निवेश /सही ईएलएसएस का चुनाव करने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • ईएलएसएस में निवेश पर टैक्स छूट मिलती है और संपत्ति भी बढ़ती है

Moneybhaskar.com

Sep 03,2019 04:39:06 PM IST

नई दिल्ली. इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस) में टैक्स छूट और संपत्ति निर्माण का दोहरा लाभ मिलता है। आयकर कानून की धारा 80सी के तहत ईएलएसएस में निवेश के जरिए हर साल 1.50 लाख रुपये तक का टैक्स लाभ उठाया जा सकता है। इसमें निवेश को तीन साल के लिए बरकरार रखना होता है। इसलिए सही फंड का चुनाव करना जरूरी है। सही फंड का चुनाव करने के लिए निवेशकों को इन बातों पर गौर कर लेना चाहिए :

पोर्टफोलियो का झुकाव

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक ईएलएसएस मल्टीकैप इक्विटी फंड होता है। इसके साथ ही कुछ फंड का झुकाव लार्जकैप, कुछ का मिडकैप और स्मॉलकैप की तरफ होता है। लार्ज कैप की ओर झुकाव रखने वाले फंड के वैल्यू में सुस्ती के दौरान कम गिरावट आती है। बाजार में तेजी आने पर लार्ज कैप तेजी से प्रतिक्रिया दिखाता है। दूसरी ओर मिड कैप या स्मॉलकैप जैसे छोटे शेयरों पर फोकस्ड फंड में लाभ की संभावना अधिक रहती है, लेकिन उनमें जोखिम भी अधिक होता है। इन्वेस्को टैक्स प्लान और टाटा टैक्स सेविंग्स स्कीम जैसे कुछ फंड लार्ज कैप शेयरों में प्रमुखता से निवेश करते हैं। दूसरी ओर आईडीएफसी टैक्स सेविंग स्कीम और आदित्य बिड़ला सनलाइफ टैक्स रिलीफ96 जैसे कुछ फंड मिडकैप और स्मॉलकैप में प्रमुखता से निवेश करते हैं।

टॉप शेयरों में निवेश का अनुपात

एक निवेशक को यह देखना चाहिए कि पोर्टफोलियो टॉप शेयरों में फंड ने कितना निवेश किया है। आईडीएफसी टैक्स एडवांटेज फंड ने टॉप पांच फीसदी शेयरों में 22 फीसदी से अधिक निवेश किया है। टाटा टैक्स सेविंग्स स्कीम ने टॉप पांच फीसदी शेयरों में 35 फीसदी से अधिक निवेश किया है। थोड़े शेयरों में अधिक निवेश का खतरा यह है कि इन शेयरों में गिरावट से फंड वैल्यू को बड़ा झटका लगता है। दूसरी ओर बहुत अधिक शेयरों में थोड़ा-थोड़ा निवेश (डायवर्सिफाइड) करने का नुकसान यह है कि किसी शेयर में तेजी का अधिक लाभ नहीं मिल पाता है।

निरंतर रिटर्न दे पाने में सक्षम

पिछले साल के रिटर्न को ही चुनाव का आधार न बनाएं। फंड ने किस प्रकार से निवेश की नीति अपनाई उसके कारणों पर ध्यान दें। 2017 में आईडीएफसी टैक्स एडवांटेज जैसे फंड ने छोटे शेयरों पर फोकस किया और बढ़िया रिटर्न दिया। 2018 में बड़े शेयरों में निवेश करने वाले फंड ने बढ़िया रिटर्न दिया। यह देखें कि फंड लगातार अलग-अलग परिस्थितियों में अच्छा रिटर्न दे पा रहा है या नहीं। यह भी देखें कि बाजार का माहौल क्या है। कभी वे फंड अच्छे होते हैं, जो नुकसान को कम रख सकते हैं। किसी अन्य समय में वे फंड अच्छे हो सकते हैं, जो अधिक फायदा द सके।

लंबे समय के लिए करें निवेश

ईएलएसएस की लॉकइन अवधि कम से कम तीन साल होती है। लेकिन लंबी अवधि में शेयर अधिक रिटर्न देते हैं। कई बार शेयर तीन साल में शेयर अपनी गिरावट से पूरी तरह वापस नहीं लौट सकते हैं। इसलिए बेहतर रिटर्न पाने के लिए लंबी रखें निवेश की अवधि।

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