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पैसों के मामले में वाइफ से न छिपाएं ये 5 बातें, वरना होगा बड़ा नुकसान

अगर आप पैसों से जुड़ी बातें अपनी वाइफ से छिपाते हैं तो आपको या आपकी वाइफ को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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नई दिल्‍ली। अगर आप पैसों से जुड़ी बातें अपनी वाइफ से छिपाते हैं तो आपको या आपकी वाइफ को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। अक्‍सर लोग फाइनेंशियल प्‍लानिंग या खर्च को लेकर अपनी वाइफ से बात करना उतना जरूरी नहीं मानते हैं लेकिन इससे कई बार पार्टनर्स के बीच मतभेद पैदा हो जाते हैं और रिश्‍तों पर खराब असर पड़ता है। इसके अलावा अगर आपने अपनी वाइफ को फाइनेंशियल प्‍लानिंग और सेविंग के बारे में सही से जानकारी नहीं दी है और किसी तरह की अनहोनी हो जाती है तो फ्यूचर में आपकी वाइफ को आर्थिक मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। 

 

इनकम के बारे में सही जानकारी न देना 

 

साबाजारडॉटकॉम के अनुसार अक्‍सर लोग अपनी इनकम के बारे में पत्‍नी को सही जानकारी नहीं देते हें। कई वजहों से लोग ऐसा करते हैं। कुछ लोग इन हैंड सैलरी को कुल सैलरी में गैप का सहारा लेकर सैलरी को लेकर झूठ बोलते हैं। लेकिन ऐसा करना गलत है। अगर फ्यूचर में आपकी वाइफ को इस बारे में जानकारी हो जाती है तो आपके लिए दिक्‍कत हो सकती है। इससे आपकी वाइफ की नजर मे आपकी विश्‍वसनी‍यता संदिग्‍ध हो जाएगी और वह आपके हर कदम पर शक करेगी। 

 

सेविंग या निवेश के बारे में जानकारी न देना

 

अगर आप सेविंग ओर निवेश के बारे में वाइफ को जानकारी नहीं देते हैं तो यह भी आपके फ्यूचर के लिए खराब नतीजे ला सकते हैं। अगर आपको लगता है कि आपकी वाइफ को सेविंग ओर निवेश के बारे में खास जानकारी नहीं है। ऐसे में उनसे इस विषय में सलाह लेने का क्‍या फायदा तो आपकी यह सोच गलत है। अगर आपकी वाइफ को पैसों के प्रबंधन के बारे में जानकारी नहीं है तो आपको उन्‍हें इसके बोर में बेसिक जानकारी देनी चाहिए। इसके अलावा सेविंग और निवेश के बारे में जानकारी देने से आपकी वाइफ को आत्‍मविश्‍वास बढ़ेगा। 

 

फाइनेंशियल प्‍लानिंग को लेकर अकेले फैसला करना 

 

अक्‍सर लोग फाइनेंसियल प्‍लालिंग को लेकर अकेले फैसला करते हैं और वाइफ की सलाह नहीं लेते हैं। यह भी गलत है। फाइनेंशियल प्‍लानिंग को लेकर वाइफ से सलाह जरूर करनी चाहिए। हो सकता है कि आप लंबी अवधि के लिए फाइनेंशियल प्‍लानिंग करना चाहते हैं वहीं आपकी वाइफ की कम अवधि या मध्‍यम अवधि के लिए सेविंग करना चाहती हैं। आपकी प्रायरिटी घर खरीदना है तो आपकी वाइफ की प्रायरिटी कुछ और हो सकती है। ऐसे फाइनेंस से जुड़े मसले पर वाइफ को भरोसे में लेकर ही कोई फैसला करना चाहिए। 

 

आगे पढें-सेविंग और इन्‍श्‍योरेंस कवर से जुड़े डाक्‍युमेंट के बारे में वाइफ को जानकारी न होना 

 

 

सेविंग और इन्‍श्‍योरेंस कवर से जुड़े डाक्‍युमेंट के बारे में वाइफ को जानकारी न होना 

 

अक्‍सर लोग सेविंग ओर इन्‍श्‍योरेंस से जुड़े डाक्‍युमेंट अपने पास रखते हैं। कई बार परिवार के लोगों को ही पता नहीं होता है कि डाक्‍युमेंट कहां रखे हैं। ऐसे में अगर निवेशक की मोत हो जाती है तो उसकी वाइफ या परिवार के लोगों को पता ही नहीं होता है कि डाक्‍युमेंट कहां है और इस सेविंग नॉमिनी के नाम कराने या इन्‍श्‍योरेंस क्‍लेम के लिए क्‍या करना चाहिए। ऐसे में हर निवेशक के लिए जरूरी है कि अपनी वाइफ को जीवन की अनश्चितता के बारे में बताएं ओर ऐसी सूरत में जरूरी डाक्‍युमेंट क्‍या हैं और इसको कैसे प्रॉसेस करना है इस बारे में सभी जरूरी बातों की जानकारी दें। 

 

संयुक्‍त खाता 

अक्‍सर लोग सेविंग का ज्‍यादातर पैसा अपने पास रखते हैं। यह नैतिक तौर पर गलत नहीं है लेकिन आप सेविंग के मकसद से वाइफ के साथ संयुक्‍त खाता भी खुलवा सकते हैं। अगर आपकी वाइफ नौकरी नहीं करती हैं ओर आप उनके नाम से संयुक्‍त खाता खुलवाते हैं तो इससे उनको सेविंग और बैंक अकाउंट के बारे में जानकारी रहेगी और हो सकता है धीरे धीर सेविंग और निवेश की स्‍क्‍ीमों के बारे में भी उनकी समझ बेहतर बने। 

 

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