Home » Personal Finance » Financial Planning » UpdateLabour Ministry Announces Social Security to 50 Crore Workers

50 करोड़ वर्कर्स को सोशल सिक्‍योरिटी: 17.5% हो सकता है इम्‍प्‍लॉयर कंट्रीब्‍यूशन

आने वाले समय में इम्‍पलॉयर्स को कर्मचारियों की सोशल सिक्‍योरिटी के लिए उनकी मंथली इनकम का 17.5 फीसदी कंट्रीब्‍यूट करना प

1 of

नई दिल्‍ली. आने वाले समय में इम्‍प्‍लॉयर्स को कर्मचारियों की सोशल सिक्‍योरिटी के लिए उनकी मंथली इनकम का 17.5 फीसदी कंट्रीब्‍यूट करना पड़ सकता है। इम्‍प्‍लॉयर कंट्रीब्‍यूशन वेज सीलिंग के आधार पर होगा। श्रम मंत्रालय ने लेबर कोड ऑन सोशल सिक्‍योरिटी, 2018 के मसौदे में यह प्रस्‍ताव किया है। केंद्र सरकार 31 मार्च के बाद इस मसौदे को अंतिम रूप देगी। इस स्‍कीम के तहत 50 करोड़ वर्कर्स को सोशल सिक्‍योरिटी मुहैया कराने का प्रावधान है। इसमें संगठित और असंगठित दोनों सेक्‍टर में काम करने वाले वर्कर्स शामिल हैं। 

 

केंद्र सरकार तय करेगी कितना होगा कंट्रीब्‍यूशन 

केंद्र सरकार य‍ह तय करेगी कि इम्‍प्‍लॉयर कंट्रीब्‍यूशन कितना होगा। लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 17.5 फीसदी ही होगी। केंद्र सरकार इस संबंध अलग नोटिफिकेशन जारी करेगी। 

 

इम्‍प्‍लॉई कंट्रीब्‍यूशन की लिमिट 12.5 फीसदी 

मसौदे के मुताबिक, सोशल सिक्‍योरिटी के लिए इम्‍प्‍लॉई कंट्रीब्‍यूशन की अधिकतम लिमिट 12.5 फीसदी होगी। वहीं, अगर इम्‍प्‍लॉई क्‍लास 4 कैटेगरी में आता है तो उसका कंट्रीब्‍यूशन शून्‍य होगा। ऐसे मामलों में इम्‍प्‍लॉयर से सिर्फ सिंगल कंट्रीब्‍यूशन कलेक्‍ट किया जाएगा। 

 

इस कंडीशन में कम हो सकता है इम्‍प्‍लॉयर कंट्रीब्‍यूशन 

अगर इम्‍प्‍लॉयर से किसी तरह का सेस यानी उपकर वसूला जा रहा है तो उसके लिए इम्‍प्‍लॉयर कंट्रीब्‍यूशन की दर कम भी हो सकती है। इसी तरह कोई कंपनी या संस्‍थान अगर ओएसएच स्‍टैंडर्ड के ऊंचे मानकों का मेनेटेन करता है तो उस संस्‍थान या कंपनी के लिए भी इम्‍प्‍लॉयर कंट्रीब्‍यूशन की दर कम हो सकती है। ओएसएच स्‍टैंडर्ड का मतलब ऑक्‍यूपेशनल सेफ्टी और हेल्‍थ से हैं। इसका मतलब है कि जहां पर आप काम करते हैं वहां आपकी और आपके स्‍वास्‍थ्‍य की सुरक्षा के लिए कैसा माहौल है। 

 

ग्रेच्‍युटी फंड में इम्‍पलॉयर को वेज का 2% करना होगा कंट्रीब्‍यूट 

मसौदे में कहा गया कि जिन संस्‍थानों में ग्रेच्‍युटी पेमेंट एक्‍ट लागू होता है उनमें इम्‍प्‍लॉयर्स को वेज यानी वेतन का 2 फीसदी ग्रेच्‍युटी फंड में कंट्रीब्‍यूट करना होगा। अगर कोई वर्कर कांट्रैक्‍ट पर काम कर रहा है तो उस केस में ग्रेच्‍युटी कंट्रीब्‍यूशन के लिए प्रिंसिपल इम्‍प्‍लॉयर जिम्‍मेदार होगा। ग्रेच्‍युटी फंड प्रिसिपल इम्‍प्‍लॉयर के नाम से मेनटेन किया जाएगा न कि इंडीविजुअल कर्मचारी के नाम पर। 

 

 

भारत में हैं कुल 50 करोड़ वर्कर्स 

 

भारत में मौजूदा समय में कुल वर्कफोर्स लगभग 50 करोड़ है। इसमें से 10 फीसदी से कुछ अधिक लोग संगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं। संगठित क्षेत्र में काम करने वालों को कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन और ईएएसआईसी के जरिए सोशल सिक्‍योरिटी मुहैया कराई जा रही है। लेकिन वर्कफोर्स में शामिल वर्कर्स की बड़ी संख्‍या असंगठित क्षेत्र में काम करती है जहां उनको न तो मिनिमम वेज मिलता है और न ही किसी तरह की सोशल सिक्‍योरिटी। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट