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GST पास होगा या फेल, इस आदमी पर टिकी है मोदी की नजर

जीएसटी की सफलता मोदी के लि‍ए बहुत मायने रखती है, क्‍योंकि‍ इसके पास या फेल होने का असर लोकसभा चुनाव पर पड़ सकता है।

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नयी दिल्ली। जीएसटी की सफलता मोदी के लि‍ए बहुत मायने रखती है, क्‍योंकि‍ इसके पास या फेल होने का असर लोकसभा चुनाव पर पड़ सकता है। अब जनता इंतजार कर रही है कि‍ जीएसटी की बदौलत होने वाला लाभ उनकी जेब में कब आएगा। तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के कठघरे में जीएसटी को पास कराने की जि‍म्‍मेदारी बद्री नारायण शर्मा के कंधों पर रख दी है।

सरकार ने राजस्थान कैडर के आईएस शर्मा को नैशनल एंटी प्रॉफियटरिंग अथॉरिटी (एनएए) का चेयरमैन बना दिया है। इस अथॉरि‍टी का काम ये सुनि‍श्‍चि‍त करना है कि‍ जीएसटी लगने की वजह से जि‍न चीजों में टैक्‍स रेट में कमी आई है, वह चीजें अब आम जनता को अब सस्‍ती मि‍लनी चाहि‍एं। ऐसा न हो कि‍ इसका फायदा बीच के लोग या कारोबारी उठा लें। अगर शर्मा इस काम को सही ढंग से अंजाम दे पाए तो बहुत हद तक मुमकि‍न है कि‍ जनता की अदालत में जीएसटी पूरे नंबरों से पास हो जाए।

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कैसे काम करेगी यह अथॉरि‍टी

आप खुद कैसे और कहां कर सकते हैं शि‍कायत

कि‍स तरह की पेनाल्‍टी का है प्रावधान

 

 

 

 

 

कैसे काम करेगी यह अथॉरि‍टी

इस अथॉरिटी को बनाने के पीछे सरकार का मकसद है कि‍ कंपनि‍यां रेट में हुई कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाएं। दरअसल जीएसटी लागू होने की बदौलत कई चीजों पर टैक्‍स रेट कम हो गए हैं। इसके अलावा कंपनि‍यों को इनपुट टैक्‍स क्रेडि‍ट का लाभ भी सरकार दे रही है। ऐसे में कंपनि‍यों के लि‍ए यह जरूरी हो जाता है कि‍ उनको जो लाभ सरकार की ओर से मि‍ल रहा है वह उसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाएं। इस कमेटी का काम इसी पर नजर रखना है। अगर कारोबारी ऐसा नहीं करते तो यह अथॉरि‍टी उनके खि‍लाफ एक्‍शन लेगी। 

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कैसे करेंगे शिकायत

अगर किसी कस्टमर को लगता है कि उससे किसी सामान या सर्विस के लिए GST के तहत ज्‍यादा पैसे लिए गए हैं तो वह इसकी शिकायत NAA की स्‍क्रीनिंग कमेटी के सामने कर सकता है। 
कस्टमर को यह शिकायत उसी राज्‍य में करनी होगी, जहां से जुड़ा यह मामला होगा। अगर मामला ऐसा है, जिससे कई राज्‍य के लोगों पर असर हो सकता है तो शिकायत सीधे स्‍टैंडिंग कमेटी के सामने रखी जा सकती है। आगे पढ़ें ऐसे होगी मामले की सुनवाई 

डीजी सेफगार्ड के पास जाएगा मामला

शुरुआती जांच में शिकायत सही पाई जाएगी तो उसे आगे की जांच के लिए डायरेक्‍टर जनरल सेफगार्ड के पास भेजा जाएगा। जांच के बाद डीजी अपनी रिपोर्ट NAA के पास भेजेंगे। इसके बाद NAA इस पर कार्रवाई करेगा। आगे पढ़ें कारोबारी पर हो सकती है ये कार्रवाई

GST रजिस्‍ट्रेशन भी हो सकता है कैंसिल

कारोबारी ने कस्टमर से जीएसटी के नाम पर अगर ज्यादा पैसा लिया है तो डीजी की जांच रिपोर्ट के बाद NAA कारोबारी से समेत पैसा वापस करवाएगा। इसके अलावा पेनाल्‍टी का भी प्रावधान है। अगर कारोबारी ने पैसा लौटाया, लेकिन किसी वजह से यह कस्टमर तक नहीं पहुंच पाया तो इसे कंज्‍यूमर वेलफेयर फंड में डाल दिया जाएगा। NAA को अगर लगता है कि ज्‍यादा सख्‍त कार्रवाई की जरूरत है तो वह संबंधित कारोबारी का GST रजिस्‍ट्रेशन भी कैंसल कर सकता है।  

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