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EPF मेंबर्स को अब भी मिल सकती है ज्‍यादा पेंशन, EPFO का एग्‍जीक्‍यूटिव ऑर्डर बन सकता है वजह

पने अगर 1 सितंबर 2014 के पहले संगठित क्षेत्र में नौकरी ज्‍वाइन की है तो आपको अब भी ज्‍यादा पेंशन मिल सकती है।

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नई दिल्‍ली। आपने अगर 1 सितंबर  2014 के पहले संगठित क्षेत्र में नौकरी ज्‍वाइन की है तो आपको अब भी ज्‍यादा पेंशन मिल सकती है। भले ही कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन ईपीएफओ ने पेंशन फंड में ज्‍यादा पैसा जमा कराने का प्रावधान एग्‍जीक्‍यूटिव ऑर्डर से खत्‍म कर दिया है। लेकिन अगर अदालत में ईपीएफओ के इस आदेश को चुनौती दी जाती है तो यह आदेश लीगल स्‍क्रुटनी में शायद ही टिकेगा। 

 

पूर्व सेंट्रल पीएफ कमिश्‍नर केके जालान ने moneybhaskar.com को बताया कि मेरे कार्यकाल के दौरान ही पेंशन फंड में ज्‍यादा कंट्रीब्‍यूशन का प्रावधान एग्‍जीक्‍यूटिव ऑर्डर से खत्‍म किया गया था। लेकिन अदालत में अगर इसे चुनौती दी जाएगी तो शायद ही यह आदेश टिक पाएगा। क्‍योंकि ईपीएफ एक्‍ट में अमेंडमेंट के जरिए यह प्रावधान जोड़ा गया था। ऐसे में इसे अमेंडमेंट के जरिए ही खत्‍म किया जा सकता है। 

 

ईपीएफओ लड़ेगा कानूनी लड़ाई 

 

वहीं सेंट्रल पीएफ कमिश्‍नर डॉ वीपी जॉय का कहना है कि सितंबर 2014 के बाद ईपीएफओ जवाइन करने वाले मेंबर इम्‍पाई पेंशन फंड में 1250 रुपए से ज्‍यादा जमा नहीं करा सकते हैं। इसके लिए वेज सीलिंग 15000 रुपए है और वेज सीलिंग का 8.33 फीसदी ही पेंशन फंड में जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि आगे सुप्रीम कोर्ट क्‍या फैसला करेगा इस पर वे कोई टिप्‍पणी नहीं कर सकते हैं। 

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पीएफ मेंबर्स को मिला है मौका 

 

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अपने एक आदेश में कहा है कि ईपीएफओ को पीएफ मेंबर्स को पेंशन फंड में पूरी सैलरी पर कंट्रीब्‍यूशन का ऑप्‍शन देना होगा। इसका मतलब है कि जिन लोगों ने 1 सितंबर, 2014 से पहले नौकरी ज्‍वाइन की है वे अपनी पूरी सैलरी पर पेंशन फंड में कंट्रीब्‍यूट कर सकते हैं। वे इसके लिए अपनी कंपनी और ईपीएफओ के पास आवेदन कर सकते हैं। 

 

इनको नहीं मिल सकती ज्‍यादा पेंशन 

 

अगर आपने सितंबर 2014 के बाद प्राइवेट सेक्टर में नौकरी ज्वॉइन की है तो पेंशन फंड में ज्‍यादा कंट्रीब्यूशन का ऑप्शन आपके लिए नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सितंबर 2014 में वेज लिमिट 15,000 रुपए तय की थी। आपकी कंपनी 15,000 रुपए का 12 फीसदी य ही पीएफ में कंट्रीब्यूट कर सकती है। इसका 8.33 फीसदी यानी 1250 रुपए ही आपके पेंशन फंड में जाता है। कंपनी के कंट्रीब्यूशन का बाकी पैसा इम्प्लाइज प्रॉविडेंट फंड में जाता है। 

 

नहीं मिल सकती 7500 से ज्‍यादा पेंशन 

 

अगर आप संगठित क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ)  के सदस्‍य हैं तो मौजूदा नियमों के तहत आपको अधिकतम 7500 रुपए ही पेंशन मिल पाएगी। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि मौजूदा समय में एम्पलाई प्रॉविडेंट फंड स्कीम के तहत अधिकतम वेज लिमिट 15000 रुपए है। अगर यह लिमिट फ्यूचर में नहीं बढ़ती है तो आप की अधिकतम पेंशन 7500 रुपए ही होगी। 

 

आगे पढें-क्‍या हैं पेंशन तय करने का फार्मूला 

 

 

ह है पेंशन तय करने का फार्मूला 

 

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि अगर कोई मेंबर रिटायर होता है तो उसकी पेंशन पेंशनेबल सैलरी के आधार पर तय की जाती है। इसके लिए पिछले पांच साल की सैलरी का औसत निकाला जाता है। इस तरह से पेंशनेबल सैलरी तय होती है। पेंशन तय करने का फार्मूला है। यह फार्मूला 1995 के बाद नौकरी ज्‍वाइन करने वालों के लिए है। 

पेंशन अमाउंट = पेंशनेबल सैलरी × सेवा की अवधि/ 70

मान लेते हैं किसी पीएफ मेंबर की पेंशनेबल सैलरी 15000 है और उसने 30 साल नौकरी की है। मौजूदा नियमों के हिसाब से उसे 2 साल का बोनस मिलेगा। इस तरह से उसकी सेवा की अवधि 32 साल हो जाएगी तो उसकी पेंशन मौजूदा फार्मूले के तहत 6858 रुपए होगी। 

पेंशन अमाउंट = 1500 × 32 साल/ 70 
मंथली पेंशन होगी 6,858 रुपए

 

35 साल की नौकरी तो मंथली पेंशन 7500 

अगर 2 साल का बोनस जोड़ कर किसी मेंबर की नौकरी की अवधि 35 साल होती है तो उसे मौजूदा वेज लिमिट के आधार पर 7500 रुपए पेंशन मिलेगी। अगर भविष्‍य में सरकार वेज लिमिट को 15000 रुपए से बढ़ा कर 20,000 रुपए या 25,000 रुपए कर देती है तो इम्‍पलाइज पेंशन स्‍क्‍ीम के तहत मेंबर की पेंशन बढ़ जाएगी। 

 

इम्‍प्‍लाइ पेंशन स्‍क्‍ीम के तहत मिलती है पेंशन 

ईपीएफ मेंबर्स को इम्‍पलाइ पेंशन स्‍कीम के तहत पेंशन मिलती है। इसके लिए जरूरी है कि मेंबर ने कम से कम 10 साल बिना ब्रेक के सेवा पूरी की हो। इम्‍पलाइ पेंशन स्‍क्‍ीम के तहत 58 साल की उम्र में रिटायरमेंट पर पेंशन लिलती है या 50 साल की उम्र पूर भी अर्ली पेंशन मिलती है। 

 

सरकार करती है पेंशन फंड में योगदान 

इम्‍पलाइ पेंशन फंड में कंपनी के मंथली कंट्रीब्‍यूशन का 8.33 फीसदी हिस्‍सा जाता है। इसके अलावा सरकार भी फंड में कर्मचारी की सैलरी का 1.16 फीसदी योगदान करती है। मौजूदा समय में इम्‍पलाइज पेंशन स्‍क्‍ीम के तहत न्‍यूनतम पेंशन 1,000 रुपए है। यानी अगर किसी की पेंशन 1,000 रुपए से कम बनती है तब भी सरकार उसे हर माह 1,000 रुपए पेंशन सुनिश्चित करेगी। 

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