बाल दिवस पर विशेष /बच्चे के जन्म लेते ही उसे दीजिए एक छोटा और नियमित निवेश का तोहफा

  • कंपांउंडिंग के लाभ से लंबी अवधि में बन जाएगा एक बड़ा कोष

Moneybhaskar.com

Nov 14,2019 06:56:18 PM IST

नई दिल्ली. जब आप अपने बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश करते हैं, तो बहुत अधिक पूंजी जमा होने का इंतजार मत कीजिए। यह शुरुआत बच्चे के जन्म के दिन से ही की जा सकती है। क्योंकि जितनी जल्दी आप निवेश शुरू कर देंगे उतनी ही जल्दी मिलेगा कंपाउंडिंग का लाभ। कंपाउंडिंग का मतलब यह है कि आप की मूल पूंजी पर जो रिटर्न मिलता है, उस रिटर्न पर भी भविष्य में रिटर्न मिलता जाता है। इससे आपकी पूंजी तेजी से बढ़ती है और लंबे समय में आपकी पूंजी बहुत अधिक बढ़ जाती है। इस मामले में दो बातों को ध्यान रखना सबसे जरूरी है। पहली यह कि अपने निवेश को परिपक्व होने और बड़ा होने के लिए लंबा वक्त दीजिए। दूसरी बात यह है कि निवेश बनाए रखें। आप कितना अधिक निवेश करते हैं, उससे अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि आप कितना अधिक समय के लिए निवेश करते हैं। निवेश सलाहकार आपको बेहतर रिटर्न के साथ कंपाउंडिंग का लाभ देने वाले साधन का चुनाव करने में मदद कर सकते हैं।

जल्द करें शुरुआत

मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक जितना जल्दी निवेश करेंगे, उतना बड़ा कोष बनेगा। यदि आप बच्चे के जन्म के दिन से ही हर महीने 2,000 रुपए का निवेश शुरू कर देते हैं, साथ ही यदि आपको निवेश पर सालाना 12 फीसदी का रिटर्न मिलता है और यदि आप रिटर्न को भी मूल निवेश राशि के साथ मिलाकर फिर से निवेश करते चले जाते हैं, तो 18 साल में आपका कोष बढ़कर 15 लाख रुपए का हो जाएगा। जबकि इस दौरान आपका मूल निवेश सिर्फ4.32 लाख रुपए का होगा।

निवेश में करेंगे देरी तो बड़े लाभ से चूक जाएंगे

फर्ज कीजिए की आपने निवेश करने में पांच साल की देरी कर दी। तब क्या होगा? यदि आप उतनी ही राशि का निवेश करेंगे और उतना ही रिटर्न आपको मिलेगा, तब जब आपके बच्चे की उम्र 18 साल होगी, तब आपको कोष बढ़कर सिर्फ 7.5 लाख रुपए तक ही पहुंचेगा। आपकाके कोष छोटा इसलिए रह गया, क्योंकि आपने निवेश में देरी कर दी। ऐसे में बड़ा कोष बनाने के लिए आपको अधिक राशि का निवेश करना होगा।

लगातार निवेश करने का अनुशासन बनाए रखें

यह सुनिश्चित करें कि आप कंपाउंडिंग साइकिल को न तोड़ें। पहले के उदाहरण में मान लिया जाए कि आपने 10वें साल में अपने कोष में से दो लाख रुपए निकाल लिए और उतनी राशि को फिर से कोष में नहीं डाला। ऐसी स्थिति में 18वें वर्ष में आपको कोष बढ़कर महज 10 लाख रुपए का ही बन पाएगा। आपने सिर्फ दो लाख रुपए निकाले थे, लेकिन आपको जो नुकसान हुआ वह दो लाख रुपए से ज्यादा है। यदि आपको गंभीर जरूरत की स्थिति में कुछ पैसे निकालने भी पड़ते हैं, तो इस बात का ध्यान रखिए कि उतनी राशि का वापस निवेश कर दीजिए।

ऐसे साधन में करें निवेश जिसमें रिटर्न ऊंचा हो

ऊपर के उदाहरण में मान लिया जाए कि आपने ऐसे साधन में निवेश किया, जिसमें 12 फीसदी नहीं बल्कि आठ फीसदी रिटर्न मिलता है। ऐसी स्थिति में 18 साल में आपका कोष 9.7 लाख रुपए तक ही पहुंच पाएगा। यानी, 12 फीसदी की दर पर आपको जो रिटर्न मिलता, उसके मुकाबले आपको 5.3 लाख रुपए का नुकसान हुआ।

लगातार बढ़ाते जाएं मूल निवेश की राशि

निवेश की मूल राशि को बढ़ाने से आपको आश्चर्यजनक लाभ मिल सकते हैं। ऊपर के ही उदाहरण में मान लिया जाए कि बच्चे के जन्म के बाद से ही उसके हर वर्षगांठ पर आपने मूल निवेश राशि को 500 रुपए बढ़ा दिया। आखिरी परिणाम क्या होगा? 18 साल में आपका कोष बढ़कर 36 लाख रुपए पर पहुंच जाएगा।

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