फाइनेंशियल प्लानिंग /निवेश पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न पाने के लिए आसान उपायों से वित्त प्रबंधन कर सकती हैं महिलाएं

  • अक्सर देखा गया है कि महिलाओं को निवेश करने में झिझक होती है
  • वे इस मामले में पुरुषों से कम आक्रामक दिखती है

Moneybhaskar.com

Jan 10,2020 02:47:15 PM IST

नई दिल्ली. महिलाएं आजकल कई क्षेत्रों में पुरुषों को पीछे छोड़कर आगे निकल रही है। इसमें वेतन की समानता भी शामिल है, जो अंसभव दिखने वाला सपना नहीं रह गया है। हालांकि अगर हम महिलाओं के निवेश की बात करें तो एक अलग ही कहानी निकलकर सामने आती है। कई अध्ययन से साबित होता है कि महिलाओं को निवेश करने में न केवल झिझक होती है, बल्कि इस मामले में पुरुषों से कम आक्रामक दिखती है। हालांकि इसे लिंग भेद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए क्योंकि निवेश में कोई शारीरिक श्रम शामिल नहीं होता और न ही यहां महिलाओं के लिए किसी तरह की सीमाएं या बंधन हैं। इसके बाद भी महिलाओं के लिए अपने पैसे का ठीक ढंग से निवेश करने के तरीके के बारे में काफी खोजबीन बाकी है। इस विषय में रिसर्च करते हुए महिलाओं के लिए निवेश के रास्ते में आने वाली रुकावटों को देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही निवेश से प्राप्त होने वाले लाभों को भी सामने लाना चाहिए, जिससे महिलाओं को भी क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

हम महिलाओं को निवेश में सक्रिय रूप से दिलचस्पी लेते क्यों नहीं देखते?

मौजूदा दौर में आर्थिक स्वतंत्रता महिलाओं की सबसे बड़ी जरूरत है। महिलाओं और पुरुषों के निवेश के तरीकों में अंतर के निम्नलिखित कारण है।

1. आमदनी में अंतर

हालांकि महिलाओं और पुरुषों को एक ही काम के लिए मिलने वाले वेतन में अंतर काफी हद तक कम हुआ है, लेकिन इस दिशा में संतुलन कायम करने के लिए अभी बहुत कुछ करना ज़रूरी है। आय में अंतर महिलाओं के निवेश में कम दिलचस्पी लेने का कारण हो सकता है, लेकिन इसे महिलाओं के अपनी आय का कोई भी हिस्सा निवेश नहीं करने का उचित कारण नहीं माना जाना चाहिए।

2. बचत और निश्चित रूप से रिटर्न मिलने के प्लान को प्राथमिकता

जब निवेश की बात आती है तो महिलाओं की सबसे पहली पसंद वह प्लान होते हैं, जहां से उन्हें फिक्सड रिटर्न मिल सकें। महिलाओं ने जोखिम लेकर जीवन के कई क्षेत्रों में सफलता हासिल की है। पर जहां रुपये-पैसे की बात आती है, वहां महिलाएं पूरी तरह अपने को बांध लेती है और रूढ़िवादी और परंपरावादी तरीके से सोचती हैं। हालांकि वह अपने जीवन के बाद के वर्षों में निवेश की बात सोचती है, लेकिन तब तक वह अपने निवेश पर ज्यादा रिटर्न मिलने का अवसर खो देती है। अगर यह धन महिलाएं अपनी उम्र के प्रारंभिक दौर में निवेश करें तो उन्हें ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है।

3. मदद का अभाव

आमतौर पर महिलाएं निवेश के बाद अपना पैसा डूबने की खौफनाक कहानियों से पुरुषों से कहीं जल्दी प्रभावित हो जाती हैं। आमतौर पर यह निवेश संबंधी ज्ञान और जागरूकता न होने के कारण होता है। निश्चित रूप से सभी निवेश में बहुत बड़ा जोखिम नहीं होता। हालांकि आप जितना ज्यादा से ज्यादा जोखिम लेने और रिस्क मैनेजमेंट करने में जागरूक होते हैं, आपको उतना ज़्यादा से ज़्यादा लाभ प्राप्त होने की संभावना रहती है।

