स को इम्‍पलाइ पेंशन स्‍कीम के तहत पेंशन मिलती है। इसके लिए जरूरी है कि मेंबर ने कम से कम 10 साल बिना ब्रेक के सेवा पूरी की हो। इम्‍पलाइ पेंशन स्‍क्‍ीम के तहत 58 साल की उम्र में रिटायरमेंट पर पेंशन लिलती है या 50 साल की उम्र पूर भी अर्ली पेंशन मिलती है। 

 

सरकार करती है पेंशन फंड में योगदान 

इम्‍पलाइ पेंशन फंड में कंपनी के मंथली कंट्रीब्‍यूशन का 8.33 फीसदी हिस्‍सा जाता है। इसके अलावा सरकार भी फंड में कर्मचारी की सैलरी का 1.16 फीसदी योगदान करती है। मौजूदा समय में इम्‍पलाइज पेंशन स्‍क्‍ीम के तहत न्‍यूनतम पेंशन 1,000 रुपए है। यानी अगर किसी की पेंशन 1,000 रुपए से कम बनती है तब भी सरकार उसे हर माह 1,000 रुपए पेंशन सुनिश्चित करेगी। 

 

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