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महंगे क्रूड पर भी पेट्रोल 5.75 और डीजल 3.75 रु हो सकता है सस्ता, SBI ने पेश किया नया फार्मूला

अगर राज्‍य बेस प्राइस पर वैट लगाएं तो पेट्रोल लगभग 6 रुपए प्रति लीटर सस्‍ता हो सकता है।

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नई दिल्‍ली।  अगर राज्‍य बेस प्राइस पर वैट लगाएं तो पेट्रोल लगभग 5.75 रुपए प्रति लीटर सस्‍ता हो सकता है। इसी तरह से अगर बेस प्राइस पर वैट लगाने पर डीजल प्रति लीटर 3.75 रुपए प्रति लीटर सस्‍ता हो सकता है। भारतीय स्‍टेट बैंक ने    अपनी एक रिपोर्ट में डीजल और पेट्रोल की कीमतों को कम कम करने और आम जनता को राहत देने के लिए एक नए प्राइसिंग मकैनिज्‍म पर विचार करने का सुझाव दिया है। मौजूदा समय में डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 

राज्‍य बेस प्राइस पर लगाएं वैट 

 

एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि डीजल और पेट्रोल की कीमतों को तार्किक बनाने के लिए नए प्राइसिंग मकैनिज्‍म पर विचार किया जा सकता है। इस मकैनिज्‍म के तहत राज्‍य डीजल- पेट्रोल की बेस प्राइस पर वैट लगाए न कि उस कीमत पर जिसमें केंद्र का टैक्‍स भी शामिल हो। अगर राज्‍य ऐसा करते हैं तो पेट्रोल प्रति लीटर 5.75 रुपए और डीजल 3.75 रुपए प्रति लीटर तक सस्‍ता हो सकता है। 

 

राज्‍यों को होगा 34, 000 करोड़ राजस्‍व का नुकसान 

 

रिपोर्ट के मुताबिक अगर ऐसा होता है तो राज्‍यों को 34,627 करोड़ रुपए के टैक्‍स राजस्‍व का नुकसान उठाना होगा। यह राज्‍यों को राजस्‍व का स्‍थाई नुकसान होगा। मौजूदा समय में राज्‍य डीजल पेट्रोल की उस कीमत पर वैट लगाते हैं जिसमें केंद्र का टैक्‍स भी शामिल होता है। इससे आम उपभोक्‍ताओं तक पहुंचते- पहुंचते डीजल पेट्रोल और महंगा हो जाता है। 

 

राज्‍य वसूल रहे हैं ज्‍यादा टैक्‍स 

 

अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार से डीजल और पेट्रोल पर सेंट्रल एक्‍साइज में कटौती करने की मांग हो रही है। केंद्र सरकार पेट्रोल पर प्रति लीटर 19.18 रुपए और डीजल पर प्रति लीटर 15.33 रुपए फिक्‍स एक्‍साइज ड्यूटी वसूलती है। हालांकि डीजल और पेट्रोल की कीमतों में एक बड़ा हिस्‍सा राज्‍यों द्वारा लगाए गए टैक्‍स का होता है। राज्‍य पेट्रोल और डीजल की खपत पर एड वॉलोरेम टैक्‍स लगाते हैं। गोवा पेट्रोल पर सबसे कम 16.62 फीसदी यह टैक्‍स लगाता है जबकि महाराष्‍ट्र पेट्रोल पर सबसे अधिक 39.27 फीसदी यह टैक्‍स लगाता है। अखिल भारतीय स्‍तर पर इस टैक्‍स का औसत 26.34 फीसदी है। दिलचस्‍प बात यह है कि 17 राज्‍यों ने राष्‍ट्रीय औसत से अधिक रेट पर एड वालेरम टैक्‍स लगाया हुआ है। इसी तरह से डीजल पर एड वॉलोरेम  टैक्‍स रेट का राष्‍ट्रीय औसत 18.58 फीसदी है और आंध्र प्रदेश ने डीजल पर सबसे अधिक 28.47 फीसदी एड वॉलोरेम टैक्‍स लगाया हुआ है।


कीमतें बढ़ने से राज्‍यों को हो रहा है फायदा 

 

दिलचस्‍पत बात यह है कि भारत का क्रूड ऑयल बास्‍केट की औसत कीमत बढ़ने का सीधा फायदा राज्‍यों को हो रहा है। इसका कारण यह है कि राज्‍य डीजल पेट्रोल की बेस प्राइस और सेंट्रल एक्‍साइज को मिला कर जो कीमत आती है उस पर टैक्‍स लगाते हैं। वित्‍त वर्ष 2018 में भारत के क्रूड ऑयल बास्‍केट की औसत कीमत 57 डॉलर प्रति बैरल थी जो बढ़ कर 72 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। 

2019 में कम होगी तेल कीमतें 

 

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में जो गिरावट देखी गई है उसके बरकरार रहने की उम्‍मीद कम है। हमारा मानना है कि तेल कीमतों में गिरावट 2019 में ही आएगी। उस समय तक सऊदी अरब अपनी तेल कंपनी अरामको की लिस्टिंग करा चुका होगा। जब तक लिस्टिंग नहीं हो जाती है तब तक सऊदी अरब यह प्रयास करेगा कि तेल की कीमतें ऊंचे स्‍तर पर बनी रहेंगी। 

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