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PPF पर ब्‍याज में कटौती EPF पर पड़ेगी भारी, 2018 में आपको चुकानी होगी कीमत

केंद्र सरकार ने हाल में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ पर ब्‍याज दर 7.8 फीसदी से घटा कर 7.6 फीसदी कर दी है।

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दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने हाल में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ पर ब्‍याज दर 7.8 फीसदी से घटा कर 7.6 फीसदी कर दी है। पीपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट में कटौती इम्‍लाइज प्रॉविडेंट फंड ईपीएफ पर भारी पड़ सकती है। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (ईपीएफओ) जनवरी 2018 में जब ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट तय करने बैठेगा तो उस पर पीपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट और ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट के बीव संतुलन बनाने का दबाव होगा। पीपीएफ ओर ईपीएफ के बीच इंटरेस्‍ट रेट का गैप बढ़ कर 105 बेसिस प्‍वाइंट हो गया है। ऐसे में इसका नुकसान ईपीएफओ के करोड़ों पीएफ मेंबर्स को कम इंटरेस्‍ट रेट के तौर पर उठाना पड़ सकता है । यानी ईपीएफ पर 2017-18 के लिए इंटरेस्‍ट रेट  कम हो सकती है। पिछले साल ईपीएफ पर 8.65 फीसदी इंटरेस्‍ट रेट घोषित किया गया था। 

 

जनवरी में हो सकती है सीबीटी की बैठक 

 

ईपीएफओ के बारे में फैसले लेनी वाली शीर्ष संस्‍था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्‍टी सीबीटी की बैठक 5 जनवरी को संसद का सत्र समाप्‍त होने के बाद हो सकती है। इस बैठक में ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट तय करने पर विचार होना है। ईपीएफओ के सेंट्रल पीएफ कमिश्‍नर डॉ वीपी जॉय ने moneybhaskar.com को बताया कि सीबीटी मीटिंग की डेट पर फैसला श्रम मंत्री करेंगे। वहीं सीबीटी मेंबर एडी नागपाल का कहना है कि पिछली सीबीटी मीटिंग के जो मिनट्स आए हैं उसमें कहा गया है कि अगली सीबीटी की मीटिंग दिसंबर में होगी। दिसंबर खत्‍म हो गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि 5 जनवरी को संसद का सत्र समाप्‍त होने के बाद सीबीटी की मीटिंग होगी। इइसमें ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट तय करने पर भी विचार किया जाएगा। 

 

 

घट सकता है ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट 

 

ईपीएफओ ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट पीएफ फंड के निवेश से मिलने वाले रिटर्न के आधार पर तय करता है। ईपीएफओ के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार पिछले कुछ सालों के दौरान सरकारी सिक्‍योरिटीज पर रिटर्न लगातार घट रहा है। ईपीएफओ निवेश योग्‍य पीएफ फंड का 85 फीसदी हिस्‍सा सरकारी सिक्‍योरिटीज में ही निवेश करता है। ऐसे में ईपीएफओ के लिए पिछले साल तय किया गया 8.65 फीसदी इंटरेस्‍ट रेट बनाए रखना भी मुश्किल होगा। 

 

 

वित्‍त मंत्रालय की मंजूरी है जरूरी 

 

ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट के बारे में फैसला ईपीएफओ करता है। लेकिन श्रम मंत्रालय इसे मंजूरी के लिए वित्‍त मंत्रालय के पास भेजता है। ऐसे में ईपीएफओ को इंटरेस्‍ट रेट पर फैसला लेते समय इस बात का ध्‍यान रखना होगा कि ऐसे समय में जब सरकार स्‍माल सेविंग स्‍क्‍ीमों पर इंटरेस्‍ट रेट में लगातार कटौती कर रही है तो ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट स्‍माल सेविंग स्‍क्‍ीमों के इंटरेस्‍ट रेट से बहुत ज्‍यादा न हो। इससे पहले भी वित्‍त मंत्रालय ईपीएफ पर इंटरेस्‍ट रेट के मसले पर अपनी अलग राय जाहिर कर चुका है। 

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