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ये हैं 2017 के 5 बड़े स्‍कैंडल, उबर से लेकर गूगल तक की हिल गई नींव

2017 के खत्‍म होने में अब चंद घंटे बचे हैं और नए साल 2018 की शुरुआत होने वाली है।

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नई दिल्‍ली। 2017 के खत्‍म होने में अब चंद घंटे बचे हैं और नए साल 2018 की शुरुआत होने वाली है। 2017 का साल कारोबारी दुनिया के लिए जितना सफल रहा उतना ही विवादित भी रहा। 2017 में सेक्‍स समेत कई ऐसे स्‍कैंडल  हुए जिसके जरिए उबर से लेकर गूगल तक की नींव हिल गई। इन कंपनियों को इस स्‍कैंडल्‍स की भारी कीमत चुकानी पड़ी। आज हम आपको 2017 के कुछ ऐसे ही स्‍कैंडल के बारे में बताने जा रहे हैं। 

#उबर में यौन उत्‍पीड़न का माहौल!  


अमेरिका की कैब  प्रोवाइडर कंपनी उबर इस साल सबसे ज्‍यादा विवादों में रही। इस साल फरवरी में उबर की उबर की एक पूर्व महि‍ला इंजीनि‍यर ने एक ब्‍लॉग पोस्‍ट में कहा था कि‍ कंपनी में यौन उत्‍पीड़न का माहौल है और पीडि़त के लिए बोलने वाले लोगों की कमी है। महिला के इस आरोपों के बाद उबर के  को-फाउंडर और सीईओ ट्रैविस कैलनिक पर कंपनी में यौन उत्पीड़न, लैंगिक भेदभाव के मामले को नजरअंदाज करने का आरोप लगा। उनके खिलाफ लोगों ने मोर्चा खोल लिया और इस्तीफे की मांग तेज हो गई। तमाम विवादों के बाद अगस्‍त में ट्रैविस को इस्‍तीफा देना पड़ा। 

 

#गूगल में जेंडर स्टीरियोटाइप 


इस साल सितंबर में गूगल ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर जेम्स डेमोरे को नौकरी से निकाल देने की वजह से खूब आलोचना झेली। जेम्स डेमोरे ने एक इंटरनल मेमो जारी किया है जिसमें उन्होंने लिखा है, गूगल ने उन्हें नौकरी से इसलिए निकाल दिया क्योंकि उन्होंने कंपनी के अंदर चल रहे जेंडर स्टीरियोटाइप (gender stereotypes) को उजागर किया है। जेम्स डेमोरे ने जो मेमो जारी किया है उस दस्तावेज की हेडिंग गूगल आईडियोलॉजिकल इको चैंबर (google ideological eco chamber) है। इसमें लिखा गया है कि गूगल में महिलाएं उच्च पदों पर सिर्फ इसलिए नहीं है क्योंकि वहां उनके साथ भेदभाव किया जाता है। गूगल में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम आंका जाता है। यह मेमो करीब 10 पन्नों का है। इस मेमो में गूगल पर कई आरोप लगाए गए हैं जिसमें महिलाओं के साथ भेदभाव मुख्य है।

 

 

#याहू के सभी अकाउंट हुए थे हैंक  

इस साल अक्‍टूबर में जांच में पता चला कि वेब सर्विस प्रोवाइडर कंपनी याहू के 2013 में लगभग सभी 3 अरब अकाउंट्स हैक हो गए थे। यह आंकड़ा अब तक के अनुमान से तीन गुना अधिक है और इसे इंटरनेट के इतिहास की सबसे बड़ी सेंधमारी कहा गया । 2013 में हैकर्स ने याहू यूजर्स के नाम, ईमेल एड्रेस, टेलिफोन नंबर, डेट ऑफ बर्थ और पासवर्ड जैसी जरूरी जानकारियां चोरी की थी। आगे पढ़ें - 

#फेसबुक ट्वीटर और गूगल की पेशी 

 

फेसबुक, ट्विटर और गूगल पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव 2016  में गड़बड़ी का आरोप लगा। इन कंपनियों पर आरोप है कि ऑनलाइन माध्‍यम से गलत जानकारी फैलाकर चुनाव अभियान को प्रभावित करने का प्रयास किया। इन मामले में फेसबुक, ट्विटर और गूगल की संसदीय समिति के समक्ष पेशी भी हुई । इस मामले में रूस के दखल की भी आशंका है। 

 

#उबर के 5.7 करोड़ अकाउंट हैक

उबर एक बार फिर आलोचनाओं में घिर गई जब इसी साल अगस्‍त में सीईओ ने 2016 में कंपनी के अकाउंट हैक होने संबंधी बात स्‍वीकार किया । कंपनी ने बताया कि अमेरिकी कंपनी उबर के 5.7 करोड़ अकाउंट हैक कर लिए गए थे। इनमें दुनिया भर में उबर की सेवा ले चुके ग्राहकों का ब्योरा था। साथ ही उबर के लिए काम करने वाले छह लाख अमेरिकी ड्राइवरों के संबंध में जानकारियां थीं। घटना 2016 की है लेकिन उबर ने इस पूरे मामले को दबाए रखने के लिए हैकरों को लगभग 65 लाख रुपए का भुगतान किया। 

 

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