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बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले ध्‍यान रखेंगे ये बातें, तो नॉमिनी को मिलेगा ज्‍यादा फायदा

पॉलिसी खरीदते समय मन में एक बात चलती है कि परिवार को भविष्‍य में आर्थिक रूप से अच्‍छी सुरक्षा प्रदान कर सकेंगे।

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नई दि‍ल्‍ली. बीमा पॉलिसी खरीदते समय आपके मन में बस एक बात चलती है कि इससे आप अपने परिवार को भविष्‍य में आर्थिक रूप से अच्‍छे से सुरक्षा प्रदान कर सकेंगे। क्‍या आपको पता है कि सिर्फ नॉमिनी के रुप में किसी का नाम बीमा पॉलिसी में दे देने से ही यह सुनिश्चित नहीं हो जाता है कि बीमा की पूरी रकम उस नॉमिनी को मिल ही जाएगी। नॉमिनी को बीमा की रकम मिलने के बाद परिवार के दूसरे सदस्‍य भी इसमें हिस्‍सेदारी मांग सकते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि‍ आपके नॉमि‍नी को पाॅलि‍सी की पूरी रकम और फायदा मि‍ले तो हम बता रहे हैं कुछ आसान टि‍प्‍स। 
आगे पढ़ें : कैसे मि‍लेगा आपके नॉमि‍नी को फायदा 

ऐसे बदला बीमा संशोधन कानून 
 
अब तक नॉमिनी का मतलब बीमा की रकम का दोवदार ही माना जाता था, लेकिन बीमा संशोधन कानून 2015 में सुधार के बाद एक कैटेगरी अलग से बनाई गई है, जिसे बेनिफिशियल नॉमिनी का नाम दिया गया था। इसमें स्‍पष्‍ट कहा गया है कि नॉमिनी के रुप में पति/पत्‍नी, पैरेंट्स या बच्‍चे हो सकते हैं। अगर बीमा खरीदते वक्‍त कोई व्‍यक्ति किसी को बेनिफिशियल नॉमिनी बनाता है तो नए क्‍लॉज के हिसाब से नॉमिनी और बेनिफिशियल नॉमिनी, दोनों का क्‍लेम पर हक होगा।  
आगे पढ़ें : और कोई नहीं कर पाएगा पॉलि‍सी की रकम पर दावा 
बेनिफिशियल नॉमिनी के बाद कोई और नहीं कर सकता दावा 
 
पति बीमा खरीदते वक्‍त अपनी पत्‍नी या बच्‍चे को बेनिफिशियल नॉमिनी बना सकता है। एक बार बेनिफिशियल नॉमिनी के रूप में किसी का नाम दर्ज हो जाने के बाद इस रकम पर कोई और दावा नहीं कर सकता। पॉलिसी जारी रहने के दौर में बेनिफिशियल नॉमिनी के नाम में बदलाव भी किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर तलाक या डेथ होने पर बीमा पॉलिसी में पति/पत्‍नी बेनिफिशियल नॉमिनी का नाम बदल सकते हैं। 
आगे पढ़ें : ये भी है नि‍यम 
पॉलिसी लेते समय यह भी रखें ध्‍यान
 
अगर किसी जीवन बीमा पॉलिसी की प्रक्रिया जारी है और उसमें पैसे का भुगतान किया जाना बाकी है तो बेनिफिशियल नॉमिनी के अलावा पॉलिसीधारक का कोई अन्‍य रिश्‍तेदार भी उस पर दावा कर सकता है। इस तरह की स्थिति से बचने के लिए शादीशुदा महिला प्रॉपर्टी एक्‍ट के सेक्‍शन 6 के तहत पॉलिसी खरीद सकती है। इसमें किसी व्‍यक्ति की पत्‍नी और बच्‍चों को अधिक अधिकार मिलते हैं। 
आगे पढ़ें : बन चुका है नया कानून 

यह है कानून 

 
मैरिड वुमन प्रॉपर्टीज एक्‍ट 1874 के सेक्‍शन 6 के अनुसार किसी शादीशुदा व्‍यक्ति की मृत्‍यु के बाद बीमा आदि से मिलने वाली सुविधा पर उसकी पत्‍नी और बच्‍चों का ही हक है। बीमा के लिए आवेदन करते समय ही मैरिड वुमन प्रॉपर्टीज एक्‍ट के हिसाब से नॉमिनी बनाया जाना चाहिए, बाद में इसमें कोई बदलाव करना संभव नहीं है।   
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