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ट्रेड यूनियन उठाएंगी​ ज्‍यादा पेंशन का मुद्दा, 21 फरवरी को होगी सीबीटी की बैठक

ट्रेड यूनियन के मेंबर कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्‍टी (सीबीटी) की बैठक में ज्‍यादा पेंशन

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नई दिल्‍ली। ट्रेड यूनियन के मेंबर कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्‍टी (सीबीटी) की बैठक में ज्‍यादा पेंशन का मुद्दा उठाने की तैयारी कर रहे हैं। सीबीटी की बैठक 21 फरवरी को हो रही है। बैठक में सीबीटी वित्‍त वर्ष 2017-18 के लिए इम्‍पलाईज प्रॉविडेंट फंड पर ब्‍याज दर तय करने सहित कई मुद्दों पर विचार करेगी। वित्‍त वर्ष 2016-17 के लिए ईपीएफओ ने ईपीएफ पर 8.65 फीसदी ब्‍याज दिया था। 

 

सीबीटी मेंबर उठाएंगे ज्‍यादा पेंशन का मुद्दा 

 

इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रेसीडेंट और सीबीटी मेंबर जी संजीव रेड्डी ने moneybhaskar.com को बताया कि हम सीबीटी की मीटिंग में ज्‍यादा पेंशन का मुद्दा उठाएंगे। सरकार का इस मसले पर जल्‍द से जल्‍द स्थिति साफ करनी चाहिए। पिछली सीबीटी मीटिंग में केंद्रीय श्रम मंत्री ने आश्‍वासन दिया था कि वे इस मसले पर ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों से अलग से बात करेंगे लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ के महासचिव विरजेश उपाध्‍याय का कहना है कि ज्‍यादा पेंशन का मामला पिछली सीबीटी बैठक में भी उठा था। हम इस बैठक में भी इस पर सरकार से अनिश्चितता खतम करने की मांग करेंगे।  

 

सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है ज्‍यादा पेंशन का मसला 

 

वहीं ईपीएफओ के सेंट्रल पीएफ कमिश्‍नर डॉ वीपी जॉय का कहना है कि ज्‍यादा पेंशन का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। यह मामला सीबीठी की बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं है। हालांकि अगर ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि ज्‍यादा पेंशन का मुद्दा बेठक में उठाना चाहते हैं तो वे उठा सकते हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पीएफ मेंबर्स को मिला है मौका 
 
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अपने एक आदेश में कहा है कि ईपीएफओ को पीएफ मेंबर्स को पेंशन फंड में पूरी सैलरी पर कंट्रीब्‍यूशन का ऑप्‍शन देना होगा। इसका मतलब है कि जिन लोगों ने 1 सितंबर, 2014 से पहले नौकरी ज्‍वाइन की है वे अपनी पूरी सैलरी पर पेंशन फंड में कंट्रीब्‍यूट कर सकते हैं। वे इसके लिए अपनी कंपनी और ईपीएफओ के पास आवेदन कर सकते हैं। हालांकि ईपीएफओ का कहना है कि अब यह प्रॉविजन खत्‍म कर दिया गया है और जिन लोगों ने इस प्रॉविजन के तहत कंट्रीब्‍यूशन किया है उनको ही ज्‍यादा पेंशन मिल सकती है। जिन लोगों ने कंट्रीब्‍यूशन नहीं किया है उनको ज्‍यादा पेंशन नहीं मिल सकती है। फिलहाल यह मामल सुप्रीम कोर्ट चल रहा है और ईपीएफओ इस मसले पर अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है। 

 

आगे पढें- किसको नहीं मिल सकती है ज्‍यादा पेंशन 

 

 

 

इनको नहीं मिल सकती ज्‍यादा पेंशन 
 

अगर आपने सितंबर 2014 के बाद प्राइवेट सेक्टर में नौकरी ज्वॉइन की है तो पेंशन फंड में ज्‍यादा कंट्रीब्यूशन का ऑप्शन आपके लिए नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सितंबर 2014 में वेज लिमिट 15,000 रुपए तय की थी। आपकी कंपनी 15,000 रुपए का 12 फीसदी ही पीएफ में कंट्रीब्यूट कर सकती है। इसका 8.33 फीसदी यानी 1250 रुपए ही आपके पेंशन फंड में जाता है। कंपनी के कंट्रीब्यूशन का बाकी पैसा इम्प्लाइज प्रॉविडेंट फंड में जाता है। 

 

नहीं मिल सकती 7500 से ज्‍यादा पेंशन 
 

अगर आप संगठित क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ)  के सदस्‍य हैं तो मौजूदा नियमों के तहत आपको अधिकतम 7500 रुपए ही पेंशन मिल पाएगी। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि मौजूदा समय में एम्पलाई प्रॉविडेंट फंड स्कीम के तहत अधिकतम वेज लिमिट 15000 रुपए है। अगर यह लिमिट फ्यूचर में नहीं बढ़ती है तो आप की अधिकतम पेंशन 7500 रुपए ही होगी। 

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