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आंगनवाड़ी वर्कर्स को PF फैसिलिटी मिलना मुश्किल , महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने किया विरोध

आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स को पीएफ और मेडिकल फैसिलिटी मिलना मुश्किल हो गया है।

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नई दिल्‍ली। आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स को पीएफ और मेडिकल फैसिलिटी मिलना मुश्किल हो गया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी वर्कर्स को ईपीएफ एक्‍ट के तहत सोशल सिक्‍योरिटी कवर मुहैया कराने के खिलाफ राय दी है। हालांकि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर अभी फैसला करना है। 

 

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने क्‍या कहा 

 

आंगनवाड़ी वर्कर्स ओर आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स को पीएफ और मेडिकल फैसिलिटी देने के प्रस्‍ताव पर लेबर मिनिस्‍ट्री की सलाह पर कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई है। इस बैठक में महिला बाल विकास के प्रतिनिधियों ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स ऑनरेरी वर्कर्स के तौर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में अपने एक फैसले में कहा था कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स सिविल पोस्‍ट पर नहीं है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि ऐसे में आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स को ईपीएफ एंड एमपी एक्‍ट, 1952 के तहत सोशल सिक्‍योरिटी कवर मुहैया कराना संभव नहीं होगा। 

 

क्‍या था प्रस्‍ताव 

 

वित्‍त मंत्री की अगुवाई वाले अंतर मंत्रालय समूह के आदेश पर असंग‍ठित क्षेत्र जैसे आंगनवाड़ी, मिड डे मील वर्कर्स ओर आशा वर्कर्स को सोशल सिक्‍योरिटी मुहैया कराने के मुद्दे पर लेबर सेक्रेटरी की अध्‍यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने ऐसे वर्कर्स को चरणबद्ध तरीके से सोशल सिक्‍योरिटी कवर मुहैया कराने की सिफारिश की थी। पहले चरण में 26 लाख आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स को भी सोशल सिक्‍योरिटी कवर देने की बात कही गई थी। 

 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्‍ट्रीज ने दी थी मंजूरी 

 

आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स को सोशल सिक्‍योरिटी कवर मुहैया कराने प्रस्‍ताव को सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्‍टीज सीबीटी मंजूरी दे चुकी है। इस प्रस्‍ताव में कहा गया था कि पीएफ में वर्कर्स और सरकार दोनों का कंट्रीब्‍यूशन 10-10 फीसदी होगा। सीबीटी ईपीएफओ के बारे में फैसले लेने वाली शीर्ष बॉडी है। इसके चेयरमैन लेबर मिनिस्‍टर हैं। 

 

मानदेय को माना जाएगा सैलरी 

 

कमेटी ने सिफारिश की थी कि केंद्र सरकार द्वारा आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्‍पर्स के लिए तय किए गए मानदेय को ही वेज यानी वेतन माना जाएगा। और इसके आधार पर उनका  पीएफ कंट्रीब्‍यूशन कैलकुलेट किया जाएगा। अलग अलग राज्‍य अपने यहां वर्कर्स को अलग अलग मानदेय देते हैं। 

 

 

 

आंगनवाड़ी और मिड डे मील वर्कर्स लंबे समय से करे हैं मांग 

 

आंगनवाड़ी और मिड डे मील वर्कर्स लंबे समय से पीएफ और मेडिकल फैसिलिटी की मांग कर रहे हैं। ट्रेड यूनियन भी उनकी मांगों का समर्थन कर रही हैं। पिछले साल भारतीय मजदूर संघ के साथ हुई सरकार की बातचीत में सरकार ने इन वर्कर्स को पीएफ और मेडिकल फैसिलिटी देने की मांग पर सहमति जताई थी। इसके बाद वित्‍त मंत्री की अगुवाई में एक अंतर मंत्रालय समूह का गठन किया गया था। 

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