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अलर्ट: मोबाइल से हो रही आपके बच्‍चे की 'जासूसी', चुराई जा रही हैं जानकारियां

अकसर देखने को मिला है कि पैरेंट्स अपने बच्‍चों को मोबाइल दे देते हैं और उनकी एक्‍टिविटी पर नजर नहीं रखते हैं।

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नई दिल्‍ली। अकसर देखने को मिला है कि पैरेंट्स अपने बच्‍चों को मोबाइल दे देते हैं और उनकी एक्‍टिविटी पर नजर नहीं रखते हैं।  इसका नतीजा ये होता है कि बच्‍चे फोन में अपनी मनमर्जी करते हैं। लेकिन क्‍या आपको पता है कि उनकी इन हरकतों का फायदा उठाया जा रहा है और बच्‍चों की निजी जानकारियां अवैध तरीके से चुराई जा रही हैं। तो आइए, समझाते हैं कि कैसे  डाटा चुराया जा रहा है।  

 

कैसे हो रहा नुकसान 
दरअसल, वाशिंगटन पोस्‍ट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक गूगल प्‍ले स्‍टोर पर मौजूद करीब 6 हजार मोबाइल ऐप पर रिसर्च किया गया है। इस रिसर्च में पाया गया है कि ये ऐप चाइल्‍ड प्राइवेसी लॉ का उल्‍लंघन कर रहे हैं। यह रिसर्च 7  रिसर्चर ने मिलकर किया है। इनका कहना है गूगल प्‍ले स्‍टोर पर 1000 के करीब ऐप ऐसे हैं जो चाइल्‍ड ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्‍शन एक्‍ट (COPPA) का उल्‍लंघन कर रहे हैं।  इस नियम के तहत 13 साल से छोटे बच्चों का डाटा इक्कठा करना मना है।  

 

ये ऐप गेमिंग से जुड़े 

ये ऐप बच्‍चों को टारगेट बना रहे हैं और उनसे बिना पैरेंट्स की इजाजत के निजी जानकारियां चुराई जा रही है। अहम बात ये है कि जिन ऐप पर निजी जानकारियां चुराने के आरोप हैं वो सभी बच्‍चों के लिए बनाए गए हैं।  इसके साथ ही रिसर्चर का कहना है कि ये ऐप  गेमिंग और लैंग्‍वेज  से जुड़े हुए हैं। इसमें बच्‍चों से कई अलग - अलग सवाल पूछे जा रहे हैं। इन सवालों का जवाब देने में बच्‍चों को बेहद दिलचस्‍प लगता है। लेकिन उनके जवाब के जरिए ऐप निजी जानकारियों को आसानी से ट्रैक कर लेता है।   रिसर्चर के मुताबिक अधिकतर मोबाइल ऐप सीपीपीए द्वारा अनिवार्य डेटा-सुरक्षा उपायों के उल्लंघन कर रहे हैं। ये मानक सुरक्षा उपायों का उपयोग करने में विफल रहते हैं। स्‍टडी के अनुसार 5,855 ऐप्स में से प्रत्येक को औसतन 750,000 बार इंस्‍टॉल किया गया था। आगे पढ़ें - हैरान करने वाली रिपोर्ट 

 

 

हैरान करने वाली रिपोर्ट

 

रिपोर्ट में रिर्सचर ने कुल 5,855 एप्स को टेस्ट किया, जिनमें हैरान करने वाले कुछ आंकड़े सामने आ रहे हैं। इसके मुताबिक 281 एप्स यूजर्स की इजाजत के बिना उनके कानटैक्ट और लोकेशन को एक्सेस कर रहे हैं। वहीं 1100 एप्स यूजर्स की पहचान से जुड़ी जानकारी को थर्ड पार्टी से साझा कर रहे हैं। जबकि 2,281 एप्स गूगल की टर्म्स और पॉलिसीज पर खरे नहीं उतर रहे हैं। 

 

फेसबुक है निशाने पर 

ये खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर 7 करोड़ से ज्‍यादा लोगों के डाटा चोरी करने के आरोप लगे हैं। इस कारण फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग को अमेरिकी सीनेट में तलब भी किया जा चुका है। 

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