महिलाओं के लिए निवेश संबंधी टिप्स

निवेश के गुणा-भाग का आकलन करते हुए अगर बुद्धिमानी से और जल्दी निवेश किया जाए तो इससे महिलाओं को अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है। यहां निवेश के संबंध में कुछ टिप्स दिए गए हैं।

1. अपने आप को शिक्षित कीजिए

हजारों मील का सफर एक कदम उठाने से शुरू होता है। वित्त प्रबंधन के बारे में आप जितना संभव हो सकें, ज्यादा से ज्यादा जानने और समझने की कोशिश कीजिए। निवेश के तरीकों के बारे में अपना ज्ञान बढ़ाने के लिए कई ऐप्स, वर्कशॉप्स और ब्लॉग ऑनलाइन और ऑफलाइन मौजूद हैं। इसमें आपको कुछ खर्च नहीं करना पड़ेगा। अपने धन का उचित निवेश का सबसे बेहतरीन तरीका पहले इस संबंध में ज्यादा से ज्यादा शिक्षित होना है।

2. निवेश की रणनीति बनाइए

महिलाओं को किसी भी क्षेत्र में निवेश की योजना बनाते समय कई लिंग आधारित विशेषताओं जैसे पुरुषों के मुकाबले उनकी आमदनी में असमानता और पुरुषों की तुलना में उनके ज्यादा लंबी उम्र तक जीने की संभावना या जीवन प्रत्याशा पर विचार करना चाहिए, जिससे उन्हें उनकी उम्मीद के मुताबिक रिटर्न देने वाला प्लान मिल सके।

3. जल्दी निवेश कीजिए

कई अध्ययन से यह पता चलता है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज़्यादा उम्र तक जीती हैं। ज़्यादा उम्र तक जीने का मतलब अपने और अपने परिवार के गुज़ारे के लिए ज़्यादा धन की ज़रूरत। यह जरूरत केवल आपकी बचत से पूरी नहीं हो सकती इसलिए भविष्य को सुरक्षित रखने का बुद्धिमानीपूर्ण तरीका कम उम्र में निवेश करना है।

4. खुद का मूल्यांकन कीजिए और अपने दायरे को फैलाइए

महिलाएं लंबी अवधि के निवेश संबंधी प्लान में दिलचस्पी लेती है, पर रिटर्न हासिल करने में अपना प्रदर्शन को सुधारने के लिए महिलाओं को कुछ जोखिम लेकर इस धारणा से बाहर निकलना चाहिए कि “मैं केवल निश्चित रूप से रिटर्न देने वाले प्लान में ही निवेश करूंगी, चाहे उससे मुझे कम रिटर्न ही मिले।“ महिलाओं को अपने निवेश का दायरा फैलाना चाहिए और किसी एक ही जगह पर अपना ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए।

शुरुआत कीजिए

महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत वित्तीय जिंदगी की जरूरत पर ध्यान देना चाहिए। आप निवेश के उचित माध्यमों के बारे में जानकारी लेने के लिए फाइनेंशल प्लानर की मदद लेने पर विचार कर सकते हैं। इससे आप किसी भी फाइनेंशियल प्लान का सफलतापूर्वक आकलन कर सकते हैं। इसका कोई वाजिब कारण नहीं है कि महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले कम निवेश क्यों करना चाहिए। निवेश के क्षेत्र में नए और अनुभवहीन हैं तो कई फाइनेंशियल प्लानर आपकी मदद के लिए उपलब्ध है। आज निवेश के कई विकल्प मौजूद है, जिसमें सभी की जरूरतों को पूरा करने वाला कुछ न कुछ है। हालांकि किसी भी कारण से निवेश न करने का फैसला समझदारी भरा निर्णय नहीं है। वित्तीय रूप से अपने भविष्य को सुरक्षित करना मौजूदा दौर की किसी जरूरत जितना ही महत्वपूर्ण है, इसलिए शुरुआत कीजिए और इसे प्राथमिकता दीजिए।

लेखक- जश्न अरोड़ा, निदेशक, मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड

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