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इन्‍क्रीमेंट के साथ हर साल नहीं बढ़ रही है आपकी बेसिक सैलरी तो PF में होगा लाखों का नुकसान

किसी कंपनी में 20 या इससे अधिक कर्मचारी हैं तो कंपनी के लिए कर्मचारी का पीएफ काट कर सरकार के पास जमा कराना जरूरी है।

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नई दिल्‍ली। अगर आप प्राइवेट सेक्‍टर में नौकरी करते हैं और इन्‍क्रीमेट के साथ हर साल आपकी बेसिक सैलरी रिवाइज नहीं हो रही है तो आपको इसकी कीमत प्रॉविडेंट फंड में बड़े नुकसान के तौर पर चुकानी होगी। लंबी अवधि में इससे आपको पीएफ के मोर्चे पर लाखों रुपए का नुकसान उठाना होगा। ऐसे में आपको इन्‍क्रीमेंट के बाद अपनी सैलरी स्लिप कर लेनी चाहिए कि आपकी बेसिक सैलरी रिवाइज हुई है कि नहीं। 

 

क्‍या है नियम 

 

ईपीएफ एक्‍ट, 1952 के तहत अगर किसी कंपनी में 20 या इससे अधिक कर्मचारी हैं तो कंपनी के लिए कर्मचारी का पीएफ काट कर सरकार के पास जमा कराना जरूरी है। नियम के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी हर माह पीएफ फंड में जाता है। कंपनी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी पीएफ में कंट्रीब्‍यूट करती है ऐसे में अगर आपकी बेसिक सैलरी कम है तो आपका पीएफ भी कम कटेगा। इससे लंबी अवधि में आपको लाखों रुपए का नुकसान होगा। आज हम आपको बता रहे हैं कि आपको इस नुकसान से बचने के लिए क्‍या करना चाहिए। 

 

चेक करें अपनी सैलरी स्लिप 
 

अगर आप प्राइवेट सेक्‍टर में नौकरी करते हैं तो सबसे पहले अपनी सैलरी स्लिप चेक करें। अगर आपकी आपकी बेसिक सैलरी आपकी कुल सैलरी का 10 से 30 फीसदी तक है तो इसका मतलब है कि आपकी बेसिक सैलरी काफी कम है। ऐसे में आपका पीएफ भी कम कट रहा होगा। इससे आपकी पीएफ में रिटायरमेंट के समय तक कम पैसा इकठ्ठा होगा। जो आपकी रिटायरमेंट की बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त नहीं होगा। 

 

आपके पास क्‍या हैं ऑप्‍शन 

 

मौजूदा समय में वेज की कोई तय परिभाषा नहीं है। कंपनियां इसका फायदा उठा कर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी जानबूझ कर कम रखती हैं। बाकी सैलरी वे तमाम तरह के भत्‍तो में बांट देती हैं। ऐसे में आप कंपनी को बाध्‍य नहीं कर सकते हैं कि वह आपकी बेसिक सैलरी आपके हिसाब से तय करे। लेकिन आप अपनी कंपनी में एचआर डिपार्टमेंट से यह अनुरोध कर सकते हैं कि आपकी बेसिक सैलरी कम है और आपके अप्रेजल के समय आपकी बेसिक सैलरी को रिवाइज किया जाए। एचआर डिपार्टमेंट अगर बात को समझते हुए आपकी बेसिक सैलरी को बढ़ा सकता है। इससे आपका पीएफ ज्‍यादा कटेगा और आपके पीएफ फंड में ज्‍यादा रकम इकठ्ठा होगी। 

अपनी बेसिक सैलरी पर रखें नजर 

 
आम तौर पर लोग इन्‍क्रीमेंट के समय इस बात पर फोकस करते हैं कि उनकी सैलरी कितनी बढ़ी। लेकिन इसके साथ ही आपको इस बात पर भी ध्‍यान देना चाहिए कि इन्‍क्रीमेंट के बाद आपकी बेसिक सैलरी बढ़ रही है या नहीं। अगर लगातार कई सालों तक आपकी बेसिक सैलरी नहीं बढ़ रही है तो इससे आपको पीएफ के लिहाज से भारी नुकसान उठाना होगा। ऐसे में आप एचआर डिपार्टमेंट में यह बता सकते हैं कि कई सालों से आपकी बेसिक सैलरी रिवाइज नहीं हो रही है और आप चाहते हैं कि आपकी बेसिक सैलरी बढें। 

नौकरी बदलने पर भी चेक करें अपना सैलरी स्‍ट्रक्‍चर 

 

नौकरी बदलने पर आम तौर पर लोग टोटल सैलरी पर ज्‍यादा ध्‍यान देते हैं जिसे आजकल कॉस्‍ट टू कंपनी यानी सीटीसी कहा जाता है। लेकिन आप नई कंपनी में सैलरी पर बात करते समय सैलरी स्‍ट्रक्‍चर पर भी बात करें। आप उनको बता सकते हैं कि आप चाहते हैं कि बेसिक सैलरी ज्‍यादा हो। इससे कंपनी आपका सैलरी स्‍ट्रक्‍चर तय करते समय इस बात का ध्‍यान रखेगी और आपकी बेसिक सैलरी ज्‍यादा रखेगी। 

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