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PF डाटा लीक होने से खतरे में है आपका आधार, बैंक अकाउंट और पीएफ अकाउंट, रहें अलर्ट

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन की वेबसाइट aadhaar epfoservices.com से मेंबर्स का डाटा चोरी हो गया है।

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नई दिल्‍ली। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन EPFO की वेबसाइट aadhaar epfoservices.com से मेंबर्स का डाटा चोरी हो गया है। ऐसे में लगभग 17 करोड़ मेंबर्स की पर्सनल डिटेल ऐसे हाथों में पहुंचने का खतरा पैदा हो गया जो इस पर्सनल डिटेल का मिसयूज कर सकते हैं। यहां तक कि मेंबर्स की पर्सनल डिटेल हासिल कर फ्रॉड करने वाले लोग उनके पीएफ अअकाउंट से पैसा भी निकाल सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि ईपीएफओ के डाटा बेस में आपकी कौन सी डिटेल होती है और यह डिटेल चोरी होने से आपको क्‍या नुकसान हो सकता है। 

 

डाटा लीक का क्‍या है मतलब  

भारतीय स्‍टेट बैंक के रिटायर्ड सीजीएम सुनील पंत ने moneybhaskac.com को बताया कि आपकी सारी पर्सनल डिटेल लीक होने का सबसे बड़ा खतरा यह है कि आपका बैंक अकाउंट हैक हो सकता है। आपके बैंक अकाउंट से पैसा निकाला जा सकता है। इसके अलावा इससे आपकी पहचान पर कोई दूसरा आदमी गैर कानूनी गतिविधियों को अंजाम दे सकता है जिससे आप मुश्किल में फंस सकते हैं। यह एक तरह से आपकी केवाईसी डिटेल लीक होने का मामला है।

 

आधार 

ईपीएफओ के ज्‍यादातर मेंबर्स ने ईपीएफओ डाटा बेस में अपना आधार नंबर फीड कराया है। ऑनलाइन पीएफ विद्ड्रॉअल और ऑनलाइन पीएफ ट्रांसफर कराने के लिए आपको अपने यूनीवर्सल अकाउंट नंबर के अगेंस्‍ट आधार डिटेल फीड कराना जरूरी है। ऐसे में पीएफ डाटा लीक होने से आपका आधार भी सुरक्षित नहीं है। क्‍योंकि आपके पीएफ डाटा के साथ आपकी अकाउंट डिटेल को हासिल किया जा सकता है। इससे फ्रॉड करने वाले लोग आपकी आधार पहचान का मिसयूज कर सकते हैं और आप मुश्किल में फंस सकते हैं। 

 

बैंक अकाउंट नंबर 

 

ईपीएफओ के डाटा बेस में आपका बैंक अकाउंट नंबर भी होता है। तब आप पीएफ विद्ड्रॉअल करते हैं तो ईपीएफओ की ओर से आपके इसी बैंक अकाउंट में पैसा जमा कराया जाता है। पीएफ डाटा लीक होने से आपका बैंक अकाउंट भी गलत हाथों में पड़ सकता है। अगर आप नेट बैंकिंग करते हैं और आपके यही बैंक अकाउंट नंबर पीएफ डाटा बेस में दिया है तो आपके बैंक अकाउंट में फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है। आम तौर पर लोग पीएफ डाटा बेस में मोबाइल नंबर भी फीड कराते हैं। अगर यही मोबाइल नंबर आपके नेट बैकिंग अकाउंट से लिंक है तो इससे फ्रॉड का खतरा और बढ़ जाता है। 

 

डेट ऑफ बर्थ और फादर का नाम 

आपके पीएफ डाटा बेस में आपकी डैट ऑफ बर्थ और फादर का नाम भी होता है। आपकी डेट ऑफ बर्थ और फादर का नाम आपकी पर्सनल डिटेल है। इसका गलत हाथों में पड़ना आपके लिए नुकसान दायक हो सकता है। अगर किसी को आपके मोबाइल नंबर के साथ आपकी कई पर्सनल डिटेल मिल जाती है तो वह इसका मिसयूज कर सकता है। 

 

पीएफ अकाउंट पर खतरा 

अगर किसी को आपका आधार, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी डेट ऑफ बर्थ और पीएफ अकाउंट नंबर मिल जाता है तो इससे आपके पीएफ अकाउंट पर फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है। कुछ ऐसे मामले हुए है जिसमें लोगों ने धोखाधड़ी के जरिए दूसरे के पीएफ अकाउंट से पैसा निकाल लिया है। ईपीएफओ ने हाल में पीएफ क्‍लेम में धोखाधड़ी के खतरे पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए हैं। इसके तहत अब पीएफ विदड्रॉअल के मामलों का एम्‍पलॉयर के लेवल भी वेरिफिकेशन किया जा रहा है। 

 

EPFO ने कहा, उसके डाटा सेंटर से नहीं लीक हुआ है डाटा 

 

वहीं लेबर मिनिस्‍ट्री की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईपीएफओ के डाटा सेंटर से कोई डाटा लीक नहीं हुआ है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। ईपीएफओ मेंबर्स के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क है और हर संभव कदम उठा रहा है। 

 

आधार डाटा है सुरक्षित 

 

इस बीच यूआईडीएआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईपीएफओ की वेबसाइट aadhaar epfoservices.com का यूआईडीएआई से कोई संबध नहीं है। आधार डाटा कहीं भी लीक नहीं हुआ है। आधार डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है। 

 

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