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नया फाइनेंशियल ईयर: आज से शुरू करें टैक्‍स प्‍लानिंग, बचा लेंगे ज्‍यादा पैसा

फाइनेंशियल ईयर 2018-19 शुरू हो गया है। ऐसे में अगर आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपए से अधिक है तो आपको अभी से टैक्‍स प्‍लान

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नई दिल्‍ली. फाइनेंशियल ईयर 2018-19 शुरू हो गया है। ऐसे में अगर आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपए से अधिक है तो आपको अभी से टैक्‍स प्‍लानिंग शुरू कर देनी चाहिए। इनकम टैक्‍स एक्‍ट के मौजूदा नियम के तहत सालाना 2.5 लाख रुपए से अधिक इनकम पर टैक्‍स लगता है।

 

अगर आप नौकरी करते हैं तो आपके लिए ऐसा करना और भी जरूरी है। कंपनियां अप्रैल माह में आपका इन्‍वेस्‍टमेट प्‍लान मांगती हैं। अगर आपने यह प्‍लान नहीं दिया तो कंपनी आपकी इनकम पर टीडीएस काटना शुरू कर देंगी। अगर आप जल्‍द ही टैक्‍स प्‍लानिंग शुरू कर देते हैं तो आपके पास सेविंग या निवेश के लिए ज्‍यादा पैसा बचेगा और आपको कम टैक्‍स देना होगा। 

 

 

समय से टैक्‍स प्‍लानिंग जरूरी 

cleartax की चीफ एडिटर और सीए प्रीति खुराना ने moneybhaskar.com को बताया कि फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में टैक्‍स प्‍लानिंग करना बेहद अहम है। इससे आपको टैक्‍स बचाने के लिए निवेश करने का पर्याप्‍त समय मिलता है। इससे आप पूरे साल टैक्‍स बचाने के विकल्‍पों में थोड़ा थोड़ा निवेश कर सकते हैं। वहीं अगर आप टैक्‍स प्‍लानिंग करने में देरी करते हैं तो बाद में आपको टैक्‍स बचाने के विकल्‍पों मे निवेश के लिए कम समय मिलेगा। हर व्‍यक्ति के लिए कम समय में ज्‍यादा निवेश करना संभव नहीं होता है।

 

टैक्‍स प्‍लानिंग से निवेश के लिए बचेगा ज्‍यादा पैसा 

बैंकबाजारडॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी moneybhaskar.com को बताया कि टैक्‍स प्‍लानिंग आपकी फाइनेंशियल प्‍लालिंग को मजबूत बनाती है। अगर आप सही तरीके से टैक्‍स प्‍लालिंग करते हैं तो आपके पास सेविंग, निवेश या खर्च करने के लिए ज्‍यादा पैसा बचेगा। इसके साथ ही आपको कम टैक्‍स देना होगा। टैक्‍स प्‍लानिंग के लिए सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि आपकी सालाना इनकम पर आपकी टैक्‍स देनदारी कितनी होगी।   

 

सिर्फ टैक्‍स बचाने के लिए न करें निवेश 

आदिल शेट्टी के अनुसार आपको सिर्फ टैक्‍स बचाने के लिए निवेश नहीं करना चाहिए। उदहारण के तौर पर लोग सिर्फ टैक्‍स बचाने के लिए इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी खरीद लेते हैं जबकि वे यह नहीं समझते कि इस पॉलिसी का फीचर क्‍या है या इस पॉलिसी पर उनको कितना रिटर्न मिलेगा। अगर आपको इमरजेंसी में आपकी जरूरत के हिसाब से कवर या रिटर्न नहीं मिलता है तो यह आपके लिए महंगा पड़ सकता है। 

 

जल्‍द करें शुरुआत 

टैक्‍स प्‍लानिंग में सबसे अहम बात है कि आप जल्‍द शुरुआत करें। अपनी टैक्‍स देनदारी को समझें। अपना लॉग टर्म ओर शार्ट टर्म फाइनेंशियल गोल तय करें। इसके बाद अपने फाइनेंशियल गोल को पाने के लिए निवेश के बेहतर विकल्‍प को सेलेक्‍ट करें। इसके बाद निवेश शुरू करें। 


इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍क्‍ीम में अभी से शुरू करें निवेश 

प्रीति खुराना का कहना है कि अगर आपको इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍क्‍ीम में निवेश करना है तो आपको अभी से निवेश शुरू कर देना चाहिए। इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍क्‍ीम में निवेश पर टैक्‍स नहीं लगता है। हालांकि आपको इस बात का ध्‍यान रखना होगा कि इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍कीम में लॉक इन पीरिएड तीन साल का होता है। 

 

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पब्लिक प्रॉविडेंट फंड 

 

टैक्‍स बचाने के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ भी एक शानदार ऑप्‍शन है। आप पीपीएफ में एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश कर सकते हैं। हालांकि आपको पीपीएफ में निवेश करते समय यह पता होना चाहिए अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं तभी इसमें पैसा लगाएं। पीपीएफ अकाउंट 15 साल के लिए होता है।  

 

हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस 

 

प्रीति खुराना के मुताबिक नए फाइनेंशियल ईयर में मेडिकल इन्‍श्‍योरेंस को लेकर इनकम टैक्‍स के नियमों में बदलाव हुआ है। इसके तहत अगर आप अपने लिए अपनी पत्‍नी के लिए, अपने माता पिता के लिए या अपने बच्‍चो के लिए मेडिकल कवर खरीदते हैं तो सालाना 25,000 तक के प्रीमियम पर आपको टैक्‍स छूट मिलेगी। पहले मेडिकल इन्‍श्‍यारेंस प्रीमियम पर टैक्‍स छूट की लिमिट 15,000 थी। ऐसे में आपको अगर आपने खुद के लिए या फैमिली के लिए हेल्‍थ इनश्‍योरेंस कवर नहीं खरीदा है तो अभी खरीद लें। 

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