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10 तारीख तक अकाउंट हो जाता है खाली तो करें ये 4 काम, 20 दिन में दिखेगा फायदा

जॉब करने वाले लोगों की सैलरी जब उनके अकाउंट में क्रेडिट होती है तो उसके चंद दिनों में ही उसका बड़ा हिस्‍सा खर्च हो जाता

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नई दिल्‍ली। आमतौर पर जॉब करने वाले लोगों की सैलरी जब उनके अकाउंट में क्रेडिट होती है तो उसके चंद दिनों में ही उसका बड़ा हिस्‍सा खर्च हो जाता है। जिस वजह से आपका सैलरी अकाउंट खाली हो जाता है और पूरे महीने पैसों की किल्‍लत रहती है। लेकिन आज हम आपको कुछ खास टिप्‍स बताने जा रहे हैं जिसके जरिए आप अपनी सैलरी को प्‍लानिंग के तहत खर्च कर सकते हैं। इससे आपका अकाउंट खाली भी नहीं होगा और इसके ढेरों फायदे आपको तुरंत देखने को मिलेंगे।

 

फाइनेंशियल प्‍लानर तारेश भाटिया ने moneybhaskar.com को बताया कि सैलरी आने से पहले उसकी प्‍लानिंग करें। । उन्‍होंने बताया कि सबसे पहले महीने के खर्चों को कहीं लिख लें। इसके बाद आप उस हिसाब से अपनी सैलरी को चार हिस्‍सों में डिवाइड कर दें। 


ये चार हिस्‍से हैं - 
10 फीसदी अपने लिए
30 फीसदी ग्रॉसरी पर 
40 फीसदी डिपेंडेंड के लिए 
20 फीसदी लॉन्‍ग टर्म इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए 

 

इसको ऐसे समझें.... 


सैलरी का 10 फीसदी अपने लिए


उदाहरण के लिए अगर आपकी मंथली सैलरी 30 हजार रुपए है। तो सबसे पहले अपनी सैलरी का  10 फीसदी हिस्‍सा खुद के लिए रख लें। इन 10 फीसदी हिस्‍से को आप अपनी लाइफ स्‍टाइल पर खर्च कर सकते हैं। इसमें आप पार्टी एंज्‍वॉय या मूवी देखना या फिर पर्सनल यूज के प्रोडक्‍ट खरीद सकते हैं । 


क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट 


हालांकि तारेश भाटिया इस पैसे को किसी सही जगह इस्‍तेमाल पर जोर देते हैं। उन्‍होंने कहा कि लाइफस्‍टाइल खर्चे में कटौती कर आप इसी 10 फीसदी अमाउंट से फ्यूचर प्‍लानिंग कर सकते हैं। इसमें फाइनेंशियल एक्‍सपर्ट भी आपकी मदद कर सकते हैं। 


30 फीसदी ग्रॉसरी पर खर्च 


भाटिया आगे कहते हैं कि सैलरी का 30 फीसदी हिस्‍सा ग्रॉसरी पर खर्च के लिए अलग कर दें। ग्रॉसरी में घर के राशन से लेकर अन्‍य घरेलू खर्च शामिल हैं। 

 

आगे पढें- सैलरी मैनेजमेट के और टिप्‍स 


 

40 फीसदी डिपेंडेंड के लिए 


उन्‍होंने आगे कहा कि अब अपनी सैलरी का  40 फीसदी हिस्‍सा अपने डिपेंडेड के लिए रख लें। अगर आप शादीशुदा हैं तो बच्‍चे और पत्‍नी या फिर पैरेंट्स के लिए यह अमाउंट बेहद यूजफुल होगा। उन्‍होंने कहा कि इस 40 फीसदी में आपके बच्‍चे की स्‍कूल फीस या पत्‍नी के पर्सनल खर्च या फिर पैरेंट्स के खर्च शामिल हैं। 

 

20 फीसदी इन्‍वेस्‍टमेंट 


इसके अलावा बचे सैलरी के 20 फीसदी हिस्‍से को आप लॉन्‍ग टर्म सेविंग के लिए इन्‍वेस्‍ट कर सकते हैं। भाटिया ने इसके लिए इंश्‍योरेंस लेने और एसआईपी में निवेश की सलाह दी है। 

 

लोन या ईएमआई की स्थिति में 
हालांकि उन्‍होंने ये भी कहा कि अगर आपका लोन या ईएमआई कटता है तो इसके लिए जरुरी है कि आप अपने पर्सनल खर्च के लिए रखे गए अमाउंट का हिस्‍सा यूज करें।  

 

 

  

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