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अप्रेजल के समय एचआर से करें ये बात, पीएफ से लेकर इलाज तक में होगा फायदा

अगले कुछ दिनो में अप्रैल माह आने वाला है। इस माह में कंपनियां इम्‍पलाई का अप्रेजल करती हैं।

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 नई दिल्‍ली। अगले कुछ दिनो में अप्रैल माह आने वाला है। इस माह में कंपनियां इम्‍पलाई का अप्रेजल करती हैं। कई कंपनियों ने तो अपने कर्मचारियों से अप्रेजल फॉर्म भी भरवाना शुरू कर दिया है। ऐसे में अगर आप का अप्रैजल अप्रैल माह में होने वाला है तो आप भी अलर्ट हो जाएं। अप्रेजल का मतलब सिर्फ इन्‍क्रीमेंट ही नहीं होता है। अप्रैजल के दौरान अगर आप अलर्ट रहते हैं आपको पीएफ से लेकर इलाज तक में फायदा होगा। 

 

 

इन्‍क्रीमेंट 

अप्रैजल की प्रक्रिया के दौरान आप अपने रिपोटिंग हेड या एचआर से इन्‍क्रीमेंट की बात तो करते होंगे। लेकिन आपका इन्‍क्रीमेंट कितना होना चाहिए इस बात पर लोग ज्‍यादा ध्‍यान देते हैं। इस वजह से वे कई बार कई ऐसी दूसरी चीजों को इग्‍नोर कर देते हैं जो उनको आसानी से मिल सकती हैं। और इसके फायदे भी हैं। 

 

बेसिक सैलरी पर करें बात 

 

अगर आप कांट्रैक्‍ट पर नौकरी कर रहे हैं तो हो सकता है कि आपकी बेसिक सैलरी फिक्‍स हो। लेकिन अगर आप पेरोल पर हैं तो नियम के मुताबिक आपकी बेसिक सैलरी हर साल बढ़नी चाहिए। आप को अप्रैजल से पहले अपनी सैलरी स्लिप चेक करनी चाहिए। अगर आपको लगता है कि आपकी ग्रॉस सैलरी के हिसाब से बेसिक सैलरी कम है तो आपको अप्रेजल की प्रकिया के दौरान एचआर से इस बारे में बात करनी चाहिए। आपको एचआर को यह बात समझानी चाहिए कि मेरे लिए बेसिक सैलरी का स्‍ट्रक्‍चर मैटर करता है। ओर आप चाहते हैं कि इन्‍क्रीमेंट के बाद आपकी बेसिक सैलरी भी बढ़नी चाहिए न‍ कि सिर्फ दूसरे अलाउंसेस। ज्‍यादा संभावना इस बात की है कि एचआर आपकी बात को तवज्‍जो देगा और आपकी बेसिक सैलरी भी रिवाइज होगी। 

 

बैंकबाजारडॉटकॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने moneybhaskar.com को बताया कि ज्‍यादा बेसिक सैलरी आपके लिए अच्‍छी हो सकती है। इसका मतलब है कि आपके पीएफ में ज्‍यादा पैसा जाएगा। हालांकि इससे आपकी टेक होम सैलरी कम हो जाती है। अगर आपकी सैलरी में टैक्‍स बचाने के लिए कंपोनेंट नहीं हैं तो बेहतर है कि आप ज्‍यादा बेसिक सैलरी का विकल्‍प चुनें। 

 

आगे पढ़े- कैसे होगा आपको फायदा 

पीएफ के मोर्चे पर होगा फायदा 

 

आपका मंथली प्रॉविडेंट फंड कंट्रीब्‍यूशन सीधे बेसिक सैलरी से जुड़ा होता है। इम्‍परलाई की बेसिक सैलरी प्‍लस डीए का 12 फीसदी हर माह पीएफ अकाउंट में जाता है। इम्‍लाई की बेसिक सैलरी प्‍लस डीए का 12 फीसदी ही कंपनी पीएफ में कंट्रीब्‍यूट करती है। अगर आपकी बेसिक सैलरी नहीं बढ़ती है या बेसिक सैलरी बहुत कम है तो आपका पीएफ कम कटेगा जिससे आपके रिटायरमेंट फंड में कम पैसा जाएगा और लंबी अवधि में आपको नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं अगर आपकी बेसिक सैलरी ठीक है तो आपके पीएफ में कंट्रीब्‍यूशन ज्‍यादा होगा जिससे आपके रिटायरमेंट फंड में ज्‍यादा पैसा जाएगा जिसका फायदा आपको रिटायरमेंट के बाद मिलेगा जब आपको पीएफ का पैसा मिलेगा। 

 

मेडिकल कवर 

 

ज्‍यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों को मेडिकल इन्‍श्‍योरेंस की सुविधा देती हैं। मेडिकल कवर कितने का होगा यह इम्‍पलाई के ग्रेड पर निर्भर करता है। कई कंपनियों में अप्रैजल के समय अपने आप ग्रेड रिवाइज हो जाता है। इससे इम्‍पलाई का मेडिकल कवर भी बढ़ जाता है। अगर आपका ग्रेड रिवाइज नहीं हो रहा है तो आपको अप्रैजल के समय एचआर से बात करनी चाहिए। इससे ज्‍यादा संभावना है कि अप्रैजल के समय ही आपका ग्रेड रिवाइज हो जाए और आपका मेडिकल कवर बढ़ जाए। इससे अगर आपको या परिवार के सदस्‍य को इलाज कराना पड़ता है तो आपके पास ज्‍यादा राशि का मेडिकल कवर होगा। 

 

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