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सरकार का एक फैसला, मुकेश अंबानी को छोड़नी पड़ेगी ये कुर्सी

जब भी देश के बड़े अमीरों की बात होती है तो रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी का नाम सबसे पहले आता है।

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नई दिल्‍ली...  जब भी देश के बड़े अमीरों की बात होती है तो रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी का नाम सबसे पहले आता है। मुकेश अंबानी का कारोबार बड़ा है तो जाहिर है जिम्‍मेदारियां भी बड़ी हैं। यही वजह है कि वह आज रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के चेयरमैन के अलावा एमडी का पद भी उन्‍होंने संभाल रखा है। लेकिन सरकार के एक फैसले की वजह से मुकेश अंबानी को अब इन दोनों में से कोई एक पद छोड़ना होगा। तो आइए जानते हैं कि आखिर क्‍या है सरकार का वो फैसला जिस वजह से मुकेश अंबानी के पद में कटौती होगी।  

कितनी है मुकेश अंबानी की संपत्ति 


हाल ही में फोर्ब्‍स की ओर जारी दुनिया भर के अमीरों की ताजा लिस्‍ट में मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप-20 अमीरों की लिस्‍ट में शामिल हो गए हैं। मुकेश अंबानी इस लिस्‍ट में 19वें नंबर पर हैं। उनकी कुल संपत्ति 40 अरब डॉलर (करीब 2.61 लाख करोड़ रुपए) की हो गई है। 2,208 अरबपतियों की ग्लोबल रैंक में मुकेश अंबानी की यह बहुत बड़ी छलांग है। पिछले साल मुकेश अंबानी 33वें स्थान पर थे। तब उनकी संपत्ति 23.2 बिलियन डॉलर थी। वे लिस्ट में 14 पायदान ऊपर गए हैं।  इस लिहाज से सिर्फ 1 साल में मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति में 16.9 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है। 

 

 

क्‍या है फैसला 


दरअसल, मार्केट रेग्‍युलेटर सेबी ने कोटक समिति की उस सिफारिश को मंजूरी दे दी है जिसमें एमडी या CEO के अलावा चेयरमैन के पद अलग- अलग करने की बात कही गई थी। सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने आज अपनी सालाना बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया। 


कब से लागू होगी सिफारिश  


सरकार के अधीन आने वाली सेबी की मंजूरी के बाद भी यह सिफारिश अभी दो साल बाद यानी अप्रैल 2020 से लागू होगी। यह फैसला उन टॉप 500 कंपनियों पर लागू होगा जिनकी मार्केट वैल्‍यू  सबसे अधिक होगी। आगे पढ़ें - किन अरबपतियों को छोड़ना होगा पद 

 

 

कौन - कौन होगा प्रभावित 


इस फैसले के लागू होने के बाद देश की कई बड़ी कंपनियों के बड़े चेहरों को अपना कोई एक पद छोड़ना होगा। इनमें मुकेश अंबानी के अलावा, अजीम प्रेमजी  (विप्रो), वेणू श्रीनिवासन (TVS मोटर्स), सज्‍जन जिंदल (JSW), किशोर बियानी (फ्यूचर रिटेल ) और गौतम अदानी जैसे बड़े अरबपतियों को अपने पद में कटौती करनी होगी। अभी ये लोग चेयरमैन और एमडी या सीईओ की भूमिका एक साथ निभा रहे हैं।

 

डायरेक्टर्स की संख्या होगी सीमित
 

सेबी चीफ ने कहा कि लिस्टेड कंपनियों में डायरेक्टर्स की संख्या अधिकतम 7 होगी। इस नॉर्म्स को 1 अप्रैल, 2020 से लागू किया जाएगा। सेबी ने कहा कि उसकी टेकओवर रेग्युलेशंस में बदलाव की योजना है। इसके तहत एंटिटीज को ओपन ऑफर प्राइस बढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। त्यागी ने कहा कि लिस्टेड कंपनियों को डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की पूरी डिटेल भी एक्सचेंज को देनी होगी।

इनको छोड़नी होगी कुर्सी

इस फैसले के लागू होने के बाद सेंसेक्स की 10 कंपनियों के सीएमडी को अपना कोई एक पद छोड़ना होगा। इनमें मुकेश अंबानी के अलावा, सुनील मित्तल, पवन मुंजाल शामिल हैं। अभी ये लोग चेयरमैन और एमडी की भूमिका एक साथ निभा रहे हैं।

 

कंपनी सीएमडी
रिलायंस इंडस्ट्रीज मुकेश अंबानी
भारती एयरटेल सुनील भारती मित्तल
विप्रो अजीम प्रेमजी
यस बैंक राणा कपूर
इंडसइंड बैंक रोमेश सोबती
हीरो मोटोकॉर्प पवन मुंजाल
ओएनजीसी शशि शंकर
एनटीपीसी गुरदीप सिंह
पावरग्रिड आईएस झा
कोल इंडिया गोपाल सिंह

नोट- येे कंपनियां सेंसेक्स में शामिल हैं।  

 

 

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