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Home » Personal Finance » Financial Planning » Step To Step GuideWhat Is GPF, How Is It Different From PF And PPF

GPF पर मिलता है 8% सालाना ब्याज, टैक्स में भी मिलती है छूट, इस योजना में बना सकते हैं बड़ा फंड

PF, PPF और GPF में है फर्क

What Is GPF, How Is It Different From PF And PPF
  • GPF का फायदा केवल सरकारी कर्मचारियों को ही मिलता है और वह भी रिटायरमेंट के वक्त।
  • इस योजना में जमा पैसे और ब्याज दर को टैक्स के दायरे से बाहर रखा है।
  • सरकार ने GPF पर ब्याज दर अप्रैल-जून तिमाही के लिए 8 फीसदी पर बरकरार रखा है।

नई दिल्ली.

पीएफ और पीपीएफ की ही तरह एक और योजना है जिसमें लोग निवेश करके अपने लिए अच्छा फंड तैयार कर सकते हैं। यह है जीपीएफ (GPF) यानी जनरल प्रॉविडेंट फंड। कर्मचारी अपनी सैलरी में से न्यूनतम 6 फीसदी हिस्सा इसमें जमा कर सकते हैं, जिसे वे अपने रिटायरमेंट के समय निकाल सकते हैं। इस योजना में जमा पैसे और ब्याज दर को टैक्स के दायरे से बाहर रखा है। हाल ही में सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) और अन्य संबंधित योजनाओं पर ब्याज दर अप्रैल-जून तिमाही के लिए 8 फीसदी पर बरकरार रखा है।

 

 

एक तरह का प्रॉविडेंट फंड है GPF

GPF एक तरह का प्रोविडेंट फंड अकाउंट ही है लेकिन यह हर तरह के इंप्लॉइज के लिए नहीं होता है। GPF का फायदा केवल सरकारी कर्मचारियों को ही मिलता है और वह भी रिटायरमेंट के वक्त। इसका फायदा लेने के लिए सरकारी कर्मचारियों को अपनी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा जीपीएफ में डालना होता है। सरकारी कर्मचारियों के एक निश्चित वर्ग के लिए जीपीएफ में योगदान करना अनिवार्य है।

 

ऐसे करता है काम

GPF अकाउंट में सरकारी कर्मचारी को इंस्टॉलमेंट में एक निश्वित वक्त तक योगदान देना होता है। अकाउंट होल्डर GPF खोलते वक्त नॉमिनी भी बना सकता है। अकाउंट होल्डर को रिटायरमेंट के बाद इसमें जमा पैसों का भुगतान किया जाता है, वहीं अगर अकाउंट होल्डर को कुछ हो जाए तो नॉमिनी को भुगतान किया जाता है।

 

लोन भी होता है ब्याज मुक्त

GPF से लोन लेने की भी सुविधा है और खास बात यह है कि लोन ब्याज मुक्त होता है. कोई कर्मचारी अपने पूरे करियर में कितनी ही बार GPF से लोन ले सकता है यानी इसकी कोई निश्चित संख्या नहीं है.

 

PF और PPF से है अलग

PF (Provident Fund) अकाउंट किसी भी इंप्लॉई का हो सकता है। फिर वह सरकारी नौकरी में हो या प्राइवेट। इसे इंप्लॉयर द्वारा खोला जाता है और इंप्लॉई व इंप्लॉयर दोनों की ओर से 12-12 फीसदी का योगदान दिया जाता है। इंप्लॉयर के 12 फीसदी में से 8.33 फीसदी इंप्लॉई की पेंशन में जाता है। इंप्लॉई अपने PF फंड को जरूरत पड़ने पर निकाल सकता है।

PPF (Public Provident Fund) अकांउट को कोई भी नागरिक खुद से खुलवा सकता है। इसके लिए उसका इंप्लॉई होना जरूरी नहीं है। यह सेविंग्स कम टैक्स सेविंग्स अकाउंट होता है। इसका फायदा यह है कि इसमें होने वाला डिपॉजिट टैक्स फ्री रहता है, उस पर मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसे पर भी टैक्स नहीं लगता है। PPF का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है। इसमें सालाना 500 रुपए के न्यूनतम निवेश से लेकर 1.5 लाख रुपए तक का अधिकतम निवेश किया जा सकता है। PPF पर इस वक्त ब्याज दर 8 फीसदी है।

वहीं जीपीएफ में सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही अकाउंट खुलवा सकता है और यह कर्मचारी के रिटायरमेंट के समय मैच्योर होता है।

